सचिन चंद्रा न्याय सत्याग्रह के तीसरे दिन SFI ने उठाए सवाल, प्रशासन से जांच और सुरक्षा पर मांगा जवाब
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह
कानपुर: कानपुर विश्वविद्यालय के छात्र सचिन चंद्रा की ओर से लगाए गए कथित हमले और उत्पीड़न के आरोपों को लेकर फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा के सामने शुरू किया गया अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), कानपुर ने सत्याग्रह को समर्थन देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई और सचिन चंद्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
SFI का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी जांच की प्रगति और अब तक हुई कार्रवाई के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं है। संगठन ने प्रशासन से यह भी जानकारी मांगी है कि यदि सचिन चंद्रा की ओर से सुरक्षा को लेकर लिखित शिकायतें दी गई हैं, तो उन पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के आधार पर ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तीसरे दिन भी जारी रहा शांतिपूर्ण सत्याग्रह
फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा के सामने चल रहा सत्याग्रह शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों की ओर से इसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने का माध्यम बताया गया है।
SFI कानपुर ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित कराने की मांग करना है। संगठन ने कहा कि मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
इससे पहले भी सचिन चंद्रा की ओर से न्याय की मांग को लेकर गांधी प्रतिमा के पास सत्याग्रह किए जाने की जानकारी सामने आई थी। (Digital UP News)
SFI ने जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग की
SFI कानपुर ने मामले में दर्ज प्राथमिकी के बाद जांच की वर्तमान स्थिति को लेकर प्रशासन से स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। संगठन के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज होना कानूनी प्रक्रिया का एक चरण है, लेकिन इसके बाद जांच किस स्तर पर पहुंची है और अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी भी संबंधित पक्षों को मिलनी चाहिए।
संगठन ने कहा कि गंभीर आरोपों से जुड़े किसी भी मामले में जांच पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ना जरूरी है। इसके साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों, शिकायतों और संबंधित पक्षों के बयानों को जांच में शामिल किया जाना चाहिए।
SFI ने यह भी मांग रखी कि जांच की प्रगति के संबंध में प्रशासन की ओर से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि मामले को लेकर बनी स्थिति और सवालों का तथ्यात्मक समाधान हो सके।
आराध्य बाजपेयी ने प्रशासन से मांगा जवाब
SFI कानपुर के महामंत्री और राज्य कमेटी सदस्य आराध्य बाजपेयी ने प्रशासन से मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सचिन चंद्रा की ओर से लगाए गए कथित हमले और उत्पीड़न के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच और कार्रवाई किस स्थिति में है, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए।
उन्होंने सुरक्षा संबंधी शिकायतों का भी उल्लेख करते हुए पूछा कि यदि पीड़ित की ओर से प्रशासन को लिखित शिकायतें दी गई हैं, तो उन पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
आराध्य बाजपेयी के मुताबिक, संगठन निष्पक्ष जांच, कानून के अनुसार कार्रवाई और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के समाधान की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखता रहेगा।
SFI ने कहा- किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उद्देश्य नहीं
SFI कानपुर ने स्पष्ट किया कि संगठन मामले में सामने आए आरोपों को लेकर स्वयं कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाल रहा है। संगठन के अनुसार, आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
इसके साथ ही SFI ने कहा कि मामले से जुड़े सभी पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इससे जांच की विश्वसनीयता बनी रहेगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जा सकेगी।
संगठन ने प्रशासन से यह भी कहा कि जांच प्रक्रिया के दौरान सभी संबंधित पक्षों के अधिकारों और कानूनी प्रावधानों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर भी मांगी जानकारी
मामले में सुरक्षा को लेकर की गई कथित लिखित शिकायतों को लेकर भी SFI ने प्रशासन से जवाब मांगा है। संगठन का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की ओर से सुरक्षा संबंधी शिकायत दी गई है, तो प्रशासन को उसके परीक्षण और उस पर की गई कार्रवाई के संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
SFI ने मांग की है कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही, शिकायतों की स्थिति के बारे में संबंधित पक्ष को जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
SFI की प्रमुख मांगें
SFI कानपुर ने मामले को लेकर कई मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए।
- प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हुई कार्रवाई और जांच की प्रगति स्पष्ट की जाए।
- सुरक्षा संबंधी लिखित शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
- सचिन चंद्रा की सुरक्षा संबंधी चिंताओं का कानून के अनुसार समाधान किया जाए।
- न्यायालय के आदेशों और कानूनी प्रक्रिया का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
- मामले की जांच के लिए एसआईटी जांच की मांग पर भी विचार किया जाए।
प्रशासन के आधिकारिक जवाब का इंतजार
फिलहाल फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा के सामने सत्याग्रह तीसरे दिन भी जारी रहा। SFI ने प्रशासन से जांच, कार्रवाई और सुरक्षा से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।
वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में प्राथमिकी के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है, सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में क्या आधिकारिक जानकारी दी जाती है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।

