जाजमऊ पुराना गंगा पुल 90 दिनों के लिए बंद, भारी वाहनों की नो-एंट्री से बढ़ेगी दूरी, जानिए नया रूट,,
कानपुर। शहर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण जाजमऊ पुराने गंगा पुल को करीब 90 दिनों के लिए बंद किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। पुल के सफल डायवर्जन के बाद अब निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। फिलहाल छोटे वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति दी गई है, लेकिन पुल के ऊपरी हिस्से में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इनके आवागमन के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की तैयारी है।
पुल पर निर्माण कार्य के लिए पाड़ बांधने का काम शुरू हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यहां यातायात व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखा जा सके और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
90 दिनों तक प्रभावित रहेगा आवागमन
जाजमऊ पुराने गंगा पुल पर निर्माण कार्य के चलते इसे करीब 90 दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। हालांकि, फिलहाल छोटे वाहनों के लिए पुल से गुजरने की व्यवस्था बनी हुई है। दूसरी ओर, भारी वाहनों को पुल से आवागमन की अनुमति नहीं दी गई है।
इस बदलाव का सीधा असर लखनऊ और कानपुर के बीच आने-जाने वाले वाहनों पर पड़ेगा। खासतौर पर ऐसे वाहन जो पुराने गंगा पुल के रास्ते कम दूरी में अपना सफर पूरा करते थे, उन्हें अब वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना होगा। परिणामस्वरूप यात्रियों और वाहन चालकों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
निर्माण कार्य के दौरान यातायात को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना प्राथमिकता होगी। इसी वजह से पुल पर चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।
लखनऊ से कानपुर आने वालों को तय करनी होगी अतिरिक्त दूरी
पुराना गंगा पुल बंद होने से लखनऊ से कानपुर आने वाले वाहनों को करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। अतिरिक्त दूरी के कारण यात्रा का समय और परिवहन लागत दोनों प्रभावित होने की संभावना है।
विशेष रूप से सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने वाले यात्रियों पर इसका असर दिखाई दे सकता है। यूपी रोडवेज ने अतिरिक्त दूरी को ध्यान में रखते हुए बसों के किराये में 22 रुपये की बढ़ोतरी की है। यानी लखनऊ से कानपुर की ओर आने-जाने वाली रोडवेज बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया देना पड़ेगा।
यह बदलाव पुल पर चल रहे निर्माण कार्य और उससे उत्पन्न अतिरिक्त दूरी को देखते हुए किया गया है। हालांकि, यात्रियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च कुछ समय के लिए ही लागू रहने की उम्मीद है, क्योंकि पुल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
छोटे वाहनों के लिए भी तैयार होगी वैकल्पिक व्यवस्था
फिलहाल छोटे वाहनों को पुराने गंगा पुल से गुजरने की अनुमति दी गई है। लेकिन पुल के ऊपरी हिस्से में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद स्थिति बदल सकती है। अधिकारियों के अनुसार, उस समय छोटे वाहनों के आवागमन को लेकर भी वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की तैयारी है।
इसके लिए संभावित मार्गों की तलाश की जा रही है। उद्देश्य यह है कि निर्माण कार्य प्रभावित हुए बिना वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित तरीके से जारी रखा जा सके। इसके साथ ही छोटे वाहनों को सिंगल लाइन से निकालने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
यदि सिंगल लाइन व्यवस्था लागू होती है, तो वाहनों को नियंत्रित तरीके से पुल से निकाला जा सकेगा। हालांकि, निर्माण की वास्तविक स्थिति और यातायात के दबाव के आधार पर अंतिम व्यवस्था तय की जाएगी।
पुल पर शुरू हुआ निर्माण कार्य
जाजमऊ पुराने गंगा पुल पर निर्माण कार्य के लिए पाड़ बांधने का काम शुरू हो चुका है। निर्माण के अगले चरण में पुल के ऊपरी हिस्से में काम किया जाना है। इसके चलते पुल पर उपलब्ध जगह और यातायात संचालन प्रभावित हो सकता है।
ऐसे में संबंधित विभागों के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ पुल का निर्माण कार्य समय पर पूरा कराना जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ वाहनों की आवाजाही को भी व्यवस्थित रखना होगा। इसी कारण अधिकारियों की ओर से वैकल्पिक मार्गों और यातायात प्रबंधन की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन भी महत्वपूर्ण होगा। पुल पर काम करने वाले कर्मचारियों और वहां से गुजरने वाले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाने की संभावना है।
वाहन चालकों को करना होगा मार्ग का ध्यान
पुल पर भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू होने के बाद वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले अपने मार्ग की जानकारी रखना जरूरी होगा। खासतौर पर लखनऊ से कानपुर आने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा।
छोटे वाहन चालकों को भी आने वाले दिनों में पुल की स्थिति और लागू यातायात व्यवस्था पर ध्यान देना होगा। क्योंकि निर्माण कार्य के ऊपरी हिस्से में पहुंचने के बाद छोटे वाहनों के लिए भी व्यवस्था बदली जा सकती है।
इसलिए यात्रियों और वाहन चालकों को संबंधित विभागों की ओर से जारी होने वाले यातायात निर्देशों का पालन करना चाहिए। इससे अनावश्यक जाम और मार्ग संबंधी परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।
यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारी कर रहे तैयारी
पुल बंद होने के बाद यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग तलाशे जा रहे हैं।
इसके साथ ही छोटे वाहनों के लिए सिंगल लाइन व्यवस्था की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने पर वाहनों को नियंत्रित तरीके से गुजारा जा सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय निर्माण कार्य की प्रगति और मौके की परिस्थितियों को देखते हुए लिया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि निर्माण कार्य और यातायात संचालन के बीच संतुलन बनाए रखा जाए। यदि वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था समय रहते प्रभावी तरीके से लागू की जाती है, तो वाहन चालकों को होने वाली परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
रोडवेज यात्रियों पर भी पड़ेगा असर
पुराना गंगा पुल बंद होने का असर रोडवेज बसों के संचालन पर भी पड़ रहा है। अतिरिक्त करीब 15 किलोमीटर दूरी के कारण यूपी रोडवेज ने बस किराये में 22 रुपये की वृद्धि की है।
यात्रियों के लिए किराये में यह बदलाव सीधे तौर पर यात्रा खर्च को प्रभावित करेगा। हालांकि, अतिरिक्त दूरी और मार्ग परिवर्तन के कारण परिवहन संचालन में होने वाले अतिरिक्त खर्च को देखते हुए किराये में बदलाव किया गया है।
लखनऊ-कानपुर मार्ग पर नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव खासा महत्वपूर्ण है। उन्हें अपनी यात्रा की योजना बनाते समय बढ़े हुए किराये और संभावित अतिरिक्त समय को ध्यान में रखना होगा।
निर्माण पूरा होने के बाद सामान्य होगी व्यवस्था
जाजमऊ पुराने गंगा पुल पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था को फिर से सामान्य किए जाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल करीब 90 दिनों की अवधि को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
हालांकि, निर्माण की गति और मौके की परिस्थितियों के आधार पर यातायात व्यवस्था में बीच-बीच में बदलाव संभव है। इसलिए वाहन चालकों और यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे यात्रा से पहले ताजा यातायात निर्देशों की जानकारी लेते रहें।

