लखनऊ में स्वाइन फ्लू के 7 नए मामले, एक्टिव मरीजों की संख्या 66 हुई
Digital UP News Desk
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहर में सात नए मरीजों की पुष्टि होने के बाद स्वाइन फ्लू के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। नए सामने आए मामलों में तीन मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि चार मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में होम आइसोलेशन में रखा गया है।
अस्पताल में भर्ती कराए गए तीन मरीजों में से दो को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक मरीज का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। वहीं, संक्रमण के नए मामलों के बीच मरीजों के स्वस्थ होने की जानकारी भी सामने आई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटे में SGPGI में भर्ती एक स्वाइन फ्लू मरीज के स्वस्थ होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इससे यह भी संकेत मिलता है कि नए मामलों के साथ-साथ मरीजों के ठीक होने का सिलसिला भी जारी है।
लखनऊ में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले
राजधानी में स्वाइन फ्लू के नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। सात नए मरीज मिलने के साथ एक्टिव मामलों की संख्या 66 तक पहुंच गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
इससे पहले शनिवार को भी जिले में स्वाइन फ्लू के 22 नए मरीज सामने आए थे। इनमें चार मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इसके बाद अब सात और नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और महत्वपूर्ण हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की स्थिति के आधार पर उपचार और आइसोलेशन की व्यवस्था की जा रही है। जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं है, उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में घर पर रहने की सलाह दी जा रही है।
तीन मरीज अस्पताल में भर्ती
नए सामने आए सात मामलों में तीन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें दो मरीजों का उपचार बलरामपुर अस्पताल में और एक मरीज का इलाज KGMU में किया जा रहा है।
वहीं, अन्य चार मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में होम आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि जिन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराया जाए।
दरअसल, स्वाइन फ्लू के मामलों में मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार और निगरानी की जरूरत तय की जाती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लेने और निर्धारित आइसोलेशन नियमों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
एक मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज
नए मामलों के बीच राहत की बात यह है कि SGPGI में भर्ती एक मरीज स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मरीज के स्वास्थ्य में सुधार के बाद चिकित्सकों ने उसे अस्पताल से छुट्टी देने का निर्णय लिया।
इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बताया गया है कि संक्रमण की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सलाह और उचित देखभाल महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही मरीजों को अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टरों की सलाह का पालन करना चाहिए।
इस प्रकार, जहां एक ओर नए मामलों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर इलाज के बाद मरीजों के स्वस्थ होने की प्रक्रिया भी जारी है।
सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच मुफ्त
लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि जिले में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा प्रमुख सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि संक्रमण से संबंधित लक्षण दिखाई देने या चिकित्सकीय जांच की आवश्यकता महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को जांच कराने में आर्थिक परेशानी नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य समय पर संदिग्ध और संक्रमित मरीजों की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना है।
सीएमओ के मुताबिक, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
निजी जांच केंद्रों के लिए शुल्क की सीमा तय
स्वास्थ्य विभाग ने निजी पैथोलॉजी और जांच केंद्रों को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। सीएमओ के अनुसार, निजी जांच केंद्र स्वाइन फ्लू की जांच के लिए मरीजों से 3,000 रुपये से अधिक शुल्क नहीं ले सकते।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को जांच के नाम पर अधिक आर्थिक बोझ से बचाना है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी जांच केंद्रों को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे में मरीज या उनके परिजन जांच कराने से पहले संबंधित केंद्र से शुल्क और जांच प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं। साथ ही किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।
आइसोलेशन प्रोटोकॉल का पालन जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित मरीजों से आइसोलेशन प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। इसका उद्देश्य संक्रमण के प्रसार की संभावना को कम करना है। होम आइसोलेशन में रखे गए मरीजों को डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
इसके अलावा मरीजों को विशेषज्ञों की सलाह के बिना दवाएं लेने से बचने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या या लक्षणों में बदलाव होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना महत्वपूर्ण बताया गया है।
वहीं, परिवार के अन्य सदस्यों को भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहने के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। व्यक्तिगत स्वच्छता और चिकित्सकीय निर्देशों का पालन संक्रमण नियंत्रण में मददगार हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से न घबराने की अपील की
लखनऊ में स्वाइन फ्लू के नए मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पैनिक न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार उन्हें अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
साथ ही सरकारी अस्पतालों में जांच की सुविधा मुफ्त होने और निजी जांच केंद्रों के लिए शुल्क सीमा निर्धारित किए जाने से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में स्वाइन फ्लू के सात नए मामले सामने आने के बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 66 हो गई है। तीन मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि चार मरीज होम आइसोलेशन में चिकित्सकीय निगरानी में हैं। दूसरी ओर, SGPGI से एक मरीज के स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।

