संतकबीरनगर में धनघटा पुलिस ने गुमशुदा वृद्ध को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा

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रिपोर्ट… शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा गुमशुदा व्यक्तियों की सकुशल बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना धनघटा पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस टीम ने कई दिनों से लापता चल रहे एक वृद्ध व्यक्ति को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। वृद्ध की बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।

पुलिस के अनुसार, थाना धनघटा क्षेत्र के उमरिया पाण्डेय गांव निवासी रामसागर पुत्र मनोहर 6 सितंबर 2026 को बिना किसी को बताए घर से कहीं चले गए थे। निर्धारित समय तक जब वह वापस घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के सदस्यों ने अपने स्तर से आसपास के इलाकों और संभावित स्थानों पर उनकी काफी तलाश की, लेकिन वृद्ध का कोई पता नहीं चल सका।

परिजनों ने पुलिस से लगाई थी मदद की गुहार

काफी खोजबीन के बाद भी रामसागर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर उनके परिवार की ओर से थाना धनघटा में प्रार्थना पत्र दिया गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रामसागर घर से निकलने के बाद वापस नहीं आए हैं और उनके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना धनघटा पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस द्वारा गुमशुदगी संख्या 49/2026 दर्ज की गई और वृद्ध की तलाश के लिए टीम गठित कर प्रयास शुरू किए गए।

पुलिस टीम ने शुरू की तलाश

गुमशुदगी दर्ज होने के बाद थाना धनघटा पुलिस ने वृद्ध की तलाश के लिए उपलब्ध सूचनाओं और संभावित स्थानों के आधार पर खोजबीन शुरू की। पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए वृद्ध के बारे में जानकारी जुटाई। इसके साथ ही संभावित स्थानों पर तलाश की गई और उपलब्ध सुरागों के आधार पर उनकी खोज आगे बढ़ाई गई।

पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना पुलिस ने मामले को प्राथमिकता के साथ लिया। परिणामस्वरूप पुलिस के अथक प्रयासों के बाद 25 सितंबर 2026 को रामसागर को सकुशल बरामद कर लिया गया।

25 सितंबर को सकुशल मिले रामसागर

थाना धनघटा पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर को गुमशुदा वृद्ध रामसागर को सकुशल बरामद किया गया। उनकी बरामदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

वृद्ध के सुरक्षित मिलने की जानकारी जैसे ही परिवार के लोगों को मिली, उनकी चिंता दूर हुई। कई दिनों से रामसागर की तलाश में परेशान परिजनों के लिए उनकी सकुशल बरामदगी राहत देने वाली रही। पुलिस की कार्रवाई के बाद परिवार ने वृद्ध को अपने साथ ले लिया।

पुलिस की तत्परता से परिवार को मिली राहत

गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के मामलों में समय पर पुलिस कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस मामले में भी थाना धनघटा पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज होने के बाद तलाश की प्रक्रिया शुरू की और लगातार प्रयास करते हुए वृद्ध को सकुशल बरामद किया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनपद में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश और उनकी सुरक्षित बरामदगी के लिए अभियान जारी है। इसी क्रम में थाना धनघटा पुलिस द्वारा भी गुमशुदगी के मामलों में गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि किसी व्यक्ति के अचानक लापता होने की स्थिति में परिजनों को बिना देरी किए पुलिस को सूचना देनी चाहिए। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को तलाश और संबंधित कार्रवाई शुरू करने में मदद मिलती है। साथ ही परिजनों को भी अपने स्तर से संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाने के साथ पुलिस के संपर्क में रहना चाहिए।

उ0नि0 अनिल राय की रही भूमिका

गुमशुदा वृद्ध रामसागर की सकुशल बरामदगी में थाना धनघटा पुलिस टीम ने प्रयास किया। बरामदगी टीम में उपनिरीक्षक अनिल राय शामिल रहे। पुलिस टीम की तत्परता और लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप वृद्ध को सकुशल बरामद किया जा सका।

पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच यह कार्रवाई सामने आई है। वृद्ध की सकुशल बरामदगी के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद रामसागर अपने परिवार के बीच सुरक्षित हैं। वहीं, कई दिनों से उनकी तलाश में जुटे परिजनों को भी राहत मिली है। थाना धनघटा पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की गई है।

निष्कर्ष: धनघटा पुलिस की तत्परता और लगातार तलाश के प्रयासों से 6 सितंबर से लापता चल रहे रामसागर को 25 सितंबर को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने उन्हें आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया।

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