मेरठ में स्वास्थ्य सेवाओं और काली नदी प्रदूषण को लेकर सपा का प्रदर्शन, CMO कार्यालय पर सौंपा ज्ञापन

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रिपोर्ट: मनीष पाराशर

मेरठ। जनपद में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं और काली नदी के प्रदूषण से जुड़े मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी युवजन सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। सपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए नारेबाजी की और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के नियमित निरीक्षण और ऑडिट, दवाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता की जांच तथा पैरामेडिकल स्टाफ की तकनीकी दक्षता का परीक्षण कराने की मांग की गई। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच सुविधाओं की अनुपलब्धता तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संसाधन बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

काली नदी के आसपास के गांवों में स्वास्थ्य समस्याओं का मुद्दा

सपा नेताओं ने काली नदी के प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई। सम्राट मलिक ने कहा कि सिवालखास विधानसभा क्षेत्र में काली नदी के आसपास स्थित पिठलोकरा, पांचली, पारसी, किनौनी, उकरसिया और जितोला समेत कई गांवों में दूषित पानी को लेकर ग्रामीणों के बीच स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं।

सम्राट मलिक ने अपने बयान में दावा किया कि इन क्षेत्रों में कैंसर और त्वचा संबंधी बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को प्रभावी स्तर पर जांच और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने, पानी की गुणवत्ता की जांच कराने तथा गंभीर बीमारियों से प्रभावित लोगों के लिए उपचार की समुचित व्यवस्था करने की मांग की।

हालांकि, इन बीमारियों और काली नदी के प्रदूषण के बीच प्रत्यक्ष कारणात्मक संबंध की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य विभागीय जांच आवश्यक है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर पानी, मिट्टी और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का अध्ययन महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

सपा युवजन सभा के प्रदेश महासचिव एवं जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक ने मेरठ की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता और जांच सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है।

उन्होंने विशेष रूप से ब्लॉक स्तर के सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनों की व्यवस्था तथा चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की। सपा नेता का कहना है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़े, इसके लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को पर्याप्त संसाधनों से लैस किया जाना चाहिए।

निजी अस्पतालों में दवाओं की कीमतों का मुद्दा

ज्ञापन में निजी अस्पतालों में मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने के तरीके का मुद्दा भी उठाया गया। सम्राट मलिक ने मांग की कि चिकित्सकों को पर्चे पर ब्रांड नाम के साथ दवाओं का साल्ट यानी जेनेरिक नाम भी स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए, ताकि मरीज अपनी सुविधा और बजट के अनुसार दवा खरीद सकें।

उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में अस्पताल या संबद्ध मेडिकल स्टोर पर दवाओं की कीमत बाजार की तुलना में काफी अधिक हो सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस दवा के लिए निजी अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर करीब 5,000 रुपये लिए जाते हैं, वही दवा बाहर के बाजार में लगभग 1,000 से 1,500 रुपये के बीच उपलब्ध हो सकती है। हालांकि, दवाओं की वास्तविक कीमत ब्रांड, संरचना, पैकिंग और बाजार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए ऐसे मामलों की जांच संबंधित विभाग द्वारा बिल और बाजार दरों के आधार पर की जानी चाहिए।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने की मांग

सम्राट मलिक ने राज्यपाल से मेरठ जिले और विशेष रूप से सिवालखास विधानसभा क्षेत्र के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी या मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाने की मांग रखी, जहां कैंसर समेत गंभीर बीमारियों का उपचार कम लागत पर या जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने ब्लॉक स्तरीय सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, आधुनिक जांच उपकरणों की उपलब्धता और चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होने से मरीजों को शुरुआती स्तर पर ही उपचार मिल सकेगा और बड़े अस्पतालों पर दबाव भी कम किया जा सकता है।

सात दिन में कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी

सपा प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं और काली नदी से जुड़े मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की मांग की। सम्राट मलिक ने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के ठोस कदम दिखाई नहीं देते हैं, तो समाजवादी पार्टी बड़े जनआंदोलन का रास्ता अपनाएगी।

फिलहाल, सपा की ओर से उठाए गए मुद्दों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं उपकरणों की उपलब्धता, दवाओं की पारदर्शी व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और काली नदी के आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संबंधी जांच प्रमुख हैं। इन मांगों पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगा।

बाइट: सम्राट मलिक, सपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य

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