कानपुर ट्रांसपोर्ट नगर में CM ग्रिड की सड़क पर गड्ढे में गिरकर व्यापारी हुआ था घायल, व्यापारियों ने जताई नाराजगी – पढ़िए चेयरमैन का भरोसा

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Digital UP News

कानपुर: शहर में मुख्यमंत्री ग्रिड (CM Grid) परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण और खुदाई के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ताजा मामला ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र का है, जहां किड्स जी स्कूल के सामने निर्माण के लिए खोदी गई सड़क पर बने गड्ढे में गिरने से एक कर्मचारी घायल हो गया। घायल कर्मचारी की पहचान अजय नगर निवासी के रूप में बताई गई है।

घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकीय जांच में पैर में गंभीर चोट की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। घायल के मुताबिक, इलाज पर अब तक करीब दो लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। वहीं, घटना के बाद व्यापारिक संगठनों ने सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और गड्ढों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग उठाई है।

ट्रांसपोर्ट नगर में कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्ट नगर निवासी कर्मचारी अजय नगर अपने घर से मोतीझील स्थित कार्यालय की ओर जा रहे थे। इसी दौरान किड्स जी स्कूल के सामने CM Grid निर्माण के लिए खोदी गई सड़क के हिस्से में बने गड्ढे में वह गिर गए।

अजय नगर के मुताबिक, घटना 8 सितंबर को हुई। हादसे में उनके घुटने और पैर के आसपास चोट आई। घटना के बाद उन्हें काफी दर्द महसूस हुआ। शुरुआत में उन्होंने स्थिति सामान्य होने की उम्मीद की, लेकिन अगले दिन भी दर्द कम नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने चिकित्सक से संपर्क किया और जांच कराई।

डॉक्टरों की जांच के बाद पैर में गंभीर चोट होने की जानकारी दी गई। घायल का कहना है कि उपचार के दौरान अब तक दो लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है। हालांकि, इलाज से संबंधित खर्च और चोट की पूरी चिकित्सकीय स्थिति का अंतिम आकलन संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।

निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

घायल अजय नगर ने आरोप लगाया कि सड़क पर CM Grid निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। उनका कहना है कि सड़क पर मौजूद गड्ढे के कारण उन्हें हादसे का सामना करना पड़ा।

निर्माणाधीन सड़कों पर आमतौर पर लोगों की आवाजाही को देखते हुए बैरिकेडिंग, संकेतक और सुरक्षित मार्ग जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में किसी निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग की ओर से स्थल का निरीक्षण किया जाना जरूरी माना जाता है।

हालांकि, हादसे के कारण और निर्माण स्थल पर उस समय सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक जांच या संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इसलिए फिलहाल घायल के आरोपों को शिकायत के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

व्यापारिक संगठनों ने जताई नाराजगी

मामले की जानकारी मिलने के बाद व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी नाराजगी जताई। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि व्यापारियों और आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि CM Grid निर्माण के दौरान कई स्थानों पर सड़क की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। व्यापारियों के अनुसार, निर्माण कार्य के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और खुले गड्ढों जैसी स्थिति से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

व्यापारिक संगठन ने मांग की है कि निर्माण कार्य वाली सड़कों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं और जहां काम पूरा हो चुका है, वहां सड़क को जल्द सामान्य स्थिति में लाया जाए।

डीसीपी साउथ कार्यालय में तहरीर देने की तैयारी

व्यापारियों की ओर से अजय नगर के घर के बाहर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिए जाने की बात भी सामने आई है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में सोमवार को डीसीपी साउथ कार्यालय पहुंचकर तहरीर देने की तैयारी है।

तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से मामले की जांच की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। यदि निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई शिकायत दर्ज होती है तो उसके आधार पर संबंधित अधिकारियों या जिम्मेदार एजेंसी से जानकारी ली जा सकती है।

दीपावली से पहले सड़कों की मरम्मत की मांग

व्यापारिक संगठनों ने दीपावली से पहले शहर की प्रमुख सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सड़कें सुगम और सुरक्षित होना जरूरी है।

संगठन की ओर से कहा गया है कि CM Grid के तहत जहां निर्माण कार्य चल रहा है, वहां काम को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही जिन स्थानों पर गड्ढे या अन्य निर्माण संबंधी अवरोध हैं, वहां लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं।

व्यापारियों का कहना है कि यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार करेगा। इस संबंध में व्यापारिक संगठनों की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा भी की गई।

बर्रा उद्योग व्यापार मंडल ने सहयोग का भरोसा दिया

इसी क्रम में बर्रा उद्योग व्यापार मंडल दक्षिण के चेयरमैन नितिन अग्निहोत्री ने व्यापारियों को सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल व्यापारियों के साथ हर परिस्थिति में खड़ा रहेगा।

नितिन अग्निहोत्री ने कहा कि यदि किसी व्यापारी को किसी सरकारी विभाग के अधिकारी की ओर से अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो व्यापार मंडल उसके साथ खड़ा होकर संबंधित विषय को उचित स्तर पर उठाएगा। उन्होंने व्यापारियों के हितों से जुड़े मामलों में संगठन की ओर से सहयोग जारी रखने की बात कही।

उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को संबंधित विभागों और अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए संगठन सक्रिय भूमिका निभाएगा। हालांकि, किसी अधिकारी पर लगाए जाने वाले किसी भी आरोप की पुष्टि संबंधित शिकायत और जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

CM Grid निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अहम

CM Grid जैसे सड़क निर्माण कार्यों में यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। इसलिए निर्माण एजेंसियों के लिए कार्यस्थल को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण होता है। इसके तहत आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जरूरत होती है।

ट्रांसपोर्ट नगर की घटना के बाद व्यापारियों ने इसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण का काम विकास के लिए जरूरी है, लेकिन इसके साथ नागरिकों और व्यापारियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

फिलहाल अजय नगर के घायल होने के मामले में उनके आरोप और व्यापारिक संगठनों की मांग सामने आई है। संबंधित विभाग की ओर से घटना और निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।

कुल मिलाकर, कानपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में CM Grid निर्माण स्थल पर गड्ढे में गिरकर कर्मचारी के घायल होने की घटना ने सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्य की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। व्यापारिक संगठन सड़क की मरम्मत, सुरक्षा इंतजाम और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। अब संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर है।

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