CEC ज्ञानेश कुमार का यूपी दौरा स्थगित, मेरठ-वाराणसी में Gen-Z से होना था संवाद

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Digital UP News

नई दिल्ली/लखनऊ: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश में मेरठ और वाराणसी का प्रस्तावित दौरा स्थगित कर दिया गया है। ज्ञानेश कुमार को 25 सितंबर को मेरठ और 28 सितंबर 2026 को वाराणसी में युवाओं, खासकर Gen-Z यानी युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के साथ संवाद करना था। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूची, मतदान और डिजिटल मतदाता सेवाओं के बारे में जानकारी देना था।

हालांकि, कार्यक्रम स्थगित होने के बाद इसे लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा तेज हो गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेद और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रमों की तारीख में बदलाव को इस विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग के अनुसार कार्यक्रमों को स्थगित करने का निर्णय 21 सितंबर को ही लिया गया था।

मेरठ और वाराणसी में क्या था कार्यक्रम?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ में 25 सितंबर को निर्वाचन साक्षरता क्लब यानी ELC 2.0 और ECINET से संबंधित क्षेत्रीय सम्मेलन में शामिल होने का कार्यक्रम था। इसके अलावा उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ संवाद करना था।

वहीं, 28 सितंबर को वाराणसी में युवाओं के साथ संवाद प्रस्तावित था। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवा मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया, मतदाता पंजीकरण, मतदान और डिजिटल माध्यमों से उपलब्ध मतदाता सेवाओं की जानकारी देने की योजना थी।

दरअसल, निर्वाचन आयोग की ओर से युवाओं के बीच मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए ELC 2.0 जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी देना है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

कार्यक्रम स्थगित होने के बाद उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि कार्यक्रमों की तारीख में बदलाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के एक अधिकारी के अनुसार कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव कई कारणों से हो सकता है, जिनमें आयोजन स्थल की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्रम और प्राकृतिक परिस्थितियां शामिल हैं।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक आयोग ने बताया कि मेरठ और वाराणसी के क्षेत्रीय ELC सम्मेलनों को स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को लिया गया था और इसकी आधिकारिक जानकारी भी उसी दिन संबंधित अधिकारियों को दी गई थी।

इसलिए फिलहाल यह कहना कि Gen-Z के संभावित सवालों या विरोध के कारण ही CEC का दौरा रद्द किया गया, आधिकारिक रूप से पुष्ट जानकारी नहीं है।

SIR विवाद के बीच क्यों बढ़ी चर्चा?

CEC का उत्तर प्रदेश दौरा ऐसे समय स्थगित हुआ है, जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

हाल ही में चुनाव आयोग के भीतर अलग-अलग राय और कुछ फैसलों को लेकर लिखित आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान कई मामलों में लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग विचार सामने आना आंतरिक विचार-विमर्श का हिस्सा है और अंतिम फैसले आयोग द्वारा लिए जाते हैं।

इसी पृष्ठभूमि में विपक्षी दलों की ओर से भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक दलों के आरोपों और आयोग के आधिकारिक पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।

Gen-Z से संवाद का क्या था उद्देश्य?

मेरठ और वाराणसी में प्रस्तावित कार्यक्रम केवल राजनीतिक चर्चा के लिए नहीं थे। इनका मूल उद्देश्य युवा मतदाताओं में चुनावी जागरूकता बढ़ाना था।

मेरठ में ELC 2.0 और ECINET से जुड़े कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी दी जानी थी। वहीं वाराणसी में युवाओं को मतदान, डिजिटल चुनावी सेवाओं और मतदाता संबंधी सुविधाओं के बारे में जानकारी देने की योजना थी।

इस तरह के कार्यक्रमों में युवा मतदाताओं को यह समझाने पर जोर दिया जाता है कि मतदाता सूची में नाम कैसे दर्ज कराया जाता है, मतदान की प्रक्रिया क्या है और निर्वाचन संबंधी सेवाओं का डिजिटल माध्यम से इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।

अगस्त में भी युवाओं से संवाद कर चुके हैं CEC

ज्ञानेश कुमार इससे पहले अगस्त 2026 में भी Gen-Z के साथ संवाद कर चुके हैं। उस कार्यक्रम में निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूची, मतदान और चुनाव आयोग की भूमिका से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई थी। इसी क्रम में ELC 2.0 कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई थी।

इसके बाद मेरठ और वाराणसी में क्षेत्रीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने थे। लेकिन अब दोनों कार्यक्रम स्थगित हो गए हैं।

CJP के अल्टीमेटम का भी जिक्र

CEC के प्रस्तावित दौरे के बीच Cockroach Janta Party (CJP) नाम के एक समूह की ओर से भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस समूह ने इस्तीफे के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए विरोध प्रदर्शन की बात कही थी।

हालांकि, CJP की मांग और कार्यक्रम स्थगित होने के बीच सीधा संबंध स्थापित करने वाली कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए दोनों घटनाओं को जोड़कर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

कार्यक्रम की नई तारीख कब होगी?

फिलहाल मेरठ और वाराणसी में प्रस्तावित कार्यक्रमों की नई तारीख की घोषणा नहीं हुई है। चुनाव आयोग की ओर से यह भी कहा गया है कि कार्यक्रमों को स्थगित करने का फैसला पहले ही लिया जा चुका था।

ऐसे में अब यह देखना होगा कि युवाओं के साथ प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम कब दोबारा आयोजित किए जाते हैं। खासतौर पर उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले युवा मतदाताओं को लेकर निर्वाचन जागरूकता कार्यक्रमों का महत्व बढ़ गया है।

SIR पर जारी बहस के बीच नजरें आगे के कार्यक्रम पर

उत्तर प्रदेश में SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस जारी है। ऐसे समय में CEC का Gen-Z के साथ प्रस्तावित संवाद स्थगित होने से इस घटनाक्रम पर ध्यान गया है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय 21 सितंबर को लिया गया था और आयोग ने इसे सामान्य प्रशासनिक कारणों से होने वाला बदलाव बताया है।

कुल मिलाकर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का 25 सितंबर का मेरठ और 28 सितंबर का वाराणसी कार्यक्रम फिलहाल स्थगित हो गया है। दोनों जगह उन्हें युवा मतदाताओं से संवाद करना था। कार्यक्रमों की नई तारीख अभी सामने नहीं आई है। वहीं, SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के कारण इस स्थगन की चर्चा जरूर बढ़ गई है।

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