इटावा में लूट की साजिश नाकाम, अंतर्जनपदीय गिरोह के छह बदमाश गिरफ्तार

109

रिपोर्ट- रोहित सिंह चौहान 

इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में जसवंतनगर थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक अंतर्जनपदीय गिरोह के छह संदिग्ध बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी किसी लूट की घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी छह आरोपियों को पकड़ लिया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चार तमंचे, 10 जिंदा कारतूस, दो चाकू, आठ मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों के संबंध में कई जिलों में लूट और चोरी की घटनाओं से जुड़े होने की जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। हालांकि, इन मामलों में आरोपियों की भूमिका की पुष्टि संबंधित मुकदमों और जांच के आधार पर की जाएगी।

वाहन चेकिंग के दौरान मिली सूचना

पुलिस के मुताबिक, जसवंतनगर थाना क्षेत्र में पुलिस टीम नियमित रूप से वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति एक कार में सवार होकर इलाके में घूम रहे हैं और किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की। कुछ ही देर बाद पुलिस ने बताए गए हुलिए और वाहन के आधार पर संदिग्ध कार को रोक लिया। पुलिस के अनुसार, कार में सवार लोगों से पूछताछ की गई और तलाशी के दौरान हथियार, कारतूस, चाकू तथा मोबाइल फोन बरामद हुए।

इसके बाद पुलिस ने कार में मौजूद छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।

छह आरोपियों की गिरफ्तारी

जसवंतनगर पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक गौतम, मोहित तिवारी, अनुज शंखवार, शिवम यादव, पंकज गौतम और धीरेन्द्र कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी कानपुर नगर और कानपुर देहात के रहने वाले हैं।

पुलिस की ओर से की गई पूछताछ में आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और दूसरे जिलों में उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा इनके द्वारा किन-किन घटनाओं को अंजाम दिया गया है।

चार तमंचे और 10 कारतूस बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार तमंचे और 10 जिंदा कारतूस बरामद करने की बात कही है। इसके अलावा दो चाकू, आठ मोबाइल फोन और एक कार भी पुलिस के कब्जे में ली गई है।

पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और वाहन से संबंधित जानकारी की भी जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और घटना से पहले उनकी गतिविधियां किन क्षेत्रों में रही थीं।पुलिस के अनुसार, बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया गया है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ के आधार पर संभावित आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

कई जिलों में वारदातों का दावा

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी केवल इटावा तक सीमित नहीं थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी कानपुर नगर, फिरोजाबाद, कन्नौज, हमीरपुर और फतेहपुर समेत कई जिलों में लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।

इन दावों को लेकर पुलिस संबंधित जिलों से भी जानकारी जुटा रही है। अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों और आरोपियों के आपराधिक इतिहास का मिलान किया जा रहा है। इसके बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका रही है।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। साथ ही उन संभावित स्थानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है, जहां आरोपी वारदातों से पहले या बाद में ठहरते थे।

पुलिस ने समय रहते की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, यदि मुखबिर की सूचना के आधार पर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आरोपी किसी आपराधिक घटना को अंजाम दे सकते थे। हालांकि, पुलिस की सक्रियता के चलते संदिग्धों को वाहन चेकिंग के दौरान ही पकड़ लिया गया।

जसवंतनगर पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासतौर पर दूसरे जिलों में सक्रिय संदिग्ध गिरोहों पर नजर रखने के लिए पुलिस की ओर से वाहन चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जा रही है।

इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद कार का इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में तो नहीं किया गया था। वाहन के दस्तावेज और उसके स्वामित्व से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है।

नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह का संचालन कौन करता था और वारदात के लिए संभावित स्थानों का चयन किस तरह किया जाता था।

इसके अलावा पुलिस मोबाइल फोन से प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपियों के संपर्कों की भी जांच कर सकती है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि अपराध से जुड़े पुराने मामलों की जानकारी संबंधित जिलों से प्राप्त की जा रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से कितने मामले दर्ज हैं और उनमें उनकी क्या भूमिका रही है।

बरामदगी के आधार पर आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद हथियार और अन्य सामान को जांच में शामिल किया गया है। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी आपराधिक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाना भी महत्वपूर्ण होता है। इसी दिशा में जसवंतनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

सीओ सिटी ने दी जानकारी

पूरे मामले को लेकर सीओ सिटी अविनाश कुमार सिंह ने पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जसवंतनगर थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए छह संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से चार तमंचे, 10 जिंदा कारतूस, दो चाकू, आठ मोबाइल फोन और एक कार बरामद हुई है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और दूसरे जिलों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है।

You may have missed