एटा में शराब पीने से रोकने पर विवाद, घर के बाहर फायरिंग का आरोप; दो संदिग्ध हिरासत में
रिपोर्ट- नन्द कुमार
एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में शराब पीने को लेकर शुरू हुआ विवाद गंभीर रूप ले लेने का मामला सामने आया है। कोतवाली देहात क्षेत्र में गुरुवार देर रात घर के सामने कथित तौर पर शराब पीने से मना करने पर विवाद हो गया। आरोप है कि शराब पी रहे युवकों ने पहले गृहस्वामी के घर के दरवाजे के पास आपत्तिजनक हरकत की और विरोध करने पर गाली-गलौज की। इसके बाद कुछ समय में बड़ी संख्या में युवक मौके पर पहुंच गए। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि इसके बाद वहां फायरिंग की गई, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घर के सामने शराब पीने से मना करने पर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, यह मामला एटा के गंगानगर के समीप सिंध पंजाब ढाबे के पास का है। गुरुवार रात करीब 10 बजे संदीप पुत्र महेश चंद्र अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान दो युवक कथित तौर पर उनके घर के सामने गली में एक वाहन खड़ा करके शराब पी रहे थे।
संदीप ने युवकों से वहां शराब पीने से मना किया। आरोप है कि इस बात को लेकर दोनों युवक नाराज हो गए। पीड़ित के मुताबिक, युवकों ने विरोध के बाद उसके घर के दरवाजे के पास पेशाब कर दिया। संदीप ने जब इस व्यवहार का विरोध किया तो दोनों युवकों के साथ उसकी कहासुनी होने लगी।
बताया जा रहा है कि मामला बढ़ने पर दोनों युवकों ने कथित तौर पर गाली-गलौज की। हालांकि, विवाद उस समय शांत होता दिखाई दिया, लेकिन कुछ देर बाद बड़ी संख्या में युवक मौके पर पहुंच गए।
25 से 30 युवकों के पहुंचने का आरोप
पीड़ित संदीप का आरोप है कि कुछ समय बाद करीब 25 से 30 युवक वहां पहुंच गए। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। संदीप के मुताबिक, भीड़ में मौजूद कुछ युवकों ने फायरिंग की।
पीड़ित ने पुलिस को दिए बयान में प्रफुल्ल, वैभव, हर्ष, बॉबी और सीटू समेत अन्य युवकों के मौके पर मौजूद होने की बात कही है। हालांकि, घटना में किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस फिलहाल पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटनास्थल पर वास्तव में कितने लोग मौजूद थे और विवाद किस वजह से बढ़ा।
फायरिंग की सूचना से मचा हड़कंप
घटना के दौरान फायरिंग की सूचना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। आसपास मौजूद लोगों में भी चिंता फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली देहात पुलिस और लिप्टन चौकी की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। इसके साथ ही मामले से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी एकत्र की गई। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले को कई पहलुओं से देख रही है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान, आरोपों की पुष्टि और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि घटना के संबंध में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। इसके अलावा घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
विवाद की वजह और आरोपों की जांच
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत घर के सामने शराब पीने को लेकर हुई। इसके बाद कथित तौर पर घर के दरवाजे के पास आपत्तिजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया गया। विरोध के बाद कहासुनी हुई और फिर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की बात सामने आई।
इसके बाद फायरिंग के आरोप ने मामले को गंभीर बना दिया। हालांकि, फायरिंग किसने की और घटना में इस्तेमाल हथियार के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं, यह पुलिस जांच का विषय है।
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों से पूछताछ के जरिए घटना की पूरी कड़ी समझने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों की भूमिका क्या थी।
आसपास के लोगों में बनी चिंता की स्थिति
रात के समय हुई इस घटना के बाद आसपास के लोगों में चिंता की स्थिति देखी गई। स्थानीय लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि क्षेत्र में किसी तरह का तनाव दोबारा न बढ़े। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य होने की बात सामने आई है।
वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
इस मामले में फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए आरोप और पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई सामने आई है। दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य आरोपों की जांच जारी है। इसलिए घटना से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

