UP BJP: धर्मपाल सिंह पर फिर भरोसा, यूपी में प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी बरकरार

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Digital UP News Desk

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 22 प्रदेशों के संगठन महामंत्रियों के नामों की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश में पार्टी ने मौजूदा प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पर अपना भरोसा कायम रखा है। उन्हें एक बार फिर उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फैसले के साथ ही यूपी भाजपा के संगठन में धर्मपाल सिंह की भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

धर्मपाल सिंह वर्ष 2022 से उत्तर प्रदेश भाजपा में प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। संगठन के स्तर पर लंबे अनुभव और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने की उनकी पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दोबारा दी गई है। हालिया महीनों में भी वह प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रमों, कार्यकर्ता बैठकों और बूथ स्तर की तैयारियों में सक्रिय नजर आए हैं।

संगठन में लंबा अनुभव

धर्मपाल सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर से जुड़े बताए जाते हैं। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वर्ष 1986 में विद्यार्थी परिषद से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 1990 में उन्होंने पूर्णकालिक कार्यकर्ता के तौर पर संगठन के लिए काम शुरू किया।

धीरे-धीरे उन्हें संगठन की विभिन्न जिम्मेदारियां दी गईं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन मंत्री के साथ-साथ उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी दायित्व संभाला। इसके अलावा यूपी और उत्तराखंड के संयुक्त क्षेत्रीय संगठन मंत्री के रूप में भी उन्होंने काम किया। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ब्रज और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन को समझने और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने का अवसर मिला।

यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और संगठनात्मक ढांचे की उनकी समझ को उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में उपयोगी माना जाता है।

झारखंड में भी संभाली संगठन की जिम्मेदारी

धर्मपाल सिंह के संगठनात्मक सफर में झारखंड की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा के लिए संगठनात्मक स्तर पर काम किया। इसके बाद जुलाई 2017 में उन्हें झारखंड में भाजपा के संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई।

झारखंड में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ लगातार संवाद के जरिए संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया। इसी अवधि में नगर निकायों और जिला परिषदों से जुड़े चुनावों में भाजपा की गतिविधियों को मजबूत करने पर भी काम हुआ।

लगभग पांच वर्षों तक झारखंड में संगठन की जिम्मेदारी संभालने के बाद धर्मपाल सिंह को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई। इससे पहले बिहार और असम समेत विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर काम किया था।

2022 से यूपी भाजपा में बड़ी जिम्मेदारी

वर्ष 2022 में धर्मपाल सिंह को उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रदेश महामंत्री संगठन बनाया गया। इसके बाद से वह लगातार प्रदेश संगठन की गतिविधियों में सक्रिय हैं। उनकी जिम्मेदारी में संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, पार्टी कार्यक्रमों की निगरानी तथा बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाए रखना जैसे महत्वपूर्ण काम शामिल हैं।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे समय में धर्मपाल सिंह को दोबारा प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी मिलना पार्टी की संगठनात्मक निरंतरता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने बूथ स्तर के सम्मेलन और संगठनात्मक गतिविधियों को विशेष महत्व दिया है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर बूथ सम्मेलन आयोजित करने की योजना भी इसी संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा रही है।

‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ पर जोर

आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा का फोकस बूथ स्तर के संगठन पर है। धर्मपाल सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के दौरान बूथ को संगठन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई के रूप में मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं।

पार्टी की रणनीति में स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता, मतदाता संपर्क और बूथ स्तर पर संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करना प्रमुख बिंदु हैं। इसी क्रम में धर्मपाल सिंह लगातार प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संवाद कर रहे हैं।

हालांकि, चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल के प्रदर्शन को लेकर परिणाम की भविष्यवाणी करना संभव नहीं है। फिलहाल भाजपा की घोषित संगठनात्मक गतिविधियों से इतना स्पष्ट है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले अपने संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करने पर ध्यान दे रही है।

यूपी में संगठन के सामने बड़ी जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य है। ऐसे में यहां किसी भी राजनीतिक दल के लिए बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन का मजबूत और सक्रिय होना महत्वपूर्ण माना जाता है। भाजपा ने धर्मपाल सिंह को दोबारा संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी देकर मौजूदा संगठनात्मक ढांचे में निरंतरता बनाए रखने का संकेत दिया है।

वहीं, प्रदेश भाजपा में पहले से ही चुनावी तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हैं। संगठन की नई टीम, क्षेत्रीय इकाइयों और विभिन्न मोर्चों को सक्रिय करने की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है। जुलाई 2026 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह के बीच संगठन की टीमों तथा आगामी गतिविधियों को लेकर चर्चा की रिपोर्ट सामने आई थी।

ऐसे में धर्मपाल सिंह के सामने आने वाले समय में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाए रखने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने और पार्टी के अभियानों को प्रदेशभर में प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद

धर्मपाल सिंह के काम करने की शैली में संगठनात्मक संवाद को प्रमुख स्थान दिया जाता रहा है। वह अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करते हैं। इसके जरिए संगठन की जमीनी स्थिति, कार्यक्रमों की प्रगति और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को समझने का प्रयास किया जाता है।

वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में धर्मपाल सिंह को फिर से प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी मिलने के बाद आने वाले महीनों में उनके सामने संगठन विस्तार और कार्यकर्ता संपर्क से जुड़ी कई जिम्मेदारियां रहेंगी।

कुल मिलाकर, भाजपा के संगठनात्मक फेरबदल में उत्तर प्रदेश के लिए धर्मपाल सिंह की जिम्मेदारी बरकरार रहना संगठन में निरंतरता का संकेत है। वर्ष 2022 से प्रदेश संगठन की कमान संभाल रहे धर्मपाल सिंह अब आगे भी भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। खासतौर पर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखना उनके प्रमुख कार्यक्षेत्रों में रहेगा।

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