सीवर में बोरी प्रकरण पर अजय राय का हमला, CCTV जांच और खर्च का हिसाब मांगने की मांग

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रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांडेय 

वाराणसी: वाराणसी में सीवर और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने लहुराबीर स्थित अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर शहर की सीवर व्यवस्था, जलभराव, सफाई, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और शिक्षा समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने सीवर में बोरी मिलने के प्रकरण को लेकर भी सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

अजय राय ने आरोप लगाया कि सीवर में बोरी मिलने की घटना के जरिए जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस मामले को कथित तौर पर भाजपा की साजिश का हिस्सा बताया। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

CCTV फुटेज सुरक्षित कर जांच की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित कराई जानी चाहिए। उनके मुताबिक, फुटेज की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि बोरी को वहां कौन लेकर आया और सीवर में किस तरह डाला गया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर सीवर लाइन में अवरोध पैदा किया है तो जांच के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक घटना को आधार बनाकर नगर निगम और सरकार अपनी मूल जिम्मेदारियों से बच नहीं सकती।

अजय राय ने सीवर और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले हर वर्ष सीवर और नालों की सफाई के विशेष अभियान चलाने की बात कही जाती है। इसके बावजूद बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या सामने आती है।

सीवर और जलनिकासी पर खर्च का हिसाब मांगा

अजय राय ने कहा कि सीवर, जलनिकासी और सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में जनता को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि यह धनराशि किन कार्यों पर खर्च हुई और उन कार्यों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने पुराने काशी क्षेत्र में सिल्टिंग और ब्लॉकेज हटाने के दावों का भी उल्लेख किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, यदि सफाई और रखरखाव के लिए लगातार अभियान चलाए जाते हैं, तो फिर बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं बार-बार क्यों सामने आती हैं, इसका जवाब संबंधित विभागों को देना चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने सीवर सफाई के लिए खरीदी गई मशीनों के संचालन और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि केवल मशीनें खरीद लेना पर्याप्त नहीं है। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इन मशीनों का वास्तविक इस्तेमाल किन क्षेत्रों में हुआ और उनसे आम लोगों को कितना लाभ मिला।

527 करोड़ रुपये के कार्यों पर भी सवाल

अजय राय ने पुराने काशी क्षेत्र के 13 वार्डों के कायाकल्प के लिए स्वीकृत लगभग 527 करोड़ रुपये की धनराशि का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि से विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित या कराए गए हैं, लेकिन यदि इसके बावजूद सीवर, जलभराव और जलनिकासी की समस्याएं बनी हुई हैं तो खर्च और कार्यों की गुणवत्ता की स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि संबंधित परियोजनाओं के खर्च, निर्माण कार्यों और गुणवत्ता की जांच पारदर्शी तरीके से की जाए। वहीं, उन्होंने कहा कि जनता के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि विकास कार्यों पर खर्च की गई धनराशि का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया।

नगर निगम और जलकल की जवाबदेही तय करने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने नगर निगम और जलकल विभाग की जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खुले नालों और नालियों की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है, जबकि भूमिगत सीवर लाइनों की सफाई और रखरखाव जलकल विभाग के अंतर्गत आता है।

अजय राय के अनुसार, जब दोनों विभागों की जिम्मेदारियां निर्धारित हैं, तो बार-बार सामने आने वाली जलनिकासी की समस्या को लेकर जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में काम होना चाहिए।

महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा का मुद्दा

पत्रकार वार्ता के दौरान अजय राय ने वाराणसी की स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ प्रदेश स्तर के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि जनता के सामने कई बुनियादी समस्याएं हैं और सरकार को विज्ञापनों एवं प्रचार से आगे बढ़कर इन सवालों का जवाब देना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय यानी BHU से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया और कहा कि देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

रोपवे परियोजना की जांच की मांग

अजय राय ने वाराणसी की रोपवे परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने परियोजना की लागत, निर्माण प्रक्रिया, ठेके, भुगतान और कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की। उनका कहना था कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही जरूरी है।

उन्होंने काशी के विकास को लेकर कहा कि आधुनिक सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है, लेकिन इसके साथ शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी सुरक्षित रखना चाहिए। उनके अनुसार, काशी का विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें आधुनिक बुनियादी सुविधाओं और प्राचीन विरासत के बीच संतुलन बना रहे।

“जनता समय आने पर हिसाब मांगेगी”

अजय राय ने कहा कि सीवर में बोरी मिलने की घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि घटनास्थल की CCTV फुटेज की जांच कर पूरी स्थिति स्पष्ट की जाए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग केवल इस घटना की जांच तक सीमित नहीं है। पार्टी सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था पर खर्च किए गए धन का ऑडिट, संबंधित कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा और नगर निगम तथा जलकल विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।

कुल मिलाकर, सीवर में बोरी मिलने का प्रकरण अब वाराणसी की स्थानीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर अजय राय ने मामले की जांच के साथ शहर की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं, वहीं इस पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, कांग्रेस ने सीवर और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग तेज कर दी है।

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