मकनपुर-अरौल में दबंगों से परेशान युवक ने आत्मघाती कदम उठाने का किया प्रयास, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
रिपोर्ट- सुहैल अंसारी
कानपुर देहात। अरौल थाना क्षेत्र के रौगांव में दबंगों से कथित तौर पर परेशान एक युवक द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का मामला सामने आया है। युवक ने पेट्रोल डालकर खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, युवक का अस्पताल में उपचार चल रहा है और वह जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ दबंगों द्वारा युवक और उसके परिवार को लंबे समय से परेशान किया जा रहा था। बताया गया कि रुपए के लेनदेन को लेकर पहले भी विवाद हुआ था। इसी विवाद के दौरान आरोपियों द्वारा कथित रूप से युवक की मक्का की फसल काटने का प्रयास किया गया था। इसके अलावा युवक की स्कूटी भी छीन लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद का आरोप
परिजनों के मुताबिक, युवक और आरोपियों के बीच रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कहासुनी और तनाव की स्थिति बनी थी। परिवार का आरोप है कि दबंग पक्ष लगातार युवक पर दबाव बना रहा था।
इसी क्रम में युवक की मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस स्तर से पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
युवक की स्कूटी छीनने का भी आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान दबंगों ने युवक की स्कूटी भी अपने कब्जे में ले ली थी। परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद युवक और उसके परिजन मानसिक रूप से काफी परेशान थे।
परिजनों के अनुसार, लगातार विवाद और दबाव के बीच युवक के पिता आरोपियों के घर मामले को सुलझाने और अपने बेटे के साथ हो रही कथित ज्यादती को रोकने की गुहार लगाने पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि वहां उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया और उन्हें कथित तौर पर अपमानित करके वापस भेज दिया गया।
पिता की कथित बेइज्जती से आहत था युवक
परिजनों का कहना है कि पिता के साथ हुई कथित बेइज्जती की जानकारी मिलने के बाद युवक काफी आहत हो गया। परिवार के मुताबिक, युवक पहले से ही विवाद के कारण परेशान था और पिता के साथ हुई घटना के बाद उसकी परेशानी और बढ़ गई।
इसी मानसिक तनाव के बीच युवक ने पेट्रोल डालकर खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन और स्थानीय लोग तत्काल उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
हालांकि, युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गंभीर हालत में अस्पताल में चल रहा उपचार
घटना के बाद युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार, उसकी हालत गंभीर है और चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है। परिवार इस समय युवक के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है।
परिजनों का यह भी आरोप है कि दबंग पक्ष की ओर से युवक के इलाज के लिए किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं की गई है। परिवार का कहना है कि उपचार में होने वाले खर्च का भार उन्हें स्वयं उठाना पड़ रहा है।
आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप
पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि शिकायत और विवाद की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
परिवार का दावा है कि कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपियों के हौसले बढ़े हुए हैं और अब वे पीड़ित के परिजनों को कथित तौर पर धमकियां दे रहे हैं। परिजनों को आशंका है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो विवाद और बढ़ सकता है।
परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपों की गंभीरता से जांच करने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजर
मामला अरौल थाना क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण अब पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। घटना के पीछे के कारणों, रुपए के लेनदेन से जुड़े विवाद, फसल को नुकसान पहुंचाने के आरोप, स्कूटी छीने जाने और कथित धमकी जैसे सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।
किसी भी मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है। इसलिए पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही, यदि पीड़ित परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत दी गई है तो उसके आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
परिवार ने मांगी सुरक्षा
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद से वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। परिवार के अनुसार, कथित रूप से धमकियां मिलने के कारण उन्हें डर है कि उनके साथ कोई अप्रिय घटना न हो जाए।
ऐसे में परिवार ने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने युवक के बेहतर उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की है।
निष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाई
रौगांव की इस घटना ने गांव में कानून-व्यवस्था और आपसी विवादों के समाधान को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, फिलहाल सामने आई जानकारी मुख्य रूप से पीड़ित परिवार के आरोपों पर आधारित है। इसलिए पूरे मामले में पुलिस जांच और आधिकारिक पक्ष का सामने आना जरूरी है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि आरोपों में कोई तथ्य अलग निकलता है तो जांच के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

