फतेहपुर के सैदपुर पचमई में दो दिवसीय मेला और दंगल का आयोजन, पहलवानों ने दिखाया दमखम

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रिपोर्ट – अशोक सिंह 

फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ग्रामीण परंपराओं और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खखरेड़ू क्षेत्र के सैदपुर पचमई गांव में दो दिवसीय मेला एवं दंगल का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर मेले का आनंद लिया और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पहलवानों के बीच हुई रोमांचक कुश्तियों का उत्साहपूर्वक आनंद उठाया। दंगल में महिला और पुरुष पहलवानों ने अपनी कुश्ती कला, शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन समाजवादी पार्टी के पूर्व डीआईजी रामतीरथ परमहंस ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पारंपरिक अंदाज में आयोजित इस मेले और दंगल ने गांव के लोगों को एक साथ आने तथा ग्रामीण खेल संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

पूर्व डीआईजी रामतीरथ परमहंस ने किया दंगल का उद्घाटन

सैदपुर पचमई गांव में आयोजित दो दिवसीय मेले और दंगल का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के पूर्व डीआईजी रामतीरथ परमहंस ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के साथ ही दंगल में शामिल होने पहुंचे पहलवानों का उत्साह बढ़ा और कुश्ती प्रतियोगिताओं का सिलसिला शुरू हुआ।

इस दौरान आयोजन से जुड़े लोगों ने अतिथियों का स्वागत किया। वहीं, ग्रामीणों में भी दंगल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहलवानों के मुकाबले देखने पहुंचे।

दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में मेले और दंगल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का मंच भी प्रदान करते हैं।

हर साल आयोजित होता है दो दिवसीय मेला और दंगल

मेले के आयोजक धीरेंद्र सिंह उर्फ सोनू ने बताया कि सैदपुर पचमई गांव में प्रत्येक वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी दो दिवसीय मेले और दंगल का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में आसपास के गांवों और क्षेत्रीय इलाकों से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।

उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण परंपरा को जीवित रखना और लोगों को आपसी मेलजोल का अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही दंगल के माध्यम से पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है।

वहीं, दंगल संचालक उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रत्येक वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों से नामी पहलवान हिस्सा लेने आते हैं। इस बार भी विभिन्न राज्यों और शहरों से पहलवानों ने पहुंचकर अपने खेल का प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले पहलवानों के ठहरने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी गठित कमेटी संभालती है। आयोजन समिति की ओर से सभी पहलवानों के लिए समुचित व्यवस्था की जाती है, ताकि प्रतियोगिता का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो सके।

महिला पहलवानों की कुश्ती बनी आकर्षण का केंद्र

दंगल की शुरुआत महिला पहलवानों के मुकाबले से हुई। पहली कुश्ती बनारस की आकांक्षा पहलवान और कानपुर की मुस्कान पहलवान के बीच कराई गई। दोनों महिला पहलवानों ने मुकाबले में अपनी कुश्ती कला और दमखम का प्रदर्शन किया।

हालांकि, मुकाबले में मुस्कान पहलवान ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उन्हें 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। महिला पहलवानों के बीच हुई इस कुश्ती को देखने के लिए दर्शकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

इस मुकाबले ने यह भी दिखाया कि कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों में महिलाएं भी अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। ग्रामीण स्तर पर महिला पहलवानों को मिलने वाले ऐसे अवसर खेलों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने में सहायक हो सकते हैं।

कपिलदास और कल्लू यादव ने दर्ज की जीत

दंगल का दूसरा मुकाबला राजस्थान के संजय पहलवान और मैहर के कपिलदास पहलवान के बीच हुआ। दोनों पहलवानों ने मैदान में अपनी ताकत और दांव-पेच का प्रदर्शन किया। मुकाबले के दौरान दर्शकों ने भी खूब उत्साह दिखाया।

कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद कपिलदास पहलवान ने संजय पहलवान को पटखनी देकर जीत अपने नाम कर ली। इस जीत पर उन्हें 5,100 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

इसके बाद तीसरी कुश्ती रानीपुर के कल्लू यादव और बबेरू के राधे पहलवान के बीच हुई। इस मुकाबले में भी दोनों पहलवानों ने शानदार खेल दिखाया। हालांकि, कल्लू यादव ने अपने बेहतर दांव-पेच के दम पर राधे पहलवान को पटखनी देते हुए मुकाबला जीत लिया। जीत हासिल करने पर उन्हें भी 5,100 रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।

लगातार हुए मुकाबलों के दौरान दर्शकों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। वहीं, आयोजन समिति की ओर से प्रतियोगिता को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया गया।

जनप्रतिनिधियों और कमेटी सदस्यों की रही मौजूदगी

सैदपुर पचमई गांव में आयोजित इस दो दिवसीय मेले और दंगल में कई गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पटेल और जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि राजू प्रधान मौजूद रहे।

इसके अलावा आयोजन कमेटी के सदस्य रणविजय सिंह, यशवंत सिंह, सुनील सिंह, भोला सिंह और भंडारी सिंह सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।

दंगल देखने के लिए गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। ग्रामीणों ने पहलवानों के मुकाबलों का आनंद लिया और विजेता पहलवानों का उत्साह बढ़ाया।

ग्रामीण खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रहा आयोजन

सैदपुर पचमई में आयोजित दो दिवसीय मेला और दंगल ग्रामीण खेल संस्कृति को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ऐसे आयोजनों से पारंपरिक कुश्ती को पहचान मिलती है और युवा पीढ़ी को शारीरिक व्यायाम, अनुशासन तथा खेल भावना के प्रति प्रेरणा मिलती है।

इसके अलावा, मेले जैसे आयोजन ग्रामीण समाज में आपसी भाईचारे और सामाजिक सहभागिता को भी मजबूत करते हैं। खास बात यह है कि अलग-अलग क्षेत्रों से आए पहलवानों को एक मंच पर मुकाबला करने का अवसर मिलता है।

कुल मिलाकर, फतेहपुर के सैदपुर पचमई गांव में आयोजित इस दो दिवसीय मेले और दंगल में खेल, परंपरा और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला। महिला और पुरुष पहलवानों के मुकाबलों ने दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। वहीं, आयोजन समिति ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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