गोला कोतवाली परिसर में युवक ने जहरीला पदार्थ खाया, परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का लगाया आरोप

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी 

लखीमपुर खीरी: गोला गोकर्णनाथ में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब कोतवाली परिसर में एक युवक द्वारा कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लेने की घटना सामने आई। युवक की पहचान प्रियांशु वर्मा के रूप में हुई है। घटना के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर पुलिस ने तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोला पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

मामला जेवर चोरी से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद युवक के परिजनों ने पुलिस पर प्रियांशु को कथित रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि जेवर चोरी के मामले में दी गई तहरीर में युवक का नाम शामिल था और इसी संबंध में पूछताछ के लिए उसे सोमवार तथा मंगलवार को बुलाया गया था।

कोतवाली परिसर में बिगड़ी युवक की हालत

जानकारी के अनुसार, प्रियांशु वर्मा मंगलवार को अपने परिजनों के साथ गोला कोतवाली पहुंचा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे उपचार के लिए सीएचसी गोला पहुंचाया।

सीएचसी में चिकित्सकों ने युवक का प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, उसकी स्थिति को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल युवक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद युवक के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। वहीं, कोतवाली परिसर में हुई इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

जेवर चोरी के मामले में पूछताछ का दावा

गोला पुलिस के अनुसार, एक जेवर चोरी के मामले में थाने में तहरीर दी गई थी। पुलिस का कहना है कि इस तहरीर में प्रियांशु वर्मा का नाम भी शामिल था। इसी मामले में पूछताछ के लिए उसे सोमवार और मंगलवार को कोतवाली बुलाया गया था।

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को युवक अपने परिजनों के साथ स्वयं कोतवाली पहुंचा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

हालांकि, युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसको लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में पुलिस जांच के साथ-साथ चिकित्सकीय रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।

परिजनों ने लगाए प्रताड़ना के आरोप

घटना के बाद प्रियांशु के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूछताछ के दौरान युवक को कथित रूप से परेशान किया गया, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।

परिजनों के आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस और परिजनों, दोनों पक्षों के बयानों को सामने रखना जरूरी है। यदि युवक या उसके परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत दी जाती है, तो उसके आधार पर आगे की जांच की स्थिति भी स्पष्ट हो सकती है।

वहीं, पुलिस की ओर से युवक को प्रताड़ित किए जाने के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कोतवाली परिसर में घटना से पहले क्या परिस्थितियां थीं।

घटना के कारणों की जांच जरूरी

इस घटना के बाद सबसे अहम सवाल यही है कि युवक ने कोतवाली परिसर में जहरीला पदार्थ क्यों खाया। इसका जवाब युवक के स्वास्थ्य में सुधार के बाद उसके बयान, परिजनों के बयान और पुलिस की जांच से सामने आ सकता है।

इसके अलावा, कोतवाली परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है। यदि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है, तो वह भी घटनाक्रम को समझने में मददगार हो सकती है।

इसी क्रम में, जेवर चोरी के मामले में दर्ज तहरीर और उसमें युवक का नाम शामिल होने की स्थिति भी जांच का हिस्सा बन सकती है। पुलिस ने उसे किस आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया था और पूछताछ के दौरान क्या हुआ, इन सभी बिंदुओं की जांच आवश्यक होगी।

पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल

घटना के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, केवल आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही यह निर्धारित किया जा सकता है कि पुलिस की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही या अनुचित व्यवहार हुआ था या नहीं।

वहीं, यदि युवक के परिजनों की ओर से प्रताड़ना संबंधी कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो उसके तथ्यों की जांच की जानी चाहिए। साथ ही, यदि पुलिस के पास घटना से संबंधित कोई रिकॉर्ड या सीसीटीवी फुटेज है, तो वह जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति

फिलहाल गोला कोतवाली परिसर में युवक द्वारा कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने का मामला चर्चा में है। युवक का इलाज जारी है और उसके स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सकों की निगरानी महत्वपूर्ण है।

दूसरी ओर, पुलिस जेवर चोरी के मामले में पूछताछ किए जाने की बात कह रही है, जबकि परिजन पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र जांच जरूरी है।

कुल मिलाकर, घटना के वास्तविक कारण और परिस्थितियों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। युवक का बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट, परिजनों की शिकायत, पुलिस का रिकॉर्ड और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोप को अंतिम तथ्य मानने के बजाय आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना उचित होगा।

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