हापुड़ के केयर हॉस्पिटल में नवजात की मौत पर हंगामा, परिजनों ने स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप
रिपोर्ट – यतेंद्र भारद्वाज।
हापुड़: नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित केयर हॉस्पिटल में नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों और तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्रसव के दौरान अस्पताल में मौजूद सफाई कर्मचारी से डिलीवरी कराई गई, जिसके बाद नवजात की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, हापुड़ नगर कोतवाली क्षेत्र के केयर हॉस्पिटल में एक महिला को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उपचार और प्रसव की प्रक्रिया के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। इसी बीच नवजात की हालत बिगड़ने की बात सामने आई और बाद में उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्रसव जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सकीय प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई। परिवार की ओर से दावा किया गया कि डिलीवरी कराने की जिम्मेदारी अस्पताल के किसी प्रशिक्षित चिकित्सकीय कर्मचारी के बजाय सफाई कर्मचारी को दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते उचित चिकित्सकीय देखभाल और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता तो शायद नवजात की जान बचाई जा सकती थी। बच्चे की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस
अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस ने परिजनों और अस्पताल पक्ष से बातचीत कर माहौल शांत कराया। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए मौके पर पुलिस की मौजूदगी रही।
इसके साथ ही पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी प्रकार की चिकित्सकीय या प्रशासनिक लापरवाही थी या नहीं।
सख्त कार्रवाई की मांग
नवजात की मौत से आहत परिवार ने अस्पताल के संबंधित स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि जांच में लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवार की ओर से यह भी मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अस्पताल में प्रसव के दौरान मौजूद चिकित्सकीय स्टाफ तथा अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए। इसके अलावा अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों को दिए जा रहे उपचार की प्रक्रिया की भी जांच की मांग उठाई गई है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। नवजात की मौत के संबंध में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन या किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, ऐसे मामलों में अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है। प्रसव के दौरान महिला और नवजात की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ, आवश्यक चिकित्सा उपकरण और आपातकालीन व्यवस्था उपलब्ध होना जरूरी माना जाता है। इसलिए इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही नवजात की मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, चिकित्सकीय निगरानी और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

