UP में शुरू हुआ सरकारी नौकरियों का महाअभियान: 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र, CM योगी ने कही ये बातें

06e5d880-f871-4ea0-970b-7c2875ab5c55

Digital UP News

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रोजगार और नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को राजधानी लखनऊ में सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार के मिशन रोजगार अभियान के तहत आयोजित किया गया।

इन नियुक्तियों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के पद शामिल हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक चयनित अभ्यर्थियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (PGT) और 2,372 सहायक अध्यापक (TGT) शामिल हैं। इन पदों पर चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से पूरी की गई है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की भूमिका और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि बच्चों के भविष्य की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक के हाथों में बच्चों का भविष्य होता है। इसलिए विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन देना देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारतीय परंपरा में गुरु के सम्मान को भी महत्वपूर्ण बताया।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

3,567 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में कुल 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें अलग-अलग पदों पर चयनित शिक्षक और संस्था प्रधान शामिल हैं। इस नियुक्ति प्रक्रिया से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को मानव संसाधन मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के मुताबिक, चयनित अभ्यर्थियों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पहले से विज्ञापित रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन अभ्यर्थियों का चयन किया है।

इस प्रकार नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के लिए अपने संबंधित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अब सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों में नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया गया है।

उन्होंने अपने संबोधन में पिछली व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले ऐसी शिकायतें सामने आती थीं, जिनमें आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को नौकरी नहीं मिलती थी और किसी दूसरे व्यक्ति का चयन हो जाता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में इस तरह की अनियमितताओं की गुंजाइश को कम किया गया है।

उन्होंने नकल और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कथित गिरोहों पर कार्रवाई का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल माफिया पर प्रभावी कार्रवाई की गई है और भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए संस्थागत स्तर पर बदलाव किए गए हैं।

युवाओं को रोजगार के अवसर देने पर सरकार का जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार का अवसर मिलना उनका अधिकार है और सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

सरकार की ओर से लगातार विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। इससे पहले भी सितंबर में अलग-अलग विभागों और पुलिस भर्ती से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। राज्य सरकार ने अगले छह महीनों में एक लाख सरकारी नौकरियों से जुड़े नियुक्ति पत्र देने का अभियान भी शुरू किया है।

शिक्षा में बदलाव और युवाओं के भविष्य की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार का असर आने वाली पीढ़ियों पर दिखाई देता है। उनके अनुसार, विद्यालयों में शिक्षकों और संस्था प्रधानों की उपलब्धता विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने में सहायक हो सकती है।

उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देने के बजाय उनके व्यक्तित्व विकास और सही दिशा में मार्गदर्शन पर भी ध्यान देने की अपील की। साथ ही उन्होंने भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को जानने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने भगवान राम को मर्यादा और आदर्श का प्रतीक बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं से भी परिचित कराया जाना चाहिए।

राजनीतिक आरोप भी चर्चा में रहे

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने अपने भाषण में ‘सैफई सिंडिकेट’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती व्यवस्था में नियुक्तियों को लेकर पारदर्शिता नहीं थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं को नियुक्तियां दे रही है और अब भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव का नाम लेते हुए भी राजनीतिक टिप्पणी की।

इन टिप्पणियों को मुख्यमंत्री के राजनीतिक वक्तव्य के रूप में देखा जाना चाहिए। वहीं, मौजूदा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करना रहा।

यूपी को आर्थिक विकास का ग्रोथ इंजन बताया

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए कहा कि रोजगार, शिक्षा और विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं।

कुल मिलाकर, लखनऊ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में 3,567 चयनित अभ्यर्थियों को नई जिम्मेदारी मिली। इनमें प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक शामिल हैं। अब इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

You may have missed