रायबरेली में अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर बयान, कहा- चुनाव नुचवा भी देख लिया – विस्तार से पढ़ें आगे क्या कहा?
Digital UP News
रायबरेली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रायबरेली में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए। 24 सितंबर 2026 को अपनी पीडीए रथयात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त पर इतने बड़े आरोप लगाए जा रहे हैं तो उन्हें स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने अपने बयान में कहा, “मुंह नुचवा तो हम लोगों ने सुना था, अब चुनाव नुचवा भी देख लिया।”
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब समाजवादी पार्टी और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। हालांकि, चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए राजनीतिक आरोपों को संबंधित पक्षों के बयानों और उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
रायबरेली में पीडीए रथयात्रा के दौरान दिया बयान
अखिलेश यादव 24 सितंबर को अपनी पीडीए रथयात्रा के साथ रायबरेली पहुंचे थे। रिपोर्टों के अनुसार, यह यात्रा उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच शुरू की गई है। रायबरेली में उन्होंने पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।
इसी दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सवाल पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने इस्तीफे की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जब किसी संवैधानिक संस्था से जुड़े पदाधिकारी पर इतने बड़े आरोप लग रहे हों, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को स्वयं पद छोड़ देना चाहिए। यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी और मांग है, जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से रखा।
क्या कहा अखिलेश यादव ने?
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि “मुंह नुचवा तो हम लोगों ने सुना था, अब चुनाव नुचवा भी देख लिया।” इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उनके इस बयान की रिपोर्ट कई समाचार माध्यमों ने की है।
उन्होंने इससे पहले भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं। 23 और 24 सितंबर को दिए गए उनके बयानों में चुनाव प्रक्रिया और आयोग की भूमिका को लेकर आपत्तियां दर्ज की गईं।
हालांकि, इन बयानों में लगाए गए राजनीतिक आरोपों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। चुनाव प्रक्रिया से संबंधित किसी भी आरोप पर अंतिम स्थिति संबंधित जांच, दस्तावेजों और निर्वाचन आयोग अथवा न्यायिक संस्थाओं के आधिकारिक निर्णयों से ही स्पष्ट होती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना
अखिलेश यादव के बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का संदर्भ था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।
यह मामला इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। हालांकि, आगामी चुनाव के परिणाम या किसी दल की स्थिति को लेकर किसी तरह का निष्कर्ष निकालना इस समय उचित नहीं होगा।
चुनाव आयोग को लेकर सपा की शिकायतें
समाजवादी पार्टी की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर कुछ शिकायतें भी सामने आई हैं। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी ने बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन-2026 में आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन दिया है। पार्टी की ओर से एक सरकारी कर्मचारी पर भाजपा प्रत्याशी के प्रचार का आरोप लगाया गया है। यह आरोप पार्टी की ओर से लगाया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं बताई गई है।
इससे पहले भी अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सार्वजनिक बयान दिए हैं। 23 सितंबर को उन्होंने चुनाव आयुक्तों के बीच कथित असहमति से संबंधित रिपोर्ट का हवाला देते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक आयोग की ओर से कहा गया है कि मतभेद होने के बावजूद फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।
2027 चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। समाजवादी पार्टी ने रायबरेली से पीडीए रथयात्रा शुरू की है। इस यात्रा के जरिए पार्टी अपने राजनीतिक कार्यक्रम और संगठनात्मक गतिविधियों को जनता के बीच ले जा रही है।
रायबरेली में अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के अलावा अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी की चुनावी रणनीति और पीडीए से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया। अलग-अलग राजनीतिक दल आगामी चुनाव को लेकर अपने कार्यक्रम और अभियान चला रहे हैं।
बयान के बाद फिर चर्चा में चुनाव आयोग
अखिलेश यादव के ताजा बयान के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। उनके बयान का मुख्य केंद्र मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवाल रहे।
हालांकि, चुनाव आयोग से जुड़े किसी भी आरोप या शिकायत की वास्तविक स्थिति जानने के लिए आधिकारिक दस्तावेज और संबंधित संस्थाओं की कार्रवाई देखना महत्वपूर्ण है। राजनीतिक नेताओं के बयान अपने-अपने पक्ष और दृष्टिकोण को सामने रखते हैं, जबकि किसी आरोप की पुष्टि अलग प्रक्रिया के माध्यम से होती है।
फिलहाल रायबरेली में अखिलेश यादव के बयान ने चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए “चुनाव नुचवा” वाली टिप्पणी की। वहीं, चुनाव प्रक्रिया से संबंधित आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित आधिकारिक प्रक्रियाओं और रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

