लखीमपुर खीरी पलिया को बड़ी रेल लाइन से जोड़ने की मांग हुई तेज, रेल मंत्री के नाम सौंपा सामूहिक ज्ञापन

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी 

पलिया कलां, खीरी: लखीमपुर खीरी के पलिया कलां को बड़ी रेल लाइन यानी ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। मंगलवार को नगरवासियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के लोगों ने एकजुट होकर रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की मांग उठाई। इस दौरान केंद्रीय रेल मंत्री के नाम उपजिलाधिकारी पलिया कलां के माध्यम से सामूहिक ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन के जरिए मैलानी–नानपारा रेलवे खंड की प्रस्तावित वैकल्पिक ब्रॉडगेज परियोजना के सर्वेक्षण और डीपीआर में पलिया कलां को शामिल करने की मांग की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पलिया को बड़ी रेल लाइन से जोड़ना केवल परिवहन सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र के व्यापार, कृषि, पर्यटन, रोजगार और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है।

लंबे समय से उठ रही है ब्रॉडगेज रेल की मांग

पलिया कलां भारत-नेपाल सीमा के नजदीक स्थित महत्वपूर्ण नगर है। इसके आसपास का क्षेत्र कृषि और व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के कारण पलिया क्षेत्र की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में भी है।

ऐसे में स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि पलिया को ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क से जोड़ा जाता है तो क्षेत्र की कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है। वर्तमान में रेल सुविधा को लेकर क्षेत्रवासियों की ओर से लंबे समय से मांग उठाई जाती रही है। अब मंगलवार को सामूहिक ज्ञापन के माध्यम से इस मांग को संबंधित स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

मैलानी–नानपारा परियोजना में पलिया को शामिल करने की मांग

ज्ञापन में मुख्य रूप से मैलानी–नानपारा रेलवे खंड के वैकल्पिक ब्रॉडगेज परिवर्तन की प्रक्रिया में पलिया कलां को शामिल करने की मांग की गई है। इसके साथ ही आवश्यक सर्वेक्षण और एफएलएस यानी फाइनल लोकेशन सर्वे तथा डीपीआर में पलिया को उचित स्थान देने की बात कही गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रस्तावित प्रक्रिया में पलिया को शामिल किया जाता है तो भविष्य में यहां बड़ी रेल लाइन विकसित करने का रास्ता आसान हो सकता है। इसलिए क्षेत्रवासी चाहते हैं कि सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार करते समय पलिया की भौगोलिक स्थिति, व्यापारिक गतिविधियों, सीमावर्ती क्षेत्र की जरूरतों और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखा जाए।

व्यापार और कृषि को मिल सकती है नई गति

पलिया क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में व्यापार और कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने से माल और यात्रियों के आवागमन में सुविधा बढ़ सकती है। इसके परिणामस्वरूप व्यापारिक गतिविधियों को भी विस्तार मिलने की संभावना है।

वहीं, किसानों के लिए भी बेहतर परिवहन व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है। कृषि उत्पादों को दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाने में रेल परिवहन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा, व्यापारियों और आम यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प मिल सकता है।

हालांकि, इन संभावित लाभों का वास्तविक प्रभाव परियोजना के स्वरूप, रेल नेटवर्क के विकास और भविष्य में उपलब्ध होने वाली सेवाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल क्षेत्रवासियों की प्राथमिक मांग यह है कि पलिया को आगामी सर्वेक्षण और डीपीआर प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

पर्यटन को भी मिल सकता है फायदा

पलिया कलां दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के निकट होने के कारण पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बड़ी रेल लाइन से सीधी कनेक्टिविटी मिलने पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के लिए क्षेत्र तक पहुंच आसान हो सकती है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि बेहतर रेल सुविधा से दुधवा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इसके साथ ही होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।

इसके अलावा, सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण पलिया की कनेक्टिविटी को क्षेत्रीय विकास के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि मजबूत परिवहन नेटवर्क से सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिल सकती है।

राजनीतिक मांग नहीं, जनहित का मुद्दा बताया

ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि पलिया को बड़ी रेल लाइन से जोड़ने की मांग किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह पूरे क्षेत्र के जनहित और विकास से जुड़ा विषय है।

वक्ताओं ने कहा कि पलिया और आसपास के क्षेत्रों की बड़ी आबादी को बेहतर रेल सुविधा की आवश्यकता है। इसलिए इस मांग को व्यापक जनहित के नजरिए से देखा जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने रेल मंत्रालय से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

सैकड़ों नागरिक रहे मौजूद

सामूहिक ज्ञापन कार्यक्रम में नगर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पूर्व विधायक सतीश अजमानी, व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरव गुप्ता, एडवोकेट अमित महाजन, राजेश गुप्ता, आरती राय, विनोद गुप्ता, अनिल वर्मा, विकास वर्मा, एडवोकेट फजल अहमद, संजीव मुन्ना, जसवीर सिंह फ्लोरा सहित नगर के सैकड़ों नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एकजुट होकर पलिया की रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी मांग को आगे बढ़ाने की बात कही। उनका कहना था कि लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर अब ठोस पहल की आवश्यकता है।

सर्वेक्षण और डीपीआर में शामिल करने की अपील

नगरवासियों ने रेल मंत्रालय से मांग की कि मैलानी–नानपारा वैकल्पिक ब्रॉडगेज परियोजना से जुड़े आगामी सर्वेक्षण में पलिया कलां को शामिल किया जाए। साथ ही, डीपीआर तैयार करते समय पलिया को रेल नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाओं का भी गंभीरता से अध्ययन किया जाए।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि पलिया को बड़ी रेल लाइन से जोड़ने की दिशा में कदम आगे बढ़ता है तो इसका लाभ केवल नगर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकती है।

फिलहाल सामूहिक ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने अपनी मांग रेल मंत्रालय तक पहुंचाने का प्रयास किया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि आगामी सर्वेक्षण और डीपीआर प्रक्रिया में पलिया कलां को किस प्रकार शामिल किया जाता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए पलिया को बड़ी रेल लाइन से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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