सत्यवती मिश्रा का निधन: कलराज मिश्रा की पत्नी ने नोएडा में ली अंतिम सांस, राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने जताया शोक
Digital UP News Desk
नोएडा: भाजपा के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा की धर्मपत्नी सत्यवती मिश्रा का शनिवार रात नोएडा में निधन हो गया। वह 79 वर्ष की थीं। सत्यवती मिश्रा पिछले करीब एक सप्ताह से गंभीर रूप से बीमार थीं और नोएडा के सेक्टर-11 स्थित मेट्रो अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। बताया गया कि फेफड़ों में संक्रमण फैलने के बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। उपचार के दौरान शनिवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
सत्यवती मिश्रा के निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की। अस्पताल से पार्थिव शरीर को उनके नोएडा स्थित आवास पर ले जाया गया, जहां परिजनों और परिचितों ने अंतिम दर्शन किए।
सेक्टर-94 में होगा अंतिम संस्कार
सत्यवती मिश्रा का अंतिम संस्कार रविवार को नोएडा के सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास में किया जाएगा। भाजपा नोएडा महानगर के नेता अमित त्यागी के अनुसार, अंतिम संस्कार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे किया जाएगा। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और परिवार के परिचितों के पहुंचने की संभावना है।
सत्यवती मिश्रा के निधन से उनके परिवार में शोक का माहौल है। लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे कलराज मिश्रा के साथ सत्यवती मिश्रा ने पारिवारिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
एक सप्ताह से अस्पताल में चल रहा था उपचार
जानकारी के अनुसार, सत्यवती मिश्रा की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी। फेफड़ों में संक्रमण फैलने के बाद उन्हें नोएडा के सेक्टर-11 स्थित मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा था। हालांकि, उनकी हालत गंभीर बनी रही और शनिवार रात उनका निधन हो गया।
उनकी गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मेट्रो अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर सत्यवती मिश्रा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और परिवार से भी बातचीत की थी। इसके कुछ ही समय बाद उनके निधन की खबर सामने आई।
भाजपा नेताओं ने जताया शोक
सत्यवती मिश्रा के निधन की सूचना मिलते ही भाजपा के कई नेता अस्पताल पहुंचे। पार्टी नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके आवास पर ले जाया गया।
पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा लंबे समय से भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। ऐसे में उनके परिवार के सदस्य के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं की ओर से भी शोक संदेश सामने आ रहे हैं। नेताओं ने सत्यवती मिश्रा के सरल स्वभाव और सामाजिक व्यवहार को याद करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि
अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश मिश्रा ने भी सत्यवती मिश्रा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के माध्यम से अपनी संवेदनाएं साझा कीं।
अपने संदेश में उन्होंने सत्यवती मिश्रा को परिवार और समाज के लोगों की चिंता करने वाली महिला बताते हुए उनके सरल और सम्मानपूर्ण व्यवहार को याद किया। उन्होंने कहा कि वह घर आने वाले हर व्यक्ति को समान सम्मान देती थीं। साथ ही, उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की सद्गति की प्रार्थना की और परिवार को इस कठिन समय में शक्ति देने की कामना की।
उनके संदेश के बाद सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने सत्यवती मिश्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की और कलराज मिश्रा एवं उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राजनाथ सिंह ने भी जताया गहरा दुख
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सत्यवती मिश्रा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने शोक संदेश में कलराज मिश्रा को अपना अग्रज बताते हुए सत्यवती मिश्रा के निधन को व्यक्तिगत रूप से दुखद बताया।
राजनाथ सिंह ने सत्यवती मिश्रा के स्नेह और उनके मृदु व्यवहार को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान और आत्मीयता रही है। साथ ही, उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कलराज मिश्रा और पूरे परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
राजनाथ सिंह ने प्रार्थना की कि ईश्वर परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उनके इस संदेश के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शोक व्यक्त किया।
सार्वजनिक जीवन में कलराज मिश्रा का लंबा राजनीतिक सफर
कलराज मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति से लेकर केंद्र सरकार और राज्यपाल के पद तक विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी उन्होंने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
राजनीतिक जीवन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के दौरान कलराज मिश्रा के साथ सत्यवती मिश्रा भी पारिवारिक जीवन में उनकी महत्वपूर्ण साथी रहीं। सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने में उनकी भूमिका का उल्लेख उनके करीबियों की ओर से किया जाता रहा है।
सत्यवती मिश्रा के निधन के बाद उनके परिवार, परिचितों और शुभचिंतकों में शोक का माहौल है। वहीं, राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग लगातार उनके परिवार से संपर्क कर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
अंतिम संस्कार में जुटेंगे शुभचिंतक
रविवार को सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास में सत्यवती मिश्रा का अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में शुभचिंतकों के अंतिम संस्कार में शामिल होने की उम्मीद है।
परिवार के लिए यह बेहद भावुक समय है। ऐसे में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की ओर से परिवार के साथ खड़े रहने और संवेदना व्यक्त करने का सिलसिला जारी है। अंतिम संस्कार के दौरान उनके परिचित और समर्थक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
सत्यवती मिश्रा का निधन कलराज मिश्रा के परिवार के लिए एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति है। उनके सरल स्वभाव, पारिवारिक भूमिका और लोगों के प्रति आत्मीय व्यवहार को उनके करीबियों ने याद किया है। फिलहाल परिवार शोक में है और रविवार को नोएडा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

