स्मृति ईरानी का खुलासा: चुनावी हार के बाद खुद फोन कर टीवी में मांगा था काम, राजनीति में आने के बाद अभिनय से बनाई थी दूरी
Digital UP Nerws Desk
नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और अभिनेत्री से राजनेता बनीं स्मृति ईरानी ने अपने करियर के एक बेहद अहम दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद उन्होंने खुद फोन उठाकर मीडिया और मनोरंजन जगत में काम मांगा था। स्मृति ईरानी ने बताया कि उन्होंने काम के लिए लोगों से संपर्क करने में झिझक महसूस नहीं की और सीधे पूछा कि क्या उनके लिए कोई काम उपलब्ध है।
स्मृति ईरानी का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राजनीति में एक लंबा और प्रभावशाली सफर तय करने के बाद उन्होंने दोबारा मनोरंजन की दुनिया का रुख किया। कभी टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री रहीं स्मृति ईरानी ने राजनीति में आने के बाद अभिनय से दूरी बना ली थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से मिली हार के बाद उनके करियर में एक नया मोड़ आया और उन्होंने फिर से कैमरे के सामने लौटने का फैसला किया।
चुनावी हार के बाद बदला नजरिया
स्मृति ईरानी ने इंटरव्यू में 2024 के चुनाव में मिली हार को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव बताया। उनके मुताबिक, इस हार ने उन्हें अपने करियर और जीवन को एक अलग नजरिए से देखने का अवसर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि राजनीति में आने वाली स्मृति ईरानी के सामने खुद को साबित करने की चुनौती थी, जबकि 2024 के बाद उनके लिए यह अधिक महत्वपूर्ण हो गया कि वह अपने अनुभव और क्षमता का इस्तेमाल किस तरह कर सकती हैं।
उन्होंने इस दौर को अपने लिए एक तरह से मुक्त करने वाला अनुभव बताया। यानी चुनावी नतीजे भले ही राजनीतिक रूप से उनके पक्ष में नहीं रहे, लेकिन व्यक्तिगत और पेशेवर स्तर पर इसने उन्हें नए विकल्प तलाशने का अवसर दिया।
यही वजह रही कि उन्होंने पुराने पेशे की ओर दोबारा कदम बढ़ाया।
खुद फोन उठाकर मांगा काम
स्मृति ईरानी ने बताया कि उन्होंने किसी प्रस्ताव का इंतजार नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने खुद फोन उठाया और मीडिया एवं मनोरंजन जगत के लोगों से काम के बारे में बात की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके पास उस समय नौकरी नहीं थी और उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें कोई काम दिया जा सकता है।
उनके इस कदम ने यह दिखाया कि करियर में लंबे समय तक ऊंचे पद पर रहने के बावजूद जरूरत पड़ने पर नई शुरुआत करने में उन्हें कोई संकोच नहीं था। उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी खास रहा क्योंकि कभी वह मनोरंजन जगत की जानी-पहचानी अभिनेत्री थीं और बाद में देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी थीं।
इस प्रकार, एक सफल राजनीतिक करियर के बाद दोबारा काम मांगने का उनका फैसला कई लोगों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
उदय शंकर को किया था फोन
रिपोर्टों के मुताबिक, स्मृति ईरानी ने जिन लोगों से काम के लिए संपर्क किया, उनमें जियोहॉटस्टार और स्टार से जुड़े वरिष्ठ मीडिया अधिकारी उदय शंकर भी शामिल थे। स्मृति ने अपने इंटरव्यू में इस फोन कॉल का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उदय शंकर का उनके मनोरंजन करियर के एक पुराने दौर से भी संबंध रहा था और बाद में वही उनकी टीवी पर वापसी में भी महत्वपूर्ण कड़ी बने।
स्मृति ईरानी ने इस पूरे घटनाक्रम को एक दिलचस्प संयोग के रूप में याद किया। उनके मुताबिक, जिन परिस्थितियों में कभी उनका मनोरंजन जगत से जुड़ा एक अध्याय खत्म हुआ था, उन्हीं से जुड़े व्यक्ति बाद में उनके दोबारा लौटने की वजह बने।
यह उनके करियर के उतार-चढ़ाव को दिखाने वाला एक दिलचस्प पहलू है।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से मिली थी पहचान
स्मृति ईरानी को भारतीय टेलीविजन पर सबसे बड़ी पहचान लोकप्रिय धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से मिली थी। इस शो में उन्होंने तुलसी विरानी का किरदार निभाया था। यह भूमिका उनके करियर की सबसे यादगार भूमिकाओं में गिनी जाती है।
टीवी से लोकप्रियता हासिल करने के बाद स्मृति ईरानी ने राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। इस दौरान उनका अभिनय करियर लगभग पीछे छूट गया।
हालांकि, वर्षों बाद परिस्थितियां बदलीं और उन्होंने फिर से उसी माध्यम की ओर वापसी की, जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई थी।
2025 में टीवी पर हुई वापसी
स्मृति ईरानी ने 2025 में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के जरिए छोटे पर्दे पर वापसी की। उन्होंने एक बार फिर तुलसी विरानी का किरदार निभाया। यह वापसी उनके प्रशंसकों के लिए भी खास रही, क्योंकि लंबे अंतराल के बाद उन्हें उसी चर्चित भूमिका में देखने का मौका मिला, जिसने उनके अभिनय करियर को नई पहचान दी थी।
शो की वापसी के साथ ही स्मृति ईरानी के पुराने टीवी दौर की यादें भी ताजा हो गईं। सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में उनकी वापसी को लेकर काफी चर्चा हुई।
खास बात यह रही कि उनका यह कदम केवल अभिनय में वापसी तक सीमित नहीं था। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर यह भी दिखाया कि किसी भी पेशेवर व्यक्ति के लिए करियर में बदलाव या नई शुरुआत असंभव नहीं होती।
राजनीति और मनोरंजन के बीच संतुलन
स्मृति ईरानी का करियर भारतीय सार्वजनिक जीवन में काफी अलग रहा है। उन्होंने मॉडलिंग और टेलीविजन से शुरुआत की, फिर राजनीति में प्रवेश किया और राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। इसके बाद उन्होंने एक बार फिर मनोरंजन जगत का रुख किया।
इस पूरे सफर में उनके करियर में कई महत्वपूर्ण पड़ाव आए। इसलिए उनका यह कहना कि उन्होंने खुद फोन करके काम मांगा, इस बात को रेखांकित करता है कि पेशेवर जीवन में परिस्थितियां बदलने पर व्यक्ति को नए रास्ते तलाशने पड़ सकते हैं।
उनकी कहानी यह भी बताती है कि किसी पद या पहचान के खत्म होने के बाद भी व्यक्ति अपने कौशल और अनुभव के आधार पर दोबारा शुरुआत कर सकता है।
हार के बाद वापसी का संदेश
स्मृति ईरानी का यह खुलासा सिर्फ उनके टीवी पर लौटने की कहानी नहीं है, बल्कि यह करियर में आने वाले बदलावों को स्वीकार करने का संदेश भी देता है। चुनावी हार के बाद उन्होंने खुद को एक नए पेशेवर अवसर के लिए तैयार किया और इसके लिए पहल भी की।
आमतौर पर किसी बड़े पद पर रहने वाले व्यक्ति से यह उम्मीद की जाती है कि अवसर खुद उसके पास आएगा। लेकिन स्मृति ईरानी ने इसके विपरीत खुद अवसर तलाशने का रास्ता चुना।
उन्होंने अपने पुराने संपर्कों का इस्तेमाल किया, काम के लिए बातचीत की और अंततः मनोरंजन जगत में वापसी की।
प्रशंसकों के लिए भी खास रही वापसी
स्मृति ईरानी की टीवी पर वापसी ने उनके पुराने प्रशंसकों को भी आकर्षित किया। तुलसी विरानी का किरदार उनके करियर की पहचान बन चुका था। इसलिए उसी भूमिका में दोबारा दिखाई देना उनके लिए भी एक भावनात्मक अनुभव रहा।
वहीं, दर्शकों के लिए यह वापसी पुराने दौर और नए दौर के बीच एक कड़ी जैसी रही। एक तरफ स्मृति का पुराना टीवी अवतार याद आया, तो दूसरी तरफ उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि ने इस वापसी को और अधिक चर्चा में ला दिया।
कुल मिलाकर, स्मृति ईरानी का यह खुलासा उनके करियर के एक ऐसे पहलू को सामने लाता है, जिसके बारे में बहुत कम चर्चा हुई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद उन्होंने इंतजार करने के बजाय खुद काम तलाशने की पहल की। उन्होंने मीडिया और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों से संपर्क किया और इसी प्रक्रिया के दौरान टीवी पर वापसी का रास्ता बना।
उनकी कहानी यह बताती है कि पेशेवर जीवन में सफलता और असफलता दोनों अस्थायी पड़ाव हो सकते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि परिस्थितियां बदलने पर व्यक्ति किस तरह नई शुरुआत करता है। स्मृति ईरानी ने भी राजनीति से मनोरंजन जगत तक अपने सफर में यही नया अध्याय शुरू किया है।

