ईपीएफओ ने मनाया 74वां स्थापना दिवस, कानपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों की धूम

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रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा

कानपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 74वें स्थापना दिवस सप्ताह के अंतर्गत कानपुर स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सामाजिक सुरक्षा, भविष्य निधि और डिजिटल सेवाओं को लेकर विशेष जनजागरूकता अभियान चलाए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संगठन की योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त उदय बख्शी तथा विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय समिति के सदस्य एस. बाजपेई और सुखदेव मिश्र ने किया। इस दौरान कार्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने रंगोली, नृत्य और संगीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेकर स्थापना दिवस समारोह की गरिमा बढ़ाई।

रंगोली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

ईपीएफओ के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यालय परिसर में आकर्षक रंगोली सजाई गई। इसके माध्यम से संगठन के स्थापना दिवस की विशेष झलक प्रस्तुत की गई। वहीं, अधिकारियों और कर्मचारियों ने नृत्य एवं संगीत की प्रस्तुतियों से समारोह को यादगार बनाया।

इस आयोजन का उद्देश्य संगठन की उपलब्धियों और कर्मचारियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने में ईपीएफओ की भूमिका को सामने लाना भी रहा। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।

आईटीआई में नुक्कड़ नाटक से बताया भविष्य निधि का महत्व

स्थापना दिवस सप्ताह के तहत जनजागरूकता गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया गया। इसी क्रम में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), कानपुर में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को भविष्य निधि के महत्व तथा सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

नुक्कड़ नाटक के जरिए बताया गया कि नौकरी के दौरान भविष्य निधि खाते में जमा होने वाली धनराशि सेवानिवृत्ति और वृद्धावस्था के समय आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा जीवन की विभिन्न आवश्यकताओं के दौरान भी यह बचत उपयोगी साबित होती है।

कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को नौकरी की शुरुआत से ही भविष्य निधि और सामाजिक सुरक्षा के महत्व को समझने का संदेश दिया गया।

पेंशनभोगियों के लिए जागरूकता बस रवाना

वहीं, पेंशनभोगियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष पहल की गई। कानपुर रोडवेज के सहयोग से स्टीकर और जागरूकता पैनल से सुसज्जित बस को रवाना किया गया।

इस बस के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। साथ ही निःशुल्क जीवन प्रमाण पत्र सुविधा के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पेंशनभोगियों तक डिजिटल सेवाओं की जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे इस सुविधा का आसानी से लाभ उठा सकें। इसके अलावा तकनीक आधारित सेवाओं के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।

अधिकारियों ने किया अतिथियों का स्वागत

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम शाहिद इकबाल ने मुख्य अतिथि उदय बख्शी सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-द्वितीय प्रतीश सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-तृतीय कुमार अभिषेक, सहायक आयुक्त श्रीमती गरिमा सिंह और खुशीराम जोशी सहित कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, ईपीएफओ के 74वें स्थापना दिवस सप्ताह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में सांस्कृतिक उत्सव के साथ जनहित और सामाजिक सुरक्षा का संदेश भी दिया गया। भविष्य निधि के महत्व से लेकर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा तक, विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से संगठन ने आम लोगों को जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।

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