फतेहपुर में गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक का प्रदर्शन, सात सूत्रीय मांगों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

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रिपोर्ट – अशोक सिंह 

फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में जनसमस्याओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक ने आवाज बुलंद की। बुधवार को संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। गुलाबी साड़ी पहने और हाथों में डंडे लेकर पहुंचीं महिलाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, सड़क मरम्मत, आवास योजना, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और महिलाओं की शिकायतों से जुड़े मुद्दे उठाए। प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से जिलाधिकारी को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

संगठन का कहना है कि जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से लगातार कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। हालांकि, समस्याओं का समुचित निस्तारण नहीं होने के कारण महिलाओं को प्रदर्शन के लिए आगे आना पड़ा। वहीं, ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।

हेमलता पटेल के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचीं महिलाएं

गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में संगठन की सैकड़ों महिलाएं बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर पहुंचीं। इस दौरान महिलाओं ने जनपद की विभिन्न समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से जल्द समाधान कराने की मांग उठाई।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने गुलाबी साड़ियां पहन रखी थीं। उनके हाथों में डंडे भी थे। संगठन की कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।

संगठन ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

जल जीवन मिशन की बंद टंकियां चालू कराने की मांग

ज्ञापन में बहुआ ब्लॉक के सुजानपुर, बहुआ देहात सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई कई पानी की टंकियां बंद पड़ी हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

महिलाओं ने मांग की कि बंद पड़ी पानी की टंकियों को जल्द चालू कराया जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। इसके अलावा, पाइपलाइन बिछाने के लिए जिन सड़कों को खोदा गया था, उनकी मरम्मत कराने की भी मांग की गई।

दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पेयजल जैसी सुविधाएं सीधे तौर पर आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी होती हैं। ऐसे में संगठन ने संबंधित विभागों से इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने की मांग रखी।

पीएम आवास योजना से वंचित पात्रों को मिले लाभ

प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने मांग की कि ऐसे गरीब और जरूरतमंद परिवार, जो पात्र होने के बावजूद अभी तक आवास योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर सके हैं, उनका दोबारा सत्यापन कराया जाए।

साथ ही, जांच के बाद वास्तविक पात्र परिवारों को योजना की सूची में शामिल कर उन्हें आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। संगठन का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए, ताकि गरीब परिवारों को सुरक्षित आवास मिल सके।

इसके अतिरिक्त जिंदपुर टोल प्लाजा पर राहगीरों के साथ कथित अभद्रता और अवैध वसूली की शिकायतों का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल किया गया। संगठन ने प्रशासन से इस मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने और यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित कराने की मांग की।

जर्जर बिजली के खंभे हटाने और पटाखा मंडी में सुरक्षा की मांग

शहर की बिजली व्यवस्था को लेकर भी गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक ने सवाल उठाए। संगठन ने मांग की कि शहर के विभिन्न इलाकों में लगे जर्जर बिजली के खंभों को चिह्नित कर हटाया जाए या उनकी मरम्मत कराई जाए। इससे संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।

वहीं, आगामी त्योहारों के मद्देनजर पटाखा मंडी की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने कहा कि पटाखों की दुकानों पर सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। इसके साथ ही दुकानदारों का उत्पीड़न बंद कराने की भी मांग की गई।

संगठन ने प्रशासन से आग्रह किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों के बीच उचित संतुलन बनाया जाए, ताकि दुकानदारों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

थानों में महिलाओं की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो

ज्ञापन में महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा भी शामिल रहा। संगठन ने मांग की कि थानों में महिलाओं और अन्य पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए। साथ ही, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

महिलाओं का कहना था कि पीड़ितों को अपनी शिकायत लेकर बार-बार थानों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करनी चाहिए।

इसके अलावा, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और बहुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में बाहर की दवाएं लिखे जाने तथा कथित अवैध वसूली की शिकायतों पर भी रोक लगाने की मांग की गई।

संगठन ने स्वास्थ्य विभाग से इन मामलों की जांच कराने और मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ उपलब्ध कराने की मांग की। खासकर गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज के दौरान अनावश्यक आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े, इस पर जोर दिया गया।

प्रशासन ने सकारात्मक कार्रवाई का दिया भरोसा

सात सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपे गए ज्ञापन को प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने संगठन की महिलाओं को मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

इस दौरान संगठन की जिला अध्यक्ष सरला सिंह, मीना सिंह, संगीता, सरिता, राजरानी, सुमन, सत्यवती, गुड्डी, संयोगिता, रजिया, साजिदा, सतून, शहरुन और उर्मिला सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

कुल मिलाकर, फतेहपुर में गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक का यह प्रदर्शन ग्रामीण सुविधाओं, महिला शिकायतों, स्वास्थ्य सेवाओं और शहरी व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने वाला रहा। अब देखना होगा कि प्रशासन इन सात सूत्रीय मांगों पर किस तरह कार्रवाई करता है और संबंधित विभागों के माध्यम से आम लोगों को समस्याओं से राहत कब तक मिल पाती है।

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