संतकबीरनगर में सपा सांसद पथराव मामले को लेकर डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग
रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर: गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के काफिले पर हुए पथराव और उसके बाद दर्ज मुकदमों को लेकर जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसी क्रम में सपा संतकबीरनगर के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अब्दुल कलाम ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर घटना की मजिस्ट्रेट स्तर से जांच कराने तथा तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।
सपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि 18 सितंबर 2026 की रात गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान बखिरा थाना क्षेत्र के अमरडोभा और लेडुआ महुआ चौराहे के आसपास सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के काफिले पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटना हुई। इस घटना में सांसद की गाड़ी का शीशा टूटने की बात सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और स्थिति को नियंत्रित किया गया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सांसद की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में क्या कहा गया?
सपा जिलाध्यक्ष अब्दुल कलाम की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सांसद की शिकायत के बावजूद पथराव और वाहन क्षतिग्रस्त करने के मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी की ओर से मांग की गई है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
ज्ञापन में आगे एक अन्य घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया है। सपा जिलाध्यक्ष के अनुसार, विशाल कुमार नामक व्यक्ति सांसद के आवास पर पहुंचा था। आरोप है कि उसने वहां सांसद के खिलाफ मुकदमा नहीं होने की बात कही और कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के लिए लखनऊ ले जाने की बात कही। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।
हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। पुलिस की ओर से मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर जांच किए जाने की बात कही गई है।
दोनों पक्षों की शिकायत पर दर्ज हुए मुकदमे
इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मुकदमे दर्ज किए हैं। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ पथराव, वाहन क्षतिग्रस्त करने और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया गया। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर सांसद समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ है।
रिपोर्टों के अनुसार, दूसरे पक्ष की शिकायत में सांसद, जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव और अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। इसमें एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं का उल्लेख किया गया है। इस प्रकार मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं और पुलिस दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई इस घटना के बाद मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया। सपा कार्यकर्ताओं ने सांसद के समर्थन में कार्रवाई की मांग उठाई। इसके बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन भी किया था। सांसद की ओर से भी घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की गई थी। वहीं पुलिस प्रशासन ने मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई और दोषियों की पहचान के लिए जांच की बात कही थी।
निष्पक्ष जांच की मांग पर जोर
सपा जिलाध्यक्ष अब्दुल कलाम ने जिलाधिकारी से कहा है कि मामले की जांच किसी दबाव के बिना निष्पक्ष तरीके से कराई जाए। पार्टी का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे विवाद की शुरुआत कैसे हुई और इसके बाद किन परिस्थितियों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए।
सपा की ओर से यह भी मांग की गई है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का आधार बनाया जाए। इससे घटना के संबंध में लगाए जा रहे अलग-अलग आरोपों की वास्तविकता सामने लाने में मदद मिल सकती है।
दरअसल, 18 सितंबर की रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद के बाद संतकबीरनगर में यह मामला लगातार चर्चा में है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल सपा ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और मजिस्ट्रेट स्तर की जांच कराने की मांग की है। अब प्रशासन और पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

