सीएम योगी ने लॉन्च की भारत टैक्सी और कृषक समृद्धि योजना, किसानों को 6% ब्याज पर मिलेगा ऋण
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। इन दोनों पहलों के जरिए एक ओर टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों को सहकारी मॉडल से जोड़ने की पहल की गई है, वहीं दूसरी ओर लघु एवं सीमांत किसानों के लिए दीर्घकालिक ऋण को कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालिक कृषि ऋण छह प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था बताई गई है। वहीं, भारत टैक्सी से जुड़े चालकों के लिए जीरो कमीशन मॉडल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की घोषणा की गई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित पोर्टल और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किए तथा लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र सौंपे।
भारत टैक्सी से जुड़ सकेंगे चालक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चलाने वाले लोगों के लिए भारत टैक्सी एक सहकारी मंच के रूप में काम करेगा। इसमें चालक रजिस्ट्रेशन कराकर जुड़ सकेंगे और उनसे कमीशन नहीं लेने की व्यवस्था बताई गई है।
इसके साथ ही चालकों को पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने की बात कही गई। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।
भारत टैक्सी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की सेवा नहीं है, बल्कि सहकारी मॉडल के माध्यम से चालकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास भी है। भारत टैक्सी को लेकर केंद्र स्तर पर भी सहकारी स्वामित्व वाले डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के रूप में जानकारी दी गई है।
लखनऊ समेत इन शहरों में शुरू हुआ संचालन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी का संचालन लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शुरू किया गया है। इसके अलावा लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौते किए गए हैं।
इन समझौतों का उद्देश्य परिवहन सेवा को शहर की अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जोड़ना है। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट, मेट्रो और शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।
भारत टैक्सी के सहकारी मॉडल में चालक यानी ‘सारथी’ केवल सेवा प्रदाता के तौर पर नहीं, बल्कि संस्था की सदस्यता और हिस्सेदारी से भी जुड़ सकते हैं।
महाकुंभ 2025 के अनुभव का मुख्यमंत्री ने किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने बाइक आधारित परिवहन सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को संगम क्षेत्र, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में योगदान दिया था।
मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने को कहा। उनके अनुसार, यदि ग्रामीण परिवहन के ऐसे मॉडल विकसित होते हैं तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
किसानों को 6 प्रतिशत ब्याज पर दीर्घकालिक ऋण
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना किसानों के लिए कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रही। योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालिक कृषि ऋण छह प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में पांच लाख किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से मिलने वाले संबंधित ऋण की ब्याज दर करीब 11 से 11.50 प्रतिशत बताई गई थी। नई व्यवस्था में ब्याज दर को छह प्रतिशत तक लाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, निर्धारित शर्तों के तहत समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ भी दिया जा सकता है।
खेती और कृषि निवेश के लिए मिलेगा ऋण
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का उद्देश्य किसानों को खेती और उससे जुड़े दीर्घकालिक निवेश के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इसके तहत सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य कृषि संबंधी आवश्यकताओं के लिए ऋण लेने की सुविधा दी जाएगी।
सरकार ने इस योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था की है। इसके अलावा ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ने की व्यवस्था की गई है, जिससे आवेदन और संबंधित प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने गिनाईं कृषि क्षेत्र की योजनाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में किसानों के लिए किए गए विभिन्न कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए।
उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं, निजी ट्यूबवेलों के लिए बिजली और गन्ना मूल्य भुगतान से जुड़े आंकड़े भी प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बीज से बाजार तक किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने, पैक हाउस, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, एफपीओ और वेयरहाउस जैसी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया।
सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का ई-पोर्टल लॉन्च किया गया। इसके साथ ही सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर (UPCDC) मोबाइल ऐप की शुरुआत भी की गई।
इन डिजिटल माध्यमों का उद्देश्य किसानों और सहकारी संस्थाओं से जुड़ी सेवाओं को अधिक आसानी से उपलब्ध कराना है। इसके अलावा कार्यक्रम में भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र और कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में कई मंत्री रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर और परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस प्रकार, बुधवार को शुरू की गई दोनों पहलों का फोकस अलग-अलग क्षेत्रों पर है। भारत टैक्सी के माध्यम से परिवहन क्षेत्र के चालकों को सहकारी मंच से जोड़ने, जबकि मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के जरिए लघु एवं सीमांत किसानों को कम ब्याज पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव लाभार्थियों तक पहुंच और उनके उपयोग के आधार पर देखा जाएगा।

