कानपुर में 290 क्षतिग्रस्त सड़कों के पैचवर्क की तैयारी, नगर निगम ने तेज किया मरम्मत का काम
रिपोर्ट – सुहैल अंसारी
कानपुर: बरसात के बाद शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों और गड्ढों को दुरुस्त कराने के लिए कानपुर नगर निगम ने मरम्मत कार्य तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में नगर निगम मुख्यालय, मोतीझील स्थित समिति कक्ष में महापौर प्रमिला पाण्डेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की संयुक्त अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर के अलग-अलग जोनों में क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति, पैचवर्क, टेंडर प्रक्रिया और मरम्मत कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान महापौर ने अधिशासी अभियंताओं को जोनवार क्षतिग्रस्त सड़कों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अब बरसात का मौसम बीत चुका है, इसलिए सड़कों की मरम्मत में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों का कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
जोन-1 में 18 सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव
नगर निगम के जोन-1 में कुल 18 सड़कें क्षतिग्रस्त बताई गईं। अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव ने बैठक में बताया कि इन सड़कों पर कच्चा पैचवर्क कराया जा चुका है। वहीं, पक्के पैचवर्क के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
जोन-1 में पक्का पैचवर्क कराने की अनुमानित लागत करीब एक करोड़ आठ लाख रुपये बताई गई है। अब टेंडर प्रक्रिया के बाद संबंधित सड़कों पर स्थायी पैचवर्क का कार्य कराया जाना है।
जोन-2 में सबसे अधिक 131 सड़कें क्षतिग्रस्त
बैठक में सामने आया कि जोन-2 में सबसे अधिक 131 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। अधिशासी अभियंता दिवाकर भास्कर ने बताया कि इनमें से 32 सड़कों का टेंडर हो चुका है, जबकि शेष सड़कों के लिए अलग-अलग तिथियों में टेंडर प्रक्रिया जारी की जानी है।
जोन-2 की इन सड़कों को गड्ढामुक्त और दुरुस्त कराने की अनुमानित लागत करीब 16 करोड़ 42 लाख रुपये है। इस जोन में बड़ी संख्या में सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण नगर निगम के लिए मरम्मत कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।
जोन-3 की सभी 40 सड़कों का टेंडर पूरा
जोन-3 में 40 सड़कें क्षतिग्रस्त पाई गई हैं। अधिशासी अभियंता की ओर से बैठक में बताया गया कि इन सभी सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन सड़कों पर पैचवर्क कराने की अनुमानित लागत करीब तीन करोड़ 72 लाख रुपये है।
इससे संबंधित कार्य आगे बढ़ने के साथ क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
जोन-4 में 21 सड़कें क्षतिग्रस्त बताई गई हैं। अधिशासी अभियंता मीनाक्षी अग्रवाल ने बताया कि सभी 21 सड़कों का टेंडर हो चुका है। इनमें से सात सड़कों पर पैचवर्क का कार्य पूरा भी किया जा चुका है।
जोन-4 में शेष सड़कों पर कार्य को आगे बढ़ाया जाना है। इस जोन में सड़क पैचवर्क की अनुमानित लागत करीब दो करोड़ 77 लाख रुपये बताई गई है।
जोन-5 में 43 क्षतिग्रस्त सड़कों पर कार्रवाई
जोन-5 में 43 सड़कें क्षतिग्रस्त बताई गई हैं। अधिशासी अभियंता कमलेश पटेल ने बताया कि बरसात के बाद जोन-5 के अंतर्गत आने वाले 18 वार्डों में प्रति वार्ड एक-एक लाख रुपये की पत्रावली तैयार कर कच्चा पैचवर्क कराया गया है।
इसके अलावा पक्के पैचवर्क के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इनमें से 31 सड़कों के लिए वर्क ऑर्डर भी जारी किए जा चुके हैं। जोन-5 में सड़क मरम्मत कार्य की अनुमानित लागत करीब सात करोड़ सात लाख रुपये बताई गई है।
जोन-6 में 37 सड़कों की मरम्मत प्रस्तावित
जोन-6 में 37 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि इनमें से 21 सड़कों का टेंडर हो चुका है। जोन-6 की सभी सड़कों पर प्रस्तावित कार्य की कुल लागत करीब तीन करोड़ 26 लाख रुपये बताई गई है।
इस प्रकार नगर निगम के सभी जोनों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए अलग-अलग स्तर पर टेंडर और कार्यादेश की प्रक्रिया चल रही है।
ज्यादातर टेंडर 15 प्रतिशत तक बिलो
बैठक में महापौर ने अधिकारियों से बिलो टेंडर के संबंध में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर टेंडर करीब 15 प्रतिशत तक बिलो हैं। वहीं, कुछ ही सड़कों के टेंडर 15 प्रतिशत से अधिक बिलो हैं।
महापौर ने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता के साथ-साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने पर भी जोर दिया।
सीएम ग्रिड की पांच सड़कों पर चल रहा काम
बैठक में सीएम ग्रिड परियोजना की भी समीक्षा की गई। अधिशासी अभियंता दिवाकर भास्कर ने बताया कि फिलहाल सीएम ग्रिड के तहत पांच सड़कों पर काम चल रहा है। इन कार्यों की कुल लागत करीब 185 करोड़ 66 लाख रुपये है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के पहले चरण में शासन से 46 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ था। वहीं, दूसरे चरण में बजट और कार्य की स्थिति के आधार पर अलग-अलग सड़कों के लिए शासन से अलग-अलग बजट जारी किया जा रहा है।
महाप्रबंधक जलकल आनंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम चरण में सीवर और वाटर लाइन को शिफ्ट किए जाने का प्रावधान नहीं था। इसके चलते 15वें वित्त आयोग की धनराशि से 34 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे।
जल्द पूरा होगा सड़क मरम्मत का काम
बैठक के अंत में महापौर प्रमिला पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बरसात का मौसम समाप्त हो चुका है। इसलिए क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क का काम जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही सीएम ग्रिड परियोजना के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार, सचिव जलकल ईश्वर सिंह, अधिशासी अभियंता जलकल जोन-2 रामेन्द्र पाण्डेय, जोन-3 सचिन सिंह यादव, जोन-5 गंगा सागर, जोन-6 सुशील कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

