नाजिया इलाही खान को फिर मिली धमकी, पाकिस्तान नंबर से WhatsApp मैसेज-वॉइस नोट भेजने का आरोप
Digital UP News Desk
गाजियाबाद: सुप्रीम कोर्ट की वकील और बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। नाजिया के मुताबिक, कोलकाता पहुंचने के बाद उन्हें पाकिस्तान के एक नंबर से लगातार WhatsApp कॉल, मैसेज, वॉइस नोट और कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें भेजी गईं। मामले की जानकारी उन्होंने कोलकाता एसटीएफ, दिल्ली पुलिस और गाजियाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दी है। पुलिस और साइबर क्राइम से जुड़े अधिकारियों ने भी उनसे घटना के संबंध में जानकारी ली है।
नाजिया इलाही खान के अनुसार, गुरुवार रात करीब 12:33 बजे पाकिस्तान के नंबर से उनके मोबाइल पर लगातार कई कॉल आईं। शुरुआत में उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद उसी नंबर से उन्हें एक वॉइस नोट और कुछ तस्वीरें तथा वीडियो भेजे गए। उनका आरोप है कि वॉइस नोट में उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई और उनकी लोकेशन तथा परिवार से जुड़े कुछ पतों की जानकारी होने का दावा किया गया।
पाकिस्तान नंबर से लगातार आए कॉल और संदेश
नाजिया ने बताया कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने WhatsApp के जरिए संपर्क किया। उनके मुताबिक, खुद को राणा हुनैन उर्फ राणा भाई बताने वाले व्यक्ति ने वॉइस नोट भेजा। इसमें कथित तौर पर उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी होने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
नाजिया का कहना है कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद राणा का गुर्गा बताया। हालांकि, इस दावे और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद नाजिया ने धमकी से जुड़े ऑडियो, संदेश और अन्य डिजिटल सामग्री सुरक्षित रखी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
‘मेरी जान को खतरा है’
नाजिया इलाही खान ने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और इससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी है। उनका कहना है कि उनके पास धमकी से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित है।
वकील के मुताबिक, उन्हें अक्सर किसी शहर में पहुंचने के कुछ समय बाद अज्ञात नंबरों से कॉल या संदेश मिलने लगते हैं। जब वह किसी संदिग्ध कॉल को रिसीव नहीं करतीं, तो इसके बाद वॉइस नोट और वीडियो भेजे जाने का दावा उन्होंने किया है।
नाजिया ने बताया कि इस बार भी कोलकाता पहुंचने के बाद उन्हें पाकिस्तान के नंबर से संपर्क किया गया। इसके बाद उन्होंने स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस को भी मामले की जानकारी दी।
कोलकाता एसटीएफ और पुलिस अधिकारियों को दी जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए नाजिया ने कोलकाता एसटीएफ को घटना के बारे में बताया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है। साइबर क्राइम से जुड़े अधिकारियों ने भी उनसे जानकारी ली है।
फिलहाल, धमकी किस व्यक्ति या समूह की ओर से भेजी गई और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह जांच का विषय है। डिजिटल माध्यम से भेजे गए संदेशों और कॉल की जांच के जरिए संबंधित नंबरों तथा अन्य तकनीकी जानकारियों का पता लगाने की कोशिश की जा सकती है।
इससे पहले भी नाजिया इलाही खान को कथित तौर पर धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों को लेकर भी जांच चल रही है। ऐसे में नए धमकी प्रकरण को लेकर भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नाजिया ने कुछ लोगों और संगठनों पर जताई आशंका
नाजिया इलाही खान ने कुछ लोगों और संगठनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आशंका जताई है कि उनकी गतिविधियों और आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी देने वालों को उनकी लोकेशन या अन्य व्यक्तिगत जानकारी कैसे मिली।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव के दौरान उनकी सार्वजनिक गतिविधियों और बयानों को लेकर कुछ लोग उन्हें निशाना बनाना चाहते हैं। हालांकि, इस आशंका के समर्थन में अभी कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
साइबर जांच से सामने आ सकती है पूरी सच्चाई
ऐसे मामलों में WhatsApp कॉल, मोबाइल नंबर, डिजिटल संदेश और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच का अहम हिस्सा होते हैं। इसलिए संबंधित एजेंसियां यदि तकनीकी जांच आगे बढ़ाती हैं तो धमकी भेजने वाले नंबर के इस्तेमाल, उसकी लोकेशन और उससे जुड़े अन्य डिजिटल सुरागों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।
फिलहाल नाजिया इलाही खान की शिकायत और उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच का इंतजार है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी के पीछे कौन लोग हैं और उनके उद्देश्य क्या थे।
नाजिया ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, मामले में सामने आने वाले तकनीकी साक्ष्य जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

