जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की ली शपथ – जानिए उनका लक्ष्य

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Digital UP News

चंडीगढ़: जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ग्रहण कर ली है। उनके शपथ ग्रहण समारोह के दौरान न्यायपालिका से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री समारोह में शामिल नहीं हुए। जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार की ओर से पहले आपत्ति जताई जा चुकी है, जिसके चलते यह नियुक्ति चर्चा में रही है।

मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति न्यायिक प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनके सामने हाईकोर्ट के प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। वहीं, उनकी नियुक्ति को लेकर सामने आए विवाद के कारण इस पूरे मामले पर न्यायिक और राजनीतिक हलकों की नजर भी बनी हुई है।

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने ली शपथ

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की जिम्मेदारी संभालते हुए जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत शपथ ग्रहण की। इसके साथ ही उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया।

मुख्य न्यायाधीश का पद हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। न्यायिक मामलों की सुनवाई के साथ-साथ अदालत के प्रशासन, पीठों के गठन और न्यायिक कार्यों के सुचारु संचालन में मुख्य न्यायाधीश की अहम भूमिका रहती है।

इसलिए, जस्टिस मिश्रा के कार्यभार संभालने के बाद हाईकोर्ट के कामकाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर उनके नेतृत्व की भूमिका देखने को मिलेगी।

पंजाब सरकार ने जताई थी आपत्ति

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार ने पहले आपत्ति जताई थी। सरकार की ओर से यह कहा गया था कि उनकी नियुक्ति को मंजूरी देने से पहले उनकी उपयुक्तता को लेकर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार नहीं किया गया।

पंजाब सरकार का पक्ष था कि इस तरह की नियुक्ति प्रक्रिया में राज्य सरकार की राय पर भी विचार किया जाना चाहिए। इसी वजह से जस्टिस मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने के बाद सरकार की ओर से विरोध सामने आया।

हालांकि, नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी और जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ले ली है।

नियुक्ति के बाद भी जारी रहा विवाद

जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति के बाद पंजाब सरकार की आपत्ति का मामला सार्वजनिक चर्चा में आया। सरकार के रुख के बाद इस नियुक्ति को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।

दरअसल, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति न्यायिक व्यवस्था का अहम हिस्सा होती है। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर किसी भी पक्ष की आपत्ति चर्चा का विषय बन जाती है। हालांकि, इस मामले में नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जस्टिस मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है।

बार एसोसिएशन ने सरकार के विरोध की निंदा की

दूसरी ओर, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पंजाब सरकार द्वारा जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति का विरोध किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

बार एसोसिएशन ने बयान जारी कर राज्य सरकार के विरोध की निंदा की थी। एसोसिएशन की ओर से जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति के विरोध को लेकर असहमति जताई गई।

इस तरह एक तरफ जहां पंजाब सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति सामने रखी, वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सरकार के इस रुख की आलोचना की। इससे नियुक्ति का मुद्दा न्यायिक क्षेत्र के साथ-साथ सार्वजनिक चर्चा में भी रहा।

मुख्यमंत्री के समारोह में शामिल नहीं होने की चर्चा

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के शपथ ग्रहण समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री के शामिल नहीं होने की भी चर्चा रही। मुख्यमंत्री के समारोह में उपस्थित नहीं रहने को राज्य सरकार की पूर्व आपत्ति के संदर्भ में देखा जा रहा है।

हालांकि, मुख्यमंत्री के समारोह में शामिल न होने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं और इसकी आधिकारिक वजह स्पष्ट होने पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा। इसलिए इस पहलू को लेकर किसी भी तरह की अटकल से बचना जरूरी है।

अब न्यायिक जिम्मेदारियों पर रहेगा ध्यान

मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने के बाद अब जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के सामने हाईकोर्ट की न्यायिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां होंगी। अदालत में लंबित मामलों की सुनवाई, न्यायिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना और प्रशासनिक कामकाज का संचालन उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा।

इसके अलावा, हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए मुख्य न्यायाधीश की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में आने वाले समय में उनके नेतृत्व में अदालत के कामकाज से जुड़े फैसलों पर भी नजर रहेगी।

नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चर्चा जारी

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति से जुड़ा सबसे प्रमुख मुद्दा राज्य सरकार की आपत्ति रहा है। पंजाब सरकार ने नियुक्ति से पहले राज्य की प्रतिक्रिया पर विचार किए जाने की बात कही थी। वहीं, बार एसोसिएशन ने सरकार के विरोध की निंदा की।

फिलहाल, नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जस्टिस मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ले ली है। ऐसे में अब मुख्य ध्यान उनके न्यायिक कार्यकाल और हाईकोर्ट के प्रशासनिक संचालन पर रहेगा।

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेने के साथ ही उन्हें नई जिम्मेदारी मिल गई है। उनकी नियुक्ति से पहले पंजाब सरकार की ओर से आपत्ति जताई गई थी, जबकि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सरकार के विरोध की निंदा की थी।

अब शपथ ग्रहण के बाद न्यायिक व्यवस्था के सुचारु संचालन और लंबित मामलों के निस्तारण सहित अन्य न्यायिक प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित रहेगा। आने वाले समय में जस्टिस मिश्रा के नेतृत्व में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कामकाज पर सभी की नजर रहेगी।

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