बिल्हौर में झपकी आने से बेकाबू हुआ ट्रक, डिवाइडर तोड़ दूसरी लेन में पलटा
रिपोर्ट- आनन्द तिवारी
बिल्हौर/कानपुर: कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर रविवार देर रात एक सड़क हादसा उस समय हो गया, जब ट्रक चालक को अचानक झपकी आ गई। चालक का नियंत्रण बिगड़ने के बाद तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर से टकराते हुए उसे तोड़कर दूसरी लेन में जा पलटा। हादसे में ट्रक चालक घायल हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि जिस समय ट्रक दूसरी लेन में पलटा, वहां से कोई अन्य वाहन नहीं गुजर रहा था। इस वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना बिल्हौर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में मरियानी के सामने कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर रविवार देर रात की बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत और सहायता के लिए हाईवे की हेल्पलाइन पर सूचना दी। इसके बाद एनएचएआई की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
कानपुर से बिल्हौर की ओर जा रहा था ट्रक
जानकारी के अनुसार, शिवराजपुर थाना क्षेत्र निवासी चालक नरेंद्र सिंह ट्रक लेकर कानपुर से बिल्हौर की ओर जा रहे थे। रात के समय हाईवे पर ट्रक अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान मरियानी के सामने चालक को अचानक झपकी आ गई। झपकी आने के कारण चालक कुछ समय के लिए वाहन पर अपना नियंत्रण नहीं रख सका।
नतीजतन तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे के डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के बाद डिवाइडर क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रक उसे तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गया। इसके बाद ट्रक सड़क पर पलट गया। हादसे में चालक नरेंद्र सिंह घायल हो गए।
हालांकि हादसे में किसी अन्य वाहन के शामिल होने की सूचना नहीं है। दूसरी लेन पर उस समय कोई वाहन ट्रक की चपेट में नहीं आया। यही वजह रही कि दुर्घटना गंभीर रूप लेने से बच गई।
ग्रामीणों ने 1033 पर दी सूचना
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दुर्घटना की जानकारी लेने के साथ ही घायल चालक की मदद करने का प्रयास किया। इसके बाद नेशनल हाईवे की हेल्पलाइन 1033 पर घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलने के कुछ ही समय बाद एनएचएआई की 1033 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस कर्मियों ने घायल चालक को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने चालक का उपचार शुरू किया।
इस दौरान हाईवे पर मौजूद लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया। समय रहते एंबुलेंस के पहुंचने से घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा सका।
हाईवे पर यातायात हुआ प्रभावित
ट्रक के दूसरी लेन में सड़क पर पलट जाने के कारण कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर यातायात प्रभावित होने लगा। सड़क के एक हिस्से में ट्रक के पड़े होने से वहां से गुजरने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे वाहनों की कतार लगने लगी और कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और यातायात को व्यवस्थित कराने का प्रयास किया। इसके साथ ही एनएचएआई की टीम ने सड़क पर पलटे ट्रक को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
काफी प्रयास के बाद ट्रक को हाईवे से हटाया गया। इसके बाद सड़क पर यातायात सामान्य हो सका और वाहनों की आवाजाही दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो गई।
दूसरी लेन खाली होने से टला बड़ा हादसा
इस सड़क दुर्घटना की सबसे राहत वाली बात यह रही कि ट्रक के डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में पहुंचने के दौरान वहां कोई वाहन मौजूद नहीं था। यदि उस समय दूसरी लेन से कोई वाहन गुजर रहा होता, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और राहगीर बाल-बाल बच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक को झपकी आने के कारण ट्रक अनियंत्रित हुआ। रात में लंबे समय तक वाहन चलाने के दौरान चालक को अचानक नींद की झपकी आने से वाहन पर नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो गया। इसके बाद कुछ ही पलों में ट्रक डिवाइडर से टकराकर दूसरी लेन में पलट गया।
यह घटना हाईवे पर लंबी दूरी तक वाहन चलाने वाले चालकों के लिए भी सावधानी का संकेत है। विशेष रूप से रात के समय लगातार ड्राइविंग करने पर थकान और नींद का असर वाहन चलाने की क्षमता पर पड़ सकता है। इसलिए वाहन चालकों के लिए यह जरूरी है कि वे पर्याप्त आराम के बाद ही लंबी दूरी की यात्रा करें।
हाईवे पर सावधानी बेहद जरूरी
कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर दिन और रात दोनों समय वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क पर किसी वाहन के अचानक अनियंत्रित होने से दूसरे वाहनों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। इस हादसे में संयोग से दूसरी लेन पर कोई वाहन नहीं था, इसलिए अन्य राहगीर सुरक्षित रहे।
विशेषज्ञों और सड़क सुरक्षा अभियानों में भी लगातार यह सलाह दी जाती है कि वाहन चलाते समय चालक को अपनी शारीरिक और मानसिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। यदि नींद या थकान महसूस हो तो वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर कुछ समय आराम करना बेहतर होता है।
दरअसल, कुछ मिनट का आराम सड़क पर होने वाली बड़ी दुर्घटना को रोक सकता है। वहीं, तेज रफ्तार के साथ थकान और नींद का संयोजन दुर्घटना की आशंका को बढ़ा सकता है। इसलिए हाईवे पर वाहन चलाते समय गति के साथ-साथ चालक की सतर्कता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
एनएचएआई की तत्परता से यातायात हुआ सामान्य
हादसे के बाद एनएचएआई की एंबुलेंस और टीम की सक्रियता से राहत कार्य तेजी से किया गया। घायल चालक को अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ हाईवे पर यातायात को सामान्य करने के लिए भी कार्रवाई की गई। पलटे हुए ट्रक को हटाने के बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।
फिलहाल हादसे में चालक के घायल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, किसी अन्य राहगीर या वाहन के इसकी चपेट में आने की सूचना नहीं है। हादसे के कारण क्षतिग्रस्त हुए डिवाइडर और ट्रक को हटाने की कार्रवाई के बाद हाईवे पर स्थिति सामान्य हो गई।
सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी संदेश
बिल्हौर क्षेत्र में हुआ यह हादसा एक बार फिर बताता है कि हाईवे पर वाहन चलाते समय थोड़ी सी असावधानी भी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए वाहन चालकों को विशेष रूप से रात के समय सावधानी बरतनी चाहिए। यदि ड्राइविंग के दौरान नींद महसूस हो, तो वाहन को रोककर पर्याप्त आराम करना चाहिए।
इसके अलावा, तेज गति से वाहन चलाने से बचना और हाईवे पर निर्धारित लेन में वाहन चलाना भी जरूरी है। इससे न केवल चालक बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।

