रामायण का पहला गाना ‘जय जय राम’ चर्चा में, अरिजीत-श्रेया की आवाज में गूंजेगा भक्ति का सुर

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Digital UP News Desk

बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। फिल्म की कहानी, कलाकारों और भव्य प्रस्तुति के बाद अब इसकी संगीत यात्रा भी शुरू हो गई है। फिल्म का पहला गाना ‘जय जय राम’ इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। खास बात यह है कि इस गीत को भारतीय संगीत जगत के कई बड़े नाम मिलकर तैयार कर रहे हैं।

गीत को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल अपनी आवाज देंगे, जबकि इसके बोल प्रसिद्ध कवि और लेखक कुमार विश्वास ने लिखे हैं। वहीं, संगीत की जिम्मेदारी दिग्गज संगीतकार ए.आर. रहमान ने संभाली है।

फिल्म ‘रामायण’ को लेकर पहले से ही दर्शकों में काफी उत्सुकता है। ऐसे में इसके पहले गीत की जानकारी सामने आने के बाद इस उत्सुकता को और बल मिला है। ‘जय जय राम’ नाम अपने आप में भगवान राम के प्रति भक्ति और श्रद्धा का भाव प्रस्तुत करता है।

इसके अलावा, अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल जैसे लोकप्रिय गायकों की आवाज तथा ए.आर. रहमान के संगीत का संयोजन इस गीत को खास बना सकता है।

‘जय जय राम’ से शुरू होगी रामायण की संगीत यात्रा

फिल्म की संगीत यात्रा का पहला पड़ाव ‘जय जय राम’ बताया जा रहा है। किसी भी बड़े पौराणिक या ऐतिहासिक विषय पर आधारित फिल्म में संगीत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। संगीत के माध्यम से कहानी के भाव, पात्रों की भावनाएं और कथा का आध्यात्मिक पक्ष दर्शकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है।

इसी क्रम में ‘रामायण’ के निर्माताओं ने पहले गीत के लिए एक ऐसी टीम को जोड़ा है, जिसकी अपनी अलग पहचान है। अरिजीत सिंह की भावपूर्ण गायकी और श्रेया घोषाल की मधुर आवाज भारतीय संगीत प्रेमियों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय है। वहीं, ए.आर. रहमान अपनी अनूठी संगीत शैली के लिए दुनियाभर में पहचाने जाते हैं। ऐसे में इन तीनों पक्षों का मेल गीत को लेकर उम्मीदें बढ़ाता है।

कुमार विश्वास ने लिखे हैं गीत के बोल

‘जय जय राम’ की एक और खासियत इसके गीतकार हैं। इस गीत के बोल कुमार विश्वास ने लिखे हैं। कविता और साहित्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले कुमार विश्वास लंबे समय से हिंदी भाषा और काव्य परंपरा से जुड़े हुए हैं।

रामकथा भारतीय संस्कृति और साहित्य में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। भगवान राम का चरित्र मर्यादा, त्याग, कर्तव्य, सत्य और आदर्श जीवन जैसे मूल्यों से जुड़ा हुआ है। इसलिए ‘रामायण’ जैसी कहानी के लिए गीतों के शब्दों में भाव और अर्थ दोनों का संतुलन महत्वपूर्ण हो जाता है। ‘जय जय राम’ के बोल इस कथा के आध्यात्मिक और भावनात्मक पक्ष को किस तरह सामने लाते हैं, इसे लेकर दर्शकों में स्वाभाविक उत्सुकता है।

अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज का खास आकर्षण

फिल्म के पहले गाने के लिए अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज का चयन भी इसे खास बनाता है। दोनों ही गायक हिंदी फिल्म संगीत में अपनी अलग पहचान रखते हैं। अरिजीत सिंह अपनी भावपूर्ण और संवेदनशील गायकी के लिए जाने जाते हैं, जबकि श्रेया घोषाल की आवाज में शास्त्रीय संगीत की मजबूत पकड़ के साथ मधुरता भी सुनने को मिलती है।

ऐसे में जब दोनों कलाकार किसी भक्ति गीत के लिए एक साथ आते हैं, तो संगीत प्रेमियों की उम्मीदें बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर ‘रामायण’ जैसे विषय के साथ इन आवाजों का जुड़ना गीत को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।

ए.आर. रहमान का संगीत बढ़ाएगा गीत की भव्यता

‘जय जय राम’ के संगीत की कमान ए.आर. रहमान के हाथों में है। रहमान भारतीय सिनेमा के उन संगीतकारों में शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है। उनकी संगीत रचनाओं में भारतीय परंपरा और आधुनिक तकनीक का संयोजन अक्सर देखने को मिलता है।

‘रामायण’ की कथा अपने आप में विशाल और भावनात्मक है। इसलिए फिल्म के संगीत में भी भव्यता के साथ-साथ आध्यात्मिक भाव की जरूरत होगी। ऐसे में ए.आर. रहमान की संगीत दृष्टि गीत को एक अलग पहचान दे सकती है। हालांकि, गीत का अंतिम प्रभाव दर्शकों को सुनने के बाद ही पूरी तरह महसूस होगा।

‘रामायण’ को लेकर क्यों बढ़ रही है उत्सुकता?

‘रामायण’ भारतीय संस्कृति की सबसे चर्चित और लोकप्रिय कथाओं में से एक है। इस कथा से देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों की गहरी भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। यही वजह है कि जब भी रामकथा पर कोई नया फिल्मी या टेलीविजन प्रोजेक्ट सामने आता है, दर्शकों की निगाहें उस पर टिक जाती हैं।

बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ भी इसी वजह से लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म से जुड़ी छोटी से छोटी जानकारी भी सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में तेजी से चर्चा का विषय बन रही है। अब संगीत यात्रा की शुरुआत होने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ना तय माना जा रहा है।

भक्ति और सिनेमा के मेल की उम्मीद

‘जय जय राम’ के नाम से ही संकेत मिलता है कि गीत में भगवान राम के प्रति श्रद्धा का भाव प्रमुख हो सकता है। भारतीय फिल्मों में भक्ति गीतों की अपनी विशेष जगह रही है। ऐसे गीत केवल फिल्म की कहानी को आगे नहीं बढ़ाते, बल्कि दर्शकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी स्थापित करते हैं।

इसके अलावा, ‘रामायण’ जैसी कथा में संगीत कहानी के वातावरण को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए पहला गाना केवल एक गीत के तौर पर नहीं, बल्कि फिल्म की संपूर्ण संगीत यात्रा की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है।

संगीत प्रेमियों को है आधिकारिक प्रस्तुति का इंतजार

फिलहाल ‘जय जय राम’ को लेकर सामने आई जानकारी ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल, कुमार विश्वास और ए.आर. रहमान जैसे नामों के एक साथ आने से इस गीत को लेकर उम्मीदें काफी ऊंची हैं।

अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि गीत कब आधिकारिक रूप से सामने आता है और इसमें रामकथा के भाव को किस तरह प्रस्तुत किया जाता है। गीत की धुन, बोल, गायकी और प्रस्तुति सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ‘जय जय राम’ दर्शकों के बीच कितना प्रभाव छोड़ता है।

फिलहाल इतना जरूर है कि ‘रामायण’ की संगीत यात्रा ‘जय जय राम’ से शुरू होने की खबर ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को एक नया आयाम दे दिया है। भक्ति, कविता और संगीत के इस संभावित संगम को लेकर संगीत प्रेमियों से लेकर फिल्म दर्शकों तक सभी की निगाहें इस गीत पर टिकी हैं।

आने वाले समय में फिल्म के अन्य गीत और संगीत से जुड़ी जानकारियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में ‘जय जय राम’ को ‘रामायण’ की संगीत यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।