सोनभद्र में आजाद समाज पार्टी का संपूर्ण भागीदारी आंदोलन, सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व की मांग

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रिपोर्ट: ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी

सोनभद्र। सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों की संस्थागत भागीदारी से जुड़ी मांगों को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने गुरुवार को सोनभद्र जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। कार्यक्रम को संगठन की ओर से प्रस्तावित “संपूर्ण भागीदारी आंदोलन” के तहत आयोजित किया गया।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और समान अवसर का अधिकार देता है। इसके बावजूद अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), महिलाओं और अन्य वंचित समूहों की शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, राजनीति तथा निर्णय लेने वाली संस्थाओं में अपेक्षित भागीदारी को लेकर अभी भी कई सवाल मौजूद हैं। इसी संदर्भ में संगठन ने विभिन्न क्षेत्रों में समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग

ज्ञापन में आरक्षण को सामाजिक और शैक्षणिक वंचना तथा अपर्याप्त प्रतिनिधित्व को दूर करने का संवैधानिक माध्यम बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई। संगठन का कहना है कि आरक्षण से जुड़े प्रावधानों का उद्देश्य वंचित वर्गों को अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें मुख्यधारा की संस्थाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिलाना है।

इसके साथ ही लंबे समय से रिक्त पड़े आरक्षित बैकलॉग पदों को भरने, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने तथा OBC क्रीमी लेयर से संबंधित आय सीमा की समीक्षा करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संगठन ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।

महिला आरक्षण में हिस्सेदारी और कोटे के अंदर कोटा

आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी की ओर से महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी कई मांगें रखी गईं। ज्ञापन में महिला आरक्षण में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग के साथ दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए “कोटे के अंदर कोटा” व्यवस्था की मांग की गई।

संगठन के अनुसार, महिलाओं के प्रतिनिधित्व की नीतियों में सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की महिलाओं की भागीदारी को भी पर्याप्त स्थान मिलना चाहिए। इसी क्रम में जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग भी उठाई गई।

संसद और विधानमंडलों में प्रतिनिधित्व का मुद्दा

ज्ञापन में लोकसभा और विधानसभा के साथ-साथ राज्यसभा तथा विधान परिषदों में भी विभिन्न वंचित वर्गों के उचित प्रतिनिधित्व की मांग की गई। इसके अलावा उच्च न्यायपालिका में SC, ST और OBC वर्गों की भागीदारी बढ़ाने की मांग रखी गई।

कार्यकर्ताओं का कहना था कि निर्णय लेने वाली संस्थाओं में समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रतिनिधित्व के व्यापक उद्देश्य से जुड़ी है। इसलिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों के साथ-साथ नीति निर्माण और प्रशासनिक संस्थाओं में भी प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

सफाईकर्मियों से जुड़ी मांगें भी ज्ञापन में शामिल

कार्यक्रम के दौरान सफाईकर्मियों की स्थिति और सीवर सफाई से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने सफाईकर्मियों की स्थायी नियुक्ति की मांग की। साथ ही सीवर की सफाई के दौरान मानव प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की गई।

ज्ञापन में सीवर सफाई के दौरान सफाईकर्मी की मृत्यु होने की स्थिति में परिवार को 30 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी शामिल रही। संगठन ने इसे सफाईकर्मियों की सुरक्षा और उनके परिवारों के सामाजिक-आर्थिक संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

शिक्षा, छात्रवृत्ति और निजी क्षेत्र में प्रतिनिधित्व

इसके अलावा छात्रावासों की व्यवस्था, छात्रवृत्ति तथा वंचित वर्गों के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक अवसर बढ़ाने की मांग की गई। संगठन ने निजी क्षेत्र और मीडिया में भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

सरकारी ठेकों में आरक्षण का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल रहा। संगठन का कहना है कि आर्थिक अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकारी योजनाओं और ठेकों में भी वंचित वर्गों की भागीदारी पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ कार्यक्रम

सोनभद्र जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रविकांत ने किया। इस दौरान भीम आर्मी के जिला संयोजक संदीप कुमार, जिला प्रभारी एडवोकेट रवी शंकर और युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष राहुल राव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम में विनोद कुमार, अमरेश, कमलेश, संतोष, दिनेश मास्टर, सोनू निगम और अरुण कुमार समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय, समान अवसर और प्रतिनिधित्व से संबंधित मांगों को ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाने की बात कही।

कुल मिलाकर, सोनभद्र में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर संगठन की ओर से उठाई गई मांगों का हिस्सा रहा। ज्ञापन में शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन, न्यायपालिका, महिला प्रतिनिधित्व, सफाईकर्मियों की सुरक्षा और आर्थिक अवसरों से जुड़े कई मुद्दों को शामिल किया गया।

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