ट्राई का बड़ा फैसला: वॉइस और SMS वाले सस्ते रिचार्ज प्लान अब अधिक विकल्पों के साथ मिलेंगे

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Digital UP News Desk

नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने दूरसंचार उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (13वां संशोधन) विनियम, 2026 जारी कर दिया है। नए संशोधन का उद्देश्य खास तौर पर उन मोबाइल उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है, जिन्हें डेटा की जरूरत कम होती है और जो मुख्य रूप से वॉइस कॉल तथा SMS सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। TRAI की आधिकारिक विनियम सूची में इस संशोधन की रिलीज डेट 22 सितंबर 2026 दर्ज है।

इस नए नियम के लागू होने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को वॉइस और SMS सेवाओं के लिए विशेष टैरिफ वाउचर यानी Special Tariff Voucher (STV) उपलब्ध कराने होंगे। खास बात यह है कि इन वाउचर की वैधता उन संबंधित STV के अनुरूप रखनी होगी, जिनमें वॉइस, SMS और डेटा सेवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही वॉइस और SMS वाले विकल्पों की कीमत में भी संबंधित डेटा-बंडल STV की तुलना में उचित कमी का प्रावधान किया गया है। इससे ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के मुताबिक रिचार्ज चुनने का अवसर मिल सकेगा।

क्यों जरूरी पड़ा नया संशोधन?

TRAI ने अप्रैल 2026 में इस संशोधन का मसौदा जारी करते हुए बताया था कि 2024 के 12वें संशोधन के बाद बाजार में केवल वॉइस और SMS वाले STV की संख्या सीमित दिखाई दी। उपलब्ध विकल्पों में कई ऐसे वाउचर थे, जिनकी वैधता अपेक्षाकृत लंबी थी। ऐसे में कम आय वाले या सीमित उपयोग करने वाले ग्राहकों के लिए छोटी अवधि के किफायती विकल्पों की उपलब्धता एक मुद्दा बन गई थी।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए TRAI ने 7 अप्रैल 2026 को 13वें संशोधन का मसौदा परामर्श के लिए जारी किया था। TRAI के अनुसार, इसका उद्देश्य ऐसे उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प सुनिश्चित करना था, जो डेटा से जुड़े बंडल पैक की बजाय केवल वॉइस और SMS सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं। आधिकारिक परामर्श प्रक्रिया के बाद अब संशोधन को अंतिम रूप दे दिया गया है।

हर वैधता अवधि के लिए मिलेगा संबंधित विकल्प

नए प्रावधान की सबसे अहम बात यह है कि यदि किसी दूरसंचार कंपनी की ओर से वॉइस, SMS और डेटा वाला STV किसी खास वैधता अवधि के साथ पेश किया जाता है, तो उसके अनुरूप केवल वॉइस और SMS वाला STV भी उपलब्ध कराना होगा।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कंपनी की ओर से किसी निर्धारित अवधि के लिए वॉइस, SMS और डेटा वाला विशेष वाउचर उपलब्ध कराया जाता है, तो उसी वैधता अवधि के अनुरूप वॉइस और SMS सेवाओं के लिए अलग STV उपलब्ध होना चाहिए। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को एक ही तरह के रिचार्ज विकल्प तक सीमित रखने के बजाय उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार चुनाव की सुविधा देना है।

TRAI के मसौदे में भी स्पष्ट किया गया था कि वॉइस और SMS-only STV की कीमत संबंधित वॉइस, SMS और डेटा वाले STV की तुलना में बड़े पैमाने पर आनुपातिक रूप से कम होनी चाहिए। अंतिम नियम इसी मूल उद्देश्य को आगे बढ़ाता है।

30 दिन और कम अवधि वाले विकल्पों पर भी जोर

नए नियम में 30 दिन और 30 दिन से कम अवधि वाले STV के लिए भी संबंधित वैधता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे उपभोक्ताओं को केवल लंबे समय के रिचार्ज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

इसके अलावा, मासिक वैधता वाले रिचार्ज के नवीनीकरण के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। नवीनीकरण प्रत्येक महीने की उसी तारीख को किया जा सकता है। हालांकि, यदि किसी महीने में वह तारीख उपलब्ध नहीं है, तो उस महीने की अंतिम तारीख को नवीनीकरण की तारीख माना जाएगा।

इसका उद्देश्य रिचार्ज की वैधता को उपभोक्ताओं के लिए अधिक सरल और व्यावहारिक बनाना है।

लंबी वैधता वाला विकल्प भी जरूरी

नियमों के तहत केवल छोटी अवधि के विकल्प ही नहीं, बल्कि कम से कम एक ऐसा STV भी उपलब्ध कराने का प्रावधान है जिसकी वैधता निर्धारित 30 दिन या उससे कम अवधि से अधिक हो। यह वॉइस, SMS और डेटा वाले STV की उपलब्ध वैधता अवधि के अनुरूप होना चाहिए।

इससे अलग-अलग तरह की जरूरत वाले ग्राहकों के लिए छोटी और लंबी अवधि के विकल्पों का दायरा बनाए रखने की कोशिश की गई है।

उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?

इस संशोधन का सीधा असर उन मोबाइल उपयोगकर्ताओं पर पड़ सकता है, जिन्हें इंटरनेट डेटा की बहुत ज्यादा आवश्यकता नहीं होती। ऐसे ग्राहक अक्सर मोबाइल नंबर को सक्रिय रखने, कॉल करने या SMS भेजने के लिए रिचार्ज करते हैं। अब उन्हें डेटा सहित पैकेज लेने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार वॉइस और SMS आधारित STV चुनने का विकल्प मिल सकेगा।

खासकर कम आय वाले उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था उपयोगी हो सकती है, क्योंकि वे अपनी आर्थिक क्षमता और उपयोग की जरूरत के हिसाब से रिचार्ज विकल्प चुन सकेंगे। हालांकि, वास्तविक कीमतें और उपलब्ध प्लान अलग-अलग सेवा प्रदाताओं की ओर से तय किए जाएंगे।

परामर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया नियम

TRAI ने अप्रैल 2026 में मसौदा जारी कर हितधारकों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी थीं। इसके बाद प्राप्त प्रतिक्रियाओं और प्राधिकरण के विश्लेषण के आधार पर अंतिम विनियम तैयार किया गया। TRAI की आधिकारिक वेबसाइट पर अप्रैल में जारी मसौदा परामर्श अब बंद हो चुका है।

TRAI के इस कदम से दूरसंचार क्षेत्र में उपभोक्ता विकल्पों से जुड़े नियामकीय ढांचे में बदलाव आया है। खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए यह महत्वपूर्ण है, जो डेटा-बंडल वाले रिचार्ज की बजाय केवल वॉइस और SMS सेवाओं का इस्तेमाल करना चाहते हैं।

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