फतेहपुर में हिंदू महासभा ने सौंपा 5 सूत्रीय मांगपत्र, बारिश से नुकसान के मुआवजे की रखी मुख्य मांग

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रिपोर्ट – राम चंद्र सैनी 

फतेहपुर: फतेहपुर सदर तहसील में अखिल भारत हिंदू महासभा ने जनहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर शुक्रवार को एसडीएम/तहसील प्रशासन को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। संगठन ने अत्यधिक बारिश से मकानों और फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित लोगों को मुआवजा दिलाने की मांग की। इसके साथ ही राजस्व विभाग से संबंधित मामलों के शीघ्र निस्तारण और तहसील स्तर पर आम लोगों की समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई गई।

मांगपत्र सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हाल के दिनों में हुई अधिक बारिश के कारण कई स्थानों पर मकानों और खेतों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में प्रभावित परिवारों और किसानों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को नुकसान का आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। फतेहपुर में हाल में बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की ओर से भी नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग सामने आई है।

बारिश से मकान और फसलों को नुकसान, मुआवजे की मांग

अखिल भारत हिंदू महासभा के मांगपत्र में कहा गया कि अत्यधिक बारिश के कारण कई लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा सरसों, बाजरा, तिल और धान समेत अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। संगठन ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने और पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।

संगठन का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए, प्रभावित किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाना चाहिए। साथ ही जिन परिवारों के मकानों को नुकसान पहुंचा है, उनके मामलों में भी राजस्व टीम के माध्यम से जांच कर उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई।

आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र से जुड़े मामलों का मुद्दा

पांच सूत्रीय मांगपत्र में राजस्व विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। संगठन ने आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के साथ-साथ वरासत, हकबंदी, दाखिल-खारिज और नक्शा दुरुस्ती जैसे मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।

संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि इन कार्यों के नाम पर कुछ लोगों से कथित तौर पर धन की मांग की जाती है। हिंदू महासभा ने ऐसी शिकायतों की जांच कराने और यदि अनियमितता सामने आए तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसके अलावा संगठन ने वर्षों से लंबित सामान्य राजस्व मुकदमों का भी समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराने की मांग रखी। संगठन का कहना है कि लंबे समय से मामले लंबित रहने के कारण आम लोगों को तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

लेखपाल और कानूनगो के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की मांग

मांगपत्र में तहसील क्षेत्र के प्रत्येक ब्लॉक और सर्किल में तैनात लेखपालों और कानूनगो के मोबाइल नंबरों की सूची तहसील परिसर में सार्वजनिक रूप से चस्पा कराने की मांग भी की गई।

संगठन के अनुसार, यदि संबंधित कर्मचारियों के संपर्क नंबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हों तो ग्रामीण और अन्य जरूरतमंद लोग अपनी राजस्व संबंधी शिकायतों के लिए सीधे संबंधित अधिकारी या कर्मचारी से संपर्क कर सकेंगे। इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया में भी सुविधा हो सकती है।

फतेहपुर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी राजस्व सेवाओं और सार्वजनिक शिकायतों से संबंधित सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर सदर एसडीएम और तहसीलदार समेत अधिकारियों की जानकारी भी दी गई है।

लेखपालों के कामकाज को लेकर संगठन ने लगाए आरोप

प्रदेश उपाध्यक्ष काशी प्रान्त मनोज त्रिवेदी ने तहसील परिसर के सामने बनी दुकानों और घरों में बैठकर कुछ लेखपालों द्वारा कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। संगठन ने ऐसे मामलों की जांच कराने और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो कार्रवाई करने की मांग की।

इसके साथ ही संगठन ने तहसील परिसर में कथित तौर पर प्राइवेट कर्मचारियों के लेखपालों के सहायक के रूप में काम करने का मुद्दा भी उठाया। मांगपत्र में ऐसे कर्मचारियों को हटाने की मांग की गई है।

संगठन ने नायब तहसीलदारों की अदालतों में बैठकर लोगों से कथित रूप से धन वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया। इन आरोपों को लेकर हिंदू महासभा ने प्रशासन से जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील

अखिल भारत हिंदू महासभा ने प्रशासन से पांचों मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जनहित में जल्द कार्रवाई करने की अपील की। संगठन ने विशेष रूप से बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों तथा मकान मालिकों के नुकसान का आकलन कर उन्हें नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की मांग की।

वहीं, राजस्व विभाग से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, प्रमाणपत्रों और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा संबंधित कर्मचारियों की संपर्क जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी रखी गई।

फतेहपुर में इस समय बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों की ओर से राहत तथा मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन के सामने शिकायतें पहुंच रही हैं। ऐसे में हिंदू महासभा का यह मांगपत्र भी स्थानीय स्तर पर राजस्व और राहत व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर उठाई गई मांगों में शामिल हो गया है।