फर्रुखाबाद में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी ने सौंपा 24 सूत्रीय ज्ञापन
रिपोर्ट – हर्ष वर्मा
फर्रुखाबाद: सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों की राजनीतिक एवं सामाजिक भागीदारी की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी की ओर से गुरुवार को फर्रुखाबाद जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपा गया। “संपूर्ण भागीदारी आंदोलन” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित 24 सूत्रीय मांगपत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि सामाजिक न्याय की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को शिक्षा, रोजगार, राजनीति और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया में उचित प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी है। इसी उद्देश्य से ज्ञापन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार से विभिन्न मांगों पर आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया।
महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग
ज्ञापन में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। इसके साथ ही दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आरक्षण व्यवस्था में उचित हिस्सेदारी देने की मांग भी उठाई गई। आंदोलनकारियों ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उनका कहना है कि महिलाओं की भागीदारी केवल सामाजिक क्षेत्र तक सीमित न रहकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी प्रभावी रूप से बढ़नी चाहिए। इसलिए स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व बढ़ाने को लेकर भी मांगपत्र में प्रावधान करने का अनुरोध किया गया।
छात्रवृत्ति और छात्रावास की व्यवस्था बहाल करने की मांग
ज्ञापन में SC और ST विद्यार्थियों से संबंधित शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई मांगें रखी गईं। आंदोलनकारियों ने SC/ST विद्यार्थियों के लिए बंद की गई छात्रवृत्ति व्यवस्था को बहाल करने की मांग की। इसके अलावा वंचित वर्गों के विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त छात्रावास उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
आंदोलनकारियों के मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए शिक्षा हासिल करने में छात्रवृत्ति और छात्रावास जैसी सुविधाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए इन व्यवस्थाओं को पर्याप्त और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
OBC को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग
24 सूत्रीय ज्ञापन में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC को लोकसभा और विधानसभा में उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग भी शामिल रही। साथ ही जातिगत जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग उठाई गई।
इसके अलावा उच्च न्यायपालिका में SC, ST और OBC वर्गों का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। आंदोलनकारियों ने कहा कि निर्णय लेने वाली संस्थाओं में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
सरकारी नौकरियों और पदोन्नति में आरक्षण की मांग
ज्ञापन में सरकारी सेवाओं में पदोन्नति के दौरान आरक्षण का लाभ देने की मांग भी रखी गई। इसके साथ ही लंबे समय से रिक्त बैकलॉग के पदों को तत्काल भरने की मांग की गई।
आंदोलनकारियों का कहना है कि आरक्षण से जुड़े रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने से वंचित वर्गों को सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व मिल सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मांगपत्र में बैकलॉग पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज करने का अनुरोध किया गया।
सफाई कर्मचारियों के लिए स्थायी नियुक्ति और सामाजिक सुरक्षा
ज्ञापन में सफाई कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। आंदोलनकारियों ने सफाई कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर स्थायी नियुक्ति की मांग की। साथ ही समान काम के लिए समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इसके अलावा सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मानव प्रवेश को पूरी तरह बंद करने पर जोर दिया गया। मांगपत्र में सीवर सफाई के लिए आधुनिक मशीनों और तकनीक का इस्तेमाल सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
SC-ST अधिनियम के मामलों में मुआवजा बढ़ाने की मांग
आंदोलनकारियों ने SC-ST अधिनियम से जुड़े मामलों में पीड़ितों को मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने की मांग भी की। इसके साथ ही दोषी साबित होने वाले आरोपितों से राशि की वसूली के लिए व्यवस्था किए जाने की मांग ज्ञापन में शामिल रही।
इसके अलावा वर्ष 2018 के आंदोलन से जुड़े मुकदमों को वापस लेने और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई। आंदोलनकारियों ने कहा कि वंचित वर्गों से जुड़े मामलों में प्रभावी कानूनी और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया मांगपत्र
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी की ओर से सौंपे गए इस 24 सूत्रीय ज्ञापन में सामाजिक न्याय, समान अवसर और प्रतिनिधित्व से जुड़े विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया। आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि मांगपत्र में उठाए गए विषयों पर संबंधित संवैधानिक संस्थाओं और केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। इसलिए शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक संस्थाओं में वंचित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
फर्रुखाबाद जिला मुख्यालय पर हुए इस कार्यक्रम के माध्यम से संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने 24 सूत्रीय मांगों को प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाने का प्रयास किया। अब इन मांगों पर संबंधित स्तर से किस प्रकार की कार्रवाई होती है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।

