फतेहपुर में 5G इंटरनेट को लेकर हंगामा, रील न चलने पर ग्रामीणों ने टावर कर्मी को बनाया बंधक

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Digital UP News Desk

फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा को लेकर ग्रामीणों के हंगामे का मामला सामने आया है। बिंदकी क्षेत्र के हरदौली गांव में 5G डाटा सेवा उपलब्ध न होने और इंटरनेट की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने मोबाइल टावर के एक कर्मी को कथित तौर पर बंधक बना लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसकी वजह से उन्हें ऑनलाइन गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि ग्रामीण विशेष रूप से 5G डाटा सेवा उपलब्ध नहीं होने को लेकर नाराज थे। इंटरनेट की स्पीड कम होने या सेवा बाधित रहने के कारण मोबाइल पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील और अन्य वीडियो देखने में परेशानी हो रही थी। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने मोबाइल टावर से जुड़े कर्मचारी को रोक लिया।

5G डाटा सेवा को लेकर नाराजगी

हरदौली गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर ग्रामीणों की शिकायत है कि क्षेत्र में उन्हें अपेक्षित इंटरनेट सुविधा नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल फोन पर इंटरनेट का इस्तेमाल करने के दौरान बार-बार परेशानी होती है। खासकर वीडियो और सोशल मीडिया सामग्री चलाने में दिक्कत आने की बात कही गई है।

वर्तमान समय में मोबाइल इंटरनेट लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, ऑनलाइन काम, डिजिटल भुगतान, सरकारी सेवाओं और सोशल मीडिया समेत कई गतिविधियां इंटरनेट पर निर्भर हैं। ऐसे में नेटवर्क की समस्या होने पर लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि, इस मामले में यह स्पष्ट नहीं है कि नेटवर्क की समस्या तकनीकी खराबी, कवरेज या किसी अन्य कारण से उत्पन्न हुई। इसके लिए संबंधित मोबाइल कंपनी की ओर से तकनीकी स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है।

टावर कर्मी को रोकने पर बढ़ा विवाद

ग्रामीणों की नाराजगी उस समय और बढ़ गई, जब समस्या के समाधान को लेकर मौके पर मौजूद मोबाइल टावर कर्मी से बातचीत हुई। ग्रामीणों ने कथित तौर पर कर्मचारी को रोक लिया और मोबाइल सेवा से जुड़े अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना था कि केवल स्थानीय स्तर के कर्मचारी से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनकी मांग थी कि संबंधित सिम कंपनी या मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाता के अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या की वास्तविक स्थिति देखें और इंटरनेट सेवा को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

इसके बाद गांव में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और उन्होंने अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की मांग की।

रील नहीं चलने से शुरू हुआ विवाद

मामले की खास बात यह रही कि इंटरनेट की समस्या को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी सोशल मीडिया रील न देख पाने की शिकायत से भी जुड़ी बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना था कि 5G डाटा नहीं होने के कारण मोबाइल पर रील और वीडियो ठीक से नहीं चल रहे हैं।

हालांकि, इंटरनेट की समस्या को केवल सोशल मीडिया इस्तेमाल तक सीमित नहीं माना जा सकता। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर मोबाइल नेटवर्क का सीधा संबंध डिजिटल सेवाओं से भी है। मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से लोग बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, शिक्षा, सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं।

इसलिए ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या की तकनीकी जांच कराकर स्थायी समाधान किया जाए।

ग्रामीणों ने की अधिकारियों को बुलाने की मांग

ग्रामीणों ने संबंधित मोबाइल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। उनका कहना था कि जब तक कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी समस्या को समझकर समाधान का आश्वासन नहीं देते, तब तक उनकी शिकायत दूर नहीं होगी।ग्रामीणों के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र में मोबाइल टावर मौजूद है, तो वहां नेटवर्क और इंटरनेट सेवा बेहतर तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए। उनका आरोप है कि टावर होने के बावजूद उन्हें अपेक्षित इंटरनेट सुविधा नहीं मिल रही है।

वहीं, इस पूरे मामले में संबंधित मोबाइल सेवा प्रदाता की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही नेटवर्क समस्या की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

गांवों में इंटरनेट सेवा की बढ़ती जरूरत

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण इलाकों में भी इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। स्मार्टफोन और सस्ते डाटा प्लान की वजह से बड़ी संख्या में लोग मोबाइल इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और मनोरंजन के लिए इंटरनेट पर निर्भरता बढ़ी है।

ऐसे में नेटवर्क की खराब गुणवत्ता ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां मोबाइल नेटवर्क के विकल्प सीमित होते हैं, वहां टावर या नेटवर्क में तकनीकी समस्या होने पर बड़ी संख्या में लोगों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

इसी वजह से हरदौली गांव के ग्रामीण भी अपनी समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

समस्या का तकनीकी समाधान जरूरी

मोबाइल इंटरनेट सेवा में किसी तरह की परेशानी होने पर सामान्य तौर पर नेटवर्क कवरेज, टावर की क्षमता, बैकहॉल कनेक्टिविटी, स्पेक्ट्रम उपलब्धता या स्थानीय तकनीकी कारणों की जांच की जाती है। संबंधित कंपनी की तकनीकी टीम ही यह निर्धारित कर सकती है कि समस्या का वास्तविक कारण क्या है।

ऐसे में हरदौली में भी यदि ग्रामीणों की शिकायत नेटवर्क से संबंधित है तो संबंधित कंपनी की तकनीकी टीम द्वारा मौके पर जांच की जानी चाहिए। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार नेटवर्क उपकरणों की जांच, क्षमता बढ़ाने या अन्य तकनीकी सुधार की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

इंटरनेट सुविधा को लेकर ग्रामीणों की उम्मीद

हरदौली के ग्रामीण चाहते हैं कि उनके क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट की समस्या का जल्द समाधान हो। उनकी मांग है कि संबंधित कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करें और ग्रामीणों को स्पष्ट जानकारी दें।

फिलहाल, 5G डाटा और मोबाइल इंटरनेट को लेकर ग्रामीणों के हंगामे का यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया रील देखने में परेशानी से शुरू हुई नाराजगी अब बेहतर मोबाइल नेटवर्क की मांग से जुड़ गई है।

हालांकि, पूरे मामले की स्थिति संबंधित अधिकारियों और मोबाइल सेवा प्रदाता की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि तकनीकी समस्या सामने आती है, तो उसका समाधान किए जाने के बाद ग्रामीणों को बेहतर इंटरनेट सेवा मिलने की उम्मीद है।

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