सोनभद्र के पंचमुखी महादेव मंदिर में स्वच्छता अभियान, डीएम चर्चित गौड़ ने किया श्रमदान

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Digital UP News Desk

सोनभद्र: जिले में स्वच्छता को लेकर चलाए जा रहे ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत रविवार को प्राचीन पंचमुखी महादेव मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्वयं सफाई अभियान में हिस्सा लेते हुए करीब 45 मिनट तक श्रमदान किया। जिलाधिकारी के श्रमदान से अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश गया।

अभियान के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और सिंगल यूज प्लास्टिक एकत्र किया गया। अधिकारियों के अनुसार, अभियान में करीब 1000 किलोग्राम प्लास्टिक एकत्र हुआ। इसके बाद एकत्रित प्लास्टिक को मौके पर ही कबाड़ी को बेच दिया गया, जिससे 2500 रुपये की राशि प्राप्त हुई। जिलाधिकारी की पहल पर इस राशि को मंदिर के रख-रखाव और व्यवस्थाओं के लिए समर्पित कर दिया गया।

डीएम ने अधिकारियों के साथ किया श्रमदान

स्वच्छता अभियान में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर मंदिर परिसर की सफाई की। उन्होंने स्वयं सफाई कार्य में भाग लेते हुए लोगों को यह संदेश दिया कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अभियान में शामिल लोगों ने मंदिर परिसर और उसके आसपास जमा प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा तथा सिंगल यूज प्लास्टिक को एकत्र किया। इसके परिणामस्वरूप परिसर में स्वच्छता का बेहतर वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई।

1000 किलो प्लास्टिक हुआ एकत्र

स्वच्छता अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में करीब 1000 किलोग्राम प्लास्टिक और सिंगल यूज प्लास्टिक का संग्रह रहा। अभियान के दौरान लोगों को प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति भी जागरूक किया गया।

एकत्रित प्लास्टिक को कबाड़ी को बेचने से 2500 रुपये प्राप्त हुए। सामान्य तौर पर सफाई के दौरान एकत्र कचरे को केवल हटाया जाता है, लेकिन इस पहल के जरिए अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलने का संदेश भी दिया गया। प्राप्त धनराशि को मंदिर की व्यवस्थाओं और रख-रखाव के लिए समर्पित किया गया।

इस पहल से स्वच्छता के साथ-साथ कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी का संदेश भी लोगों तक पहुंचा। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे प्लास्टिक कचरे को खुले में न फेंकें और उसे निर्धारित स्थान पर ही डालें।

मंदिर परिसर में लगाए गए दो डस्टबिन

स्वच्छता अभियान के दौरान मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था को स्थायी रूप से बेहतर बनाए रखने के लिए दो डस्टबिन भी स्थापित कराए गए। इन डस्टबिन के लगने से श्रद्धालुओं और आम लोगों को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने में सुविधा होगी।

दरअसल, धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना होता है। ऐसे में वहां पर्याप्त कूड़ेदान और नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर में डस्टबिन स्थापित कराने की पहल की।

इसके साथ ही लोगों को यह संदेश दिया गया कि केवल अभियान के दौरान सफाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में भी स्वच्छता को शामिल करना जरूरी है।

डीएम ने की जनभागीदारी की अपील

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्लास्टिक और सिंगल यूज प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल करें तथा कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें।

उन्होंने कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का उद्देश्य सफाई को जनभागीदारी के माध्यम से जन-आंदोलन बनाना है। जब आम लोग स्वच्छता अभियानों से जुड़ते हैं, तो उसका प्रभाव लंबे समय तक दिखाई देता है।

जिलाधिकारी ने लोगों से अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक परिसरों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को साफ रखने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए प्रशासन के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी।

अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने लिया संकल्प

पंचमुखी महादेव मंदिर में आयोजित स्वच्छता अभियान में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोगों की सहभागिता भी देखने को मिली। लोगों ने सफाई अभियान में हिस्सा लिया और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।

वहीं, प्रशासन की इस पहल से यह संदेश भी गया कि स्वच्छता अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे सामुदायिक भागीदारी से प्रभावी बनाया जा सकता है। विशेष रूप से धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की जागरूकता से कूड़ा प्रबंधन को बेहतर किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, पंचमुखी महादेव मंदिर में आयोजित यह स्वच्छता अभियान सफाई, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण पहल रहा। करीब 1000 किलो प्लास्टिक एकत्र करने, उसे बेचकर प्राप्त 2500 रुपये मंदिर को समर्पित करने और दो डस्टबिन स्थापित करने से अभियान को व्यावहारिक रूप भी मिला। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

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