कानपुर के जाजमऊ 20 एमएलडी सीईटीपी को लेकर डीएम सख्त, शुल्क न देने वाली टेनरियों पर होगी कार्रवाई

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कानपुर: जाजमऊ के वाजिदपुर स्थित 20 एमएलडी कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से जुड़े लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने और पर्यावरणीय मानकों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सीईटीपी परियोजना की प्रगति, पाइपलाइन और मैनहोल के शेष कार्य, सॉलिड वेस्ट एवं स्लज के निस्तारण तथा संचालन एवं अनुरक्षण शुल्क समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के जो भी कार्य अभी बाकी हैं, उन्हें तय समयसीमा के भीतर पूरा कराया जाए। साथ ही, जिन टेनरी इकाइयों की ओर से संचालन एवं अनुरक्षण यानी ओएंडएम शुल्क के बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पाइपलाइन और मैनहोल के शेष कार्यों पर मांगी रिपोर्ट

बैठक के दौरान 20 एमएलडी सीईटीपी परियोजना के तहत पाइपलाइन और मैनहोल से जुड़े लंबित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन कार्यों की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए यूपीपीसीबी और प्रोजेक्ट इंजीनियर संयुक्त रूप से रिपोर्ट तैयार करें

इसके बाद इस रिपोर्ट को सचिव, जेटेटा से सत्यापित कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्यापन के बाद संयुक्त रिपोर्ट दो दिवस के भीतर प्रस्तुत की जाए। इससे परियोजना के लंबित कार्यों की स्थिति स्पष्ट होने के साथ-साथ उन्हें पूरा कराने की दिशा में आगे की कार्रवाई तय की जा सकेगी।

वहीं, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना से संबंधित कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। इसलिए संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीईटीपी से निकलने वाले सॉलिड वेस्ट और स्लज पर भी निगरानी

बैठक में सीईटीपी प्लांट से निकलने वाले सॉलिड वेस्ट और स्लज के निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इनका नियमानुसार उचित और सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

दरअसल, सीईटीपी जैसी परियोजनाओं में अपशिष्ट प्रबंधन पर्यावरणीय अनुपालन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में केवल प्लांट का संचालन पर्याप्त नहीं है, बल्कि उससे निकलने वाले अपशिष्ट का निर्धारित नियमों के अनुसार प्रबंधन भी जरूरी है।

इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सॉलिड वेस्ट और स्लज के निस्तारण की प्रक्रिया में पर्यावरणीय मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही, इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

तय समय में पूरे होंगे सीईटीपी के लंबित कार्य

जिलाधिकारी ने परियोजना से जुड़े शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित कांट्रेक्टर को निर्धारित समयावधि में सभी लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के कार्यों को तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाया जाए, ताकि सीईटीपी से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।

इसके अलावा, अधिकारियों को परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखने के लिए भी कहा गया। इससे लंबित कार्यों की स्थिति की समय-समय पर समीक्षा की जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई भी की जा सकेगी।

ओएंडएम शुल्क नहीं देने वाली टेनरियों पर होगी कार्रवाई

बैठक का एक महत्वपूर्ण मुद्दा सीईटीपी के संचालन एवं अनुरक्षण शुल्क से जुड़ा रहा। समीक्षा के दौरान सामने आए बिंदुओं पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन टेनरी इकाइयों द्वारा ओएंडएम शुल्क के बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ यूपीपीसीबी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करे।

प्रशासन की ओर से यह कदम सीईटीपी के संचालन और अनुरक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि प्लांट के नियमित संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का समय पर प्रबंधन जरूरी है। ऐसे में शुल्क भुगतान से जुड़े मामलों का नियमानुसार निस्तारण करने पर जोर दिया गया।

हालांकि, कार्रवाई संबंधित नियमों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही की जाएगी। इसके लिए संबंधित टेनरी इकाइयों की स्थिति और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण होंगे।

पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन पर जोर

जाजमऊ क्षेत्र में टेनरी इकाइयों से जुड़े अपशिष्ट के उपचार और निस्तारण को लेकर सीईटीपी की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशासन ने परियोजना के निर्माण एवं संचालन से जुड़े कार्यों के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को भी प्राथमिकता दी है।

जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सीईटीपी से जुड़े सभी कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार किए जाएं। साथ ही, परियोजना के लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने के साथ पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

इस दौरान अधिकारियों ने परियोजना की वर्तमान स्थिति और शेष कार्यों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी दी। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने पर प्रशासन का जोर

कुल मिलाकर, 20 एमएलडी सीईटीपी परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने अब कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया है। पाइपलाइन और मैनहोल के लंबित कार्यों की संयुक्त रिपोर्ट दो दिन में मांगी गई है, जबकि अन्य शेष कार्यों को भी निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, ओएंडएम शुल्क का भुगतान नहीं करने वाली टेनरी इकाइयों के मामलों में यूपीपीसीबी को नियमों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके साथ ही सॉलिड वेस्ट और स्लज के उचित निस्तारण पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

अब आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों की रिपोर्ट और परियोजना की प्रगति के आधार पर होगी। प्रशासन का मुख्य जोर यही है कि 20 एमएलडी सीईटीपी के लंबित कार्य समय से पूरे हों और पर्यावरणीय मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

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