औरैया में कोतवाली गेट के सामने इस युवक ने साड़ी पहनकर युवक ने बनाई रील, वायरल हुआ वीडियो
रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी
औरैया: सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए रील बनाने का चलन लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो में एक युवक साड़ी पहनकर सड़क पर रील बनाता हुआ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो औरैया सदर कोतवाली के मुख्य गेट के सामने बनाया गया है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। खास बात यह है कि रील बनाने के लिए युवक ने शहर के एक प्रमुख पुलिस परिसर के सामने सड़क का इस्तेमाल किया। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि वीडियो बनाए जाने के दौरान सड़क पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी या नहीं और क्या इससे पुलिस के नियमित कामकाज में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न हुआ।
कोतवाली गेट के सामने बनाया गया वीडियो
वायरल हो रहे वीडियो में युवक साड़ी पहने दिखाई दे रहा है। वह सड़क पर खड़े होकर रील रिकॉर्ड करता नजर आता है। वीडियो के संबंध में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसे सदर कोतवाली के मुख्य गेट के सामने बनाया गया है।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद स्थानीय लोगों और इंटरनेट यूजर्स का ध्यान इस ओर गया। हालांकि, वायरल वीडियो सामने आने मात्र से घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि नहीं होती। इसलिए वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, किस उद्देश्य से बनाया गया और उस समय मौके पर यातायात की वास्तविक स्थिति क्या थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यातायात व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
सार्वजनिक सड़क पर किसी भी तरह की वीडियो शूटिंग या रील बनाते समय यातायात व्यवस्था का ध्यान रखना जरूरी होता है। खासकर व्यस्त सड़क या किसी प्रमुख सरकारी कार्यालय के सामने बनाए गए वीडियो में यह देखना महत्वपूर्ण होता है कि इससे आम लोगों की आवाजाही तो प्रभावित नहीं हुई।
औरैया के इस वायरल वीडियो को लेकर भी यही सवाल उठ रहा है कि रील बनाने के दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य थी या नहीं। यदि सड़क पर वीडियो शूट करने के कारण किसी तरह की बाधा उत्पन्न हुई हो, तो संबंधित नियमों के तहत पुलिस और यातायात विभाग तथ्यों की जांच कर सकते हैं।
हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि युवक ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया या उसके खिलाफ किसी कार्रवाई का आधार बनता है। इसके लिए मौके की परिस्थितियों और वीडियो की सत्यता की जांच आवश्यक होगी।
पुलिस करेगी वायरल वीडियो के तथ्यों की जांच?
वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका भी चर्चा में है। हालांकि, पुलिस की ओर से कार्रवाई किए जाने की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो के आधार पर पहले उसके तथ्य और परिस्थितियों की जांच किए जाने की संभावना है।
जांच में यह देखा जा सकता है कि वीडियो वास्तव में औरैया सदर कोतवाली के सामने ही बनाया गया था या नहीं। इसके अलावा वीडियो रिकॉर्ड किए जाने का समय, स्थान और उस दौरान सड़क पर मौजूद परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
यदि जांच में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने या किसी अन्य नियम के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तभी आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, यदि वीडियो बनाने से किसी तरह की बाधा नहीं हुई और कोई नियम नहीं टूटा, तो कार्रवाई का सवाल भी उसी आधार पर तय होगा।
सोशल मीडिया रील के लिए सार्वजनिक स्थान का इस्तेमाल
आज के समय में इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। लोग अलग-अलग स्थानों पर वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। हालांकि, सार्वजनिक स्थानों पर कंटेंट तैयार करते समय स्थानीय नियमों और आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है।
औरैया में इससे पहले भी सोशल मीडिया रील से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। जुलाई 2026 में औरैया के एसपी कार्यालय परिसर में एक महिला द्वारा पुलिस अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर रील बनाए जाने का मामला सामने आया था। पुलिस के संज्ञान में आने के बाद महिला ने वीडियो हटाकर माफी मांगी थी।
इसी तरह वर्ष 2025 में औरैया में कार के बोनट पर बैठकर रील बनाने का वीडियो वायरल हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, यातायात नियमों से जुड़े मामले में चालान की कार्रवाई की गई थी।
इन घटनाओं से स्पष्ट है कि सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाते समय सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और नियमों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी कार्रवाई की स्थिति
फिलहाल औरैया सदर कोतवाली के सामने साड़ी पहनकर रील बनाने वाले युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। लेकिन वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई तय मानना उचित नहीं होगा।
पुलिस द्वारा यदि मामले का संज्ञान लिया जाता है, तो सबसे पहले वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसके संदर्भ की जांच की जाएगी। इसके बाद यह देखा जाएगा कि वीडियो बनाने के दौरान यातायात, सार्वजनिक व्यवस्था या पुलिस के कार्य में कोई व्यवधान हुआ था या नहीं।
इसलिए फिलहाल इस मामले में कार्रवाई की स्थिति जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी। वायरल वीडियो को लेकर सामने आ रही चर्चाओं के बीच वास्तविक स्थिति पुलिस की तथ्यात्मक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

