कानपुर में पागल घोड़े का आतंक, महिला समेत तीन लोगों पर हमला, खाली प्लॉट में मृत मिला घोड़ा
Digital UP News Desk
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में आवारा जानवरों की समस्या के बीच एक घोड़े के हमले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। चकेरी थाना क्षेत्र के सनिगवां स्थित डबल स्टोरी कॉलोनी में सोमवार देर रात एक घोड़े ने महिला समेत तीन लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में तीनों घायल हो गए। घायलों को तत्काल कांशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो लोगों को घर भेज दिया गया, जबकि महिला की हालत गंभीर होने पर उन्हें हैलट अस्पताल रेफर किया गया।
घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घोड़ा अचानक लोगों की ओर दौड़ रहा था और रास्ते में आने वाले लोगों को निशाना बना रहा था। हालांकि, घटना के अगले दिन मंगलवार को यही घोड़ा एक खाली प्लॉट में मृत अवस्था में मिला। घोड़े की मौत कैसे हुई, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
खाना देकर लौट रही थीं अफसाना बेगम
जानकारी के अनुसार, सनिगवां डबल स्टोरी कॉलोनी निवासी अहमद हुसैन की दुकान उनके घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। सोमवार देर रात उनकी 45 वर्षीय पत्नी अफसाना बेगम दुकान पर खाना पहुंचाने गई थीं। खाना देने के बाद वह वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में एक घोड़ा उनकी ओर तेजी से दौड़ता हुआ आया।
घोड़े को अपनी तरफ आता देखकर अफसाना घबरा गईं और बचने के प्रयास में गिर पड़ीं। इसके बाद घोड़े ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से महिला को संभलने का मौका नहीं मिला और वह घायल हो गईं। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि घोड़ा काफी आक्रामक व्यवहार कर रहा था। लोगों ने लाठी-डंडे लेकर किसी तरह महिला को वहां से सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद अफसाना को घोड़े से बचाया जा सका।
बीच रास्ते में दो अन्य लोगों पर भी हमला
घटना के दौरान रास्ते से गुजर रहे बाबूलाल और रहमत अली भी घोड़े की चपेट में आ गए। घोड़े ने दोनों पर भी हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। एक ही रात में तीन लोगों के घायल होने की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में दहशत फैल गई।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने घायल अफसाना बेगम, बाबूलाल और रहमत अली को उपचार के लिए कांशीराम अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों का उपचार किया। बाबूलाल और रहमत अली को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं, अफसाना की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें आगे के उपचार के लिए हैलट अस्पताल रेफर किया गया।
महिला की हालत गंभीर, हैलट किया गया रेफर
घोड़े के हमले में अफसाना बेगम को अधिक चोटें आई हैं। प्रारंभिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें हैलट अस्पताल भेजने का निर्णय लिया। परिजनों के मुताबिक, महिला का उपचार जारी है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा रही कि आखिर यह घोड़ा कहां से आया और इसका मालिक कौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इलाके में आवारा पशुओं की समस्या बनी रही है, लेकिन इस तरह घोड़े के आक्रामक होने की घटना ने लोगों को चिंतित कर दिया।
मंगलवार को खाली प्लॉट में मिला मृत
सोमवार रात तीन लोगों को घायल करने वाला घोड़ा मंगलवार को एक खाली प्लॉट में मृत पाया गया। घोड़े को मृत अवस्था में देखकर स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी एक-दूसरे को दी। इसके बाद इलाके में एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि घोड़े की मौत किस वजह से हुई। यह भी सामने नहीं आया है कि घोड़ा किसी व्यक्ति का पालतू था या लंबे समय से इलाके में आवारा घूम रहा था। घोड़े के मालिक की पहचान भी नहीं हो सकी है।
ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर घोड़ा कहां से आया था? क्या वह पहले से ही बीमार या असामान्य व्यवहार कर रहा था? और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई? इन सवालों का स्पष्ट जवाब संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
घटना के बाद लोगों में चिंता
इस घटना ने एक बार फिर शहर में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर चर्चा तेज कर दी है। कानपुर के कई इलाकों में लोग आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या की शिकायत करते रहे हैं। अब सनिगवां में घोड़े के हमले की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले पशुओं की निगरानी और उनके मालिकों की पहचान की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। खासकर ऐसे पशु जो अचानक लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं, उनके संबंध में समय रहते कार्रवाई की आवश्यकता है।
एक ही रात में तीन लोग घायल
सनिगवां की इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि एक ही रात में तीन लोग घोड़े के हमले से घायल हो गए। पहले अफसाना बेगम पर हमला हुआ और इसके बाद बाबूलाल तथा रहमत अली भी इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया।
फिलहाल अफसाना बेगम को बेहतर उपचार के लिए हैलट अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, अन्य दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। दूसरी ओर, घटना के अगले दिन घोड़े का मृत मिलना भी स्थानीय लोगों के लिए चिंता और चर्चा का विषय बना हुआ है।
मालिक की पहचान भी सवालों के घेरे में
स्थानीय लोगों के अनुसार, हमले के बाद आसपास के लोगों को घोड़े के मालिक के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। यदि घोड़ा पालतू था और किसी व्यक्ति का था, तो उसके मालिक की पहचान करना जरूरी माना जा रहा है। वहीं, यदि वह आवारा था तो उसके क्षेत्र में पहुंचने की स्थिति भी जांच का विषय हो सकती है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से घोड़े की मौत तथा उसके मालिक के संबंध में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। घटना के कारणों और घोड़े की मौत की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा की मांग उठाई
घटना के बाद सनिगवां क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क और कॉलोनी के आसपास घूमने वाले पशुओं की वजह से कई बार राहगीरों को परेशानी होती है। इसलिए संबंधित विभाग को नियमित रूप से ऐसे मामलों की निगरानी करनी चाहिए।
बहरहाल, कानपुर के सनिगवां में घोड़े के हमले की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। एक तरफ महिला समेत तीन लोगों के घायल होने से स्थानीय लोगों में चिंता है, वहीं दूसरी ओर अगले ही दिन उसी घोड़े का खाली प्लॉट में मृत मिलना मामले को और रहस्यमय बना रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि घोड़े की मौत का कारण क्या सामने आता है और क्या उसके मालिक की पहचान हो पाती है।

