सोनभद्र में मोर्चा संयोजक पर नशे के कारोबार की शिकायत से विवाद, निष्पक्ष जांच की रखी गई मांग

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रिपोर्ट – ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी 

सोनभद्र: किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र के खिलाफ नशे के कारोबार से जुड़ी शिकायत सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। मामले को लेकर सोमवार को मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने आबकारी कार्यालय पहुंचकर जिला आबकारी अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत की वास्तविकता सामने लाने की मांग की। साथ ही मोर्चा की ओर से शिकायतकर्ता की पहचान सार्वजनिक करने और यदि शिकायत गलत पाई जाए तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।

यह मामला आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायत से जुड़ा बताया जा रहा है। मोर्चा संयोजक संदीप मिश्र ने आबकारी विभाग की कार्रवाई और शिकायत की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, शिकायत की वास्तविकता और उसमें लगाए गए आरोपों को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

आईजीआरएस शिकायत के आधार पर जांच की बात

संदीप मिश्र के अनुसार, आबकारी विभाग के निरीक्षक विनोद कुमार साव उनके घर पहुंचे थे। उनका कहना है कि निरीक्षक ने उनके माता-पिता से कथित तौर पर कहा कि उनके बेटे के खिलाफ नशे का कारोबार करने की शिकायत मिली है और इसी संबंध में जांच की जा रही है।

संदीप मिश्र ने बताया कि इस दौरान घरवालों के फोन से उनकी आबकारी निरीक्षक से बातचीत हुई। बातचीत में निरीक्षक ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें आईजीआरएस के माध्यम से मिली शिकायत के आधार पर जांच के लिए भेजा गया था।

आईजीआरएस यानी इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा जांच की जाती है। इस मामले में भी मोर्चा के अनुसार आबकारी विभाग की ओर से शिकायत की जांच की गई।

जांच में तथ्य नहीं मिलने का दावा

मोर्चा संयोजक संदीप मिश्र का कहना है कि जांच के बाद आबकारी निरीक्षक ने उन्हें बताया कि नशे के कारोबार से संबंधित कोई तथ्य सामने नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने शिकायत करने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी मांगी।

संदीप मिश्र के अनुसार, शिकायतकर्ता का नाम पूछे जाने पर निरीक्षक ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए नाम बताने से इनकार कर दिया। इसी बिंदु को लेकर मोर्चा ने आबकारी विभाग से विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मोर्चा का कहना है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो शिकायत की वास्तविकता भी सामने आनी चाहिए। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि गलत शिकायत किए जाने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मोर्चा ने शिकायत को बताया फर्जी

प्रतिनिधिमंडल ने जिला आबकारी अधिकारी को सौंपे पत्र में शिकायत को फर्जी बताया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। मोर्चा की ओर से कहा गया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जाने की स्थिति में शिकायत के आधार और तथ्यों की जांच आवश्यक है।

वहीं, संदीप मिश्र ने आरोप लगाया कि उन्हें जल, जंगल, जमीन और विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के कारण परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोर्चा किसानों और जनपदवासियों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहा है।

इससे पहले भी संदीप मिश्र के नेतृत्व में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा की ओर से विंध्य एक्सप्रेसवे और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यक्रम किए जाते रहे हैं। हाल की रिपोर्टों में भी संगठन की ओर से प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और भूमि से जुड़े सवाल उठाए जाने की जानकारी सामने आई है।

आंदोलन जारी रखने की बात

संदीप मिश्र ने कहा कि उनका संगठन जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों के साथ किसानों तथा जनपदवासियों की समस्याओं को लेकर अपनी गतिविधियां जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है।

इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन से जुड़े होने के कारण उनके खिलाफ शिकायत के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत किस आधार पर की गई थी और जांच में क्या तथ्य मिले।

किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा इससे पहले भी किसानों, पर्यावरण और प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़े विषयों पर अपनी मांगें उठाता रहा है। विभिन्न रिपोर्टों में मोर्चा संयोजक संदीप मिश्र के नेतृत्व में इन मुद्दों पर बैठकों और प्रदर्शनों का उल्लेख किया गया है।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल

जिला आबकारी अधिकारी को पत्र सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में आकाश चौहान, शत्रुधन बिंद, संजय बियार, दिनेश चेरो, सुरेश खरवार, अरविंद पटेल और रोहित मौर्य शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से मांग की कि शिकायत की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि शिकायत किस आधार पर की गई थी। साथ ही जांच के दौरान सामने आए तथ्यों की जानकारी भी नियमानुसार उपलब्ध कराई जाए।

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल यह मामला शिकायत, जांच और उसके बाद उठे सवालों के बीच बना हुआ है। मोर्चा की ओर से जहां शिकायत को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, वहीं शिकायत के मूल तथ्यों और उसके आधार को लेकर विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

ऐसे में मामले में आगे की तस्वीर संबंधित विभाग की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सामने आएगी। फिलहाल मोर्चा ने जिला आबकारी अधिकारी को पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि किसानों तथा जनपदवासियों से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका अभियान जारी रहेगा।

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