कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने की जनसुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
रिपोर्ट- विशाल मिश्रा
कानपुर देहात। जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित कर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई में जिले की अलग-अलग तहसीलों के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के तौर पर न किया जाए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जांच करते हुए उसका त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
फरियादियों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को दिए निर्देश
कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। लोगों ने प्रशासन से संबंधित विभिन्न मामलों में समाधान की अपेक्षा जताई। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतकर्ताओं की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रकरणों के निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लिया जाए। इसके साथ ही शिकायत को संबंधित विभाग में दर्ज कराते हुए उसकी नियमित निगरानी भी की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी फरियादी को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
निर्धारित समय सीमा में हो शिकायतों का निस्तारण
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया जाए। इसके बाद प्रत्येक मामले को संबंधित विभाग या अधिकारी को भेजते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। केवल कागजी कार्रवाई पूरी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। इसलिए संबंधित अधिकारी प्रकरण की पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करें और निस्तारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखें।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव है, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। वहीं, जिन मामलों में जांच या अन्य विभागों से समन्वय की आवश्यकता हो, उनमें भी अनावश्यक देरी न की जाए।
लापरवाही मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से चेताया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकरण में तय समय सीमा के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं की जाती है या शिकायत को लंबित रखने की स्थिति सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का समाधान करना है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाए और शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता के साथ काम करे।
उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के पास इस उम्मीद के साथ आती है कि उसकी बात सुनी जाएगी और उसे समाधान मिलेगा। ऐसे में अधिकारियों का दायित्व है कि वे शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें तथा उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखें।
शिकायतकर्ता को भी दी जाए प्रकरण की जानकारी
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने जनसुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरण की प्रगति के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवेदक को समय-समय पर उसके मामले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जाए।
उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि उसके प्रकरण पर क्या कार्रवाई हुई। ऐसी स्थिति से लोगों में असमंजस की स्थिति पैदा होती है। इसलिए संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतकर्ता को उसके आवेदन की स्थिति और उस पर की जा रही कार्रवाई के बारे में आवश्यक जानकारी समय-समय पर दी जाए।
इससे जहां शिकायतकर्ता को अपने मामले की प्रगति की जानकारी मिलेगी, वहीं प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
जनसुनवाई से मजबूत होगा जनता का विश्वास
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए अधिकारियों को सीधे लोगों की समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, नागरिक भी अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने सीधे रख सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को केवल एक आवेदन के रूप में न देखा जाए, बल्कि प्रत्येक मामले को जनहित से जुड़ा विषय मानकर कार्रवाई की जाए। इससे शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता बेहतर होगी और आमजन को प्रशासन की कार्यप्रणाली पर अधिक भरोसा होगा।
वर्तमान समय में प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसी दिशा में जनसुनवाई व्यवस्था नागरिकों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान पर जोर
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समाधान समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी मामले के निस्तारण से पहले उसके तथ्यों की सही तरीके से जांच की जाए, ताकि शिकायतकर्ता को उचित समाधान मिल सके।
इसके साथ ही अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान करना है। इसलिए सभी अधिकारी अपने स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएं।
प्रशासन और जनता के बीच संवाद का माध्यम है जनसुनवाई
कलेक्ट्रेट में आयोजित इस जनसुनवाई के माध्यम से जिलाधिकारी ने एक बार फिर अधिकारियों को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन तभी प्रभावी माना जाएगा, जब आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध हो।
जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याओं को सुनने के साथ ही संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, शिकायतों की प्रगति पर नजर रखने और आवेदकों को समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

