कानपुर के घाटमपुर में शटडाउन के बावजूद बिजली आपूर्ति शुरू होने से संविदा लाइनमैन की मौत, खंभे से गिरकर गई जान

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रिपोर्ट- शुभम साहू

घाटमपुर: कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान एक संविदा लाइनमैन की मौत का मामला सामने आया है। नंदना क्षेत्र के आगापुर गांव में सोमवार को बिजली की खराबी ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़कर काम कर रहे संविदा लाइनमैन शिवराज की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक शिवराज (40) घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के हथेही गांव के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम बुद्धू बताया गया है। शिवराज बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। सोमवार को उन्हें आगापुर गांव में बिजली लाइन में आई खराबी को दुरुस्त करने के लिए भेजा गया था।

शटडाउन लेकर लाइन पर काम करने की बात

बताया जा रहा है कि बिजली लाइन पर मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले नियमानुसार बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए शटडाउन लिया गया था। शटडाउन मिलने के बाद शिवराज बिजली के खंभे पर चढ़े और लाइन को ठीक करने का काम शुरू किया।

इसी दौरान आरोप है कि अचानक शिवढ़री पावर स्टेशन से बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। बिजली आपूर्ति शुरू होने के बाद लाइन में करंट दौड़ गया और खंभे पर काम कर रहे शिवराज उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने के बाद उनका संतुलन बिगड़ गया और वह खंभे से नीचे गिर गए।

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी। हालांकि, तब तक शिवराज की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में भी इसकी सूचना तेजी से फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।

परिवार में मचा कोहराम

हादसे की जानकारी मिलने के बाद शिवराज के परिजन भी मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी और शव को देखकर परिवार में शोक की स्थिति पैदा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीणों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

शिवराज की मौत के बाद उनके सहकर्मियों और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल देखा गया। बिजली लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और शटडाउन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही घाटमपुर कोतवाली की नंदना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी जुटाई। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस हादसे के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लाइनमैन को किस प्रक्रिया के तहत शटडाउन दिया गया था और इसके बाद बिजली आपूर्ति किन परिस्थितियों में बहाल हुई।

बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लाइन पर काम करने के लिए शटडाउन लिया गया था, तो मरम्मत कार्य पूरा होने से पहले बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू होना गंभीर विषय है।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि बिजली आपूर्ति किस स्तर से बहाल हुई और क्या इसमें किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई थी।

हालांकि, अभी तक बिजली आपूर्ति बहाल होने की वास्तविक परिस्थितियों और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय होने के संबंध में आधिकारिक रूप से अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए किसी व्यक्ति या अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना जांच पूरी होने के बाद ही उचित होगा।

जांच के बाद साफ होगी हादसे की तस्वीर

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। जांच के दौरान शटडाउन से जुड़े रिकॉर्ड, बिजली आपूर्ति बहाल होने का समय, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और मौके पर अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रिया जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है।

इस घटना ने बिजली लाइनों की मरम्मत के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए शटडाउन की पुष्टि, आपूर्ति दोबारा शुरू करने से पहले स्पष्ट अनुमति और आपसी समन्वय जैसी प्रक्रियाओं का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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