भाजपा ने बदले राज्यों के प्रभारी, स्मृति ईरानी को हरियाणा-छत्तीसगढ़, विनोद तावड़े को यूपी की जिम्मेदारी

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Digital UP News Desk

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठनात्मक स्तर पर राज्यों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई नियुक्तियों का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से 23 सितंबर 2026 को जारी नई सूची में कई वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे में जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया है।

नई सूची में सबसे प्रमुख नामों में स्मृति ईरानी, राम माधव, विनोद तावड़े, तरुण चुघ, सतीश पूनिया और अनिल एंटनी शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के लिए सह-प्रभारियों की भी नियुक्तियां की गई हैं। भाजपा ने उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को सौंपी है। वहीं, स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है।

विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया

भाजपा की नई संगठनात्मक सूची में उत्तर प्रदेश को लेकर विशेष ध्यान देखने को मिला है। पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है। इससे पहले अगस्त 2026 में भी तावड़े की यूपी प्रभारी के रूप में नियुक्ति सामने आई थी और इसके बाद उन्होंने प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर कई बैठकें की हैं।

उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन की गतिविधियां पहले से तेज हैं। ऐसे में तावड़े की जिम्मेदारी में प्रदेश संगठन, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय प्रमुख विषयों में शामिल रहेगा। हाल के दिनों में वह प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक बैठकों में भी शामिल हुए हैं।

भाजपा ने यूपी के लिए सह-प्रभारियों की भी नियुक्ति की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह प्रदेश में प्रभारी और सह-प्रभारियों की टीम के जरिए संगठनात्मक कामकाज को आगे बढ़ाया जाएगा।

स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भाजपा ने हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया है। दोनों राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी। पार्टी की नई सूची में उन्हें एक से अधिक राज्यों की जिम्मेदारी सौंपे जाने को प्रमुख बदलावों में शामिल किया गया है।

इसके अलावा राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है। राम माधव पहले भी भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। नई नियुक्ति के बाद उन्हें इन दोनों राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े दायित्व निभाने होंगे।

तरुण चुघ और सतीश पूनिया को भी अहम जिम्मेदारी

भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में सक्रिय रहे नेता तरुण चुघ को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया है। गुजरात भाजपा के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक आधार वाला राज्य है और नई नियुक्ति के बाद चुघ राज्य में पार्टी के संगठनात्मक मामलों का समन्वय करेंगे।

वहीं, सतीश पूनिया को जम्मू-कश्मीर और पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी की ओर से अलग-अलग राज्यों में प्रभारियों की नियुक्ति के साथ संगठनात्मक गतिविधियों को समन्वित करने की व्यवस्था की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक नई सूची में वरिष्ठ नेताओं के साथ नए चेहरों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।

अनिल एंटनी को गोवा और नगालैंड का प्रभार

भाजपा ने अनिल एंटनी को गोवा और नगालैंड का प्रभारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में संगठन की जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया है। नई नियुक्तियों में क्षेत्रीय परिस्थितियों और संगठनात्मक जरूरतों के मुताबिक नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपे जाने की बात सामने आई है।

पार्टी की ओर से 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के लिए प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की घोषणा की गई है। इससे स्पष्ट है कि यह केवल कुछ राज्यों तक सीमित बदलाव नहीं है, बल्कि भाजपा के व्यापक संगठनात्मक ढांचे में जिम्मेदारियों का पुनर्गठन किया गया है।

संगठनात्मक समन्वय पर रहेगा जोर

राज्य प्रभारी भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सामान्य तौर पर वे केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच समन्वय का काम करते हैं। इसके अलावा पार्टी की बैठकों, संगठनात्मक कार्यक्रमों, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और प्रदेश स्तर की गतिविधियों की समीक्षा में भी उनकी भूमिका रहती है।

उत्तर प्रदेश के मामले में यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी पहले से ही संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर जोर दे रही है। तावड़े के हालिया दौरों में संगठनात्मक समीक्षा और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद पर भी ध्यान दिया गया है।

हालांकि, नई नियुक्तियों के बाद अलग-अलग राज्यों में पार्टी की संगठनात्मक प्राथमिकताएं किस तरह आगे बढ़ती हैं, यह आने वाले समय में होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों से स्पष्ट होगा। फिलहाल भाजपा की नई सूची में कई वरिष्ठ नेताओं को राज्यों की जिम्मेदारी देकर संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है।

इस पूरी कवायद में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और अन्य राज्यों की जिम्मेदारियां विशेष रूप से चर्चा में हैं। आने वाले दिनों में नए प्रभारी अपने-अपने राज्यों में संगठन की स्थिति की समीक्षा कर पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट देंगे और प्रदेश इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।

ऊपर दी गई जानकारी 23 सितंबर 2026 को उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में सूची के कुछ विवरण अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत किए गए हैं, इसलिए प्रकाशन से पहले भाजपा की आधिकारिक नियुक्ति सूची से नाम और जिम्मेदारियों का मिलान करना उचित रहेगा।