लखनऊ में सड़कें बनीं तालाब, बिजनौर में स्टेट हाईवे डूबा-पीलीभीत में दीवार गिरने से 5 दबे
Digital UP News Desk
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार सुबह से लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, गोंडा और बरेली समेत प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का दौर देखने को मिला। कई जगह तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ और सड़कें जलमग्न हो गईं। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश के 58 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह हुई तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की स्थिति सामने ला दी। करीब एक घंटे की बारिश के बाद कई प्रमुख और आंतरिक सड़कों पर पानी भर गया। देखते ही देखते सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। कई इलाकों में लोगों को जलभराव के बीच आवाजाही करनी पड़ी। स्कूल जाने वाले बच्चे भी पानी से भरी सड़कों से गुजरते दिखाई दिए।
लखनऊ में एक घंटे की बारिश से जलभराव
लखनऊ में सुबह अचानक तेज बारिश शुरू हुई। कुछ ही देर में शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा होने लगा। निचले इलाकों में स्थिति ज्यादा प्रभावित रही। सड़क पर जमा पानी के कारण पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा, कई जगह जलभराव के कारण यातायात की रफ्तार धीमी हो गई। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा। हालांकि, बारिश के बाद मौसम सुहावना हुआ और तापमान में भी राहत महसूस की गई।
बारिश के बीच सबसे ज्यादा चिंता स्कूल जाने वाले बच्चों को लेकर दिखाई दी। कई बच्चे पानी से भरी सड़कों से होकर स्कूल जाते नजर आए। इससे अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की जरूरत है।
बिजनौर में स्टेट हाईवे पर पानी
लखनऊ के अलावा बिजनौर में भी बारिश का असर देखने को मिला। तेज बारिश के बाद स्टेट हाईवे के कुछ हिस्सों पर पानी जमा हो गया। हाईवे पर जलभराव होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क पर पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को सावधानी से आगे बढ़ना पड़ा।
बारिश के दौरान हाईवे जैसे प्रमुख मार्गों पर जलभराव यातायात के लिए चुनौती बन सकता है। इसलिए प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। साथ ही, लोगों से भी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
पीलीभीत में दीवार गिरने से पांच लोग दबे
पीलीभीत में लगातार बारिश के बीच एक दीवार गिरने की घटना सामने आई है। हादसे में पांच लोगों के दबे होने की जानकारी मिली है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
लगातार बारिश के कारण कमजोर हो चुके पुराने मकानों और दीवारों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जर्जर भवनों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने की कोशिश की जा रही है।
15 जिलों में बारिश का दौर
सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। लखनऊ के साथ बाराबंकी, सीतापुर, गोंडा और बरेली समेत करीब 15 जिलों में तेज बारिश का असर देखने को मिला। अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग रही, लेकिन कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी।
मानसून के सक्रिय रहने के कारण आने वाले समय में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
58 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 58 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। अलर्ट के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां बढ़ाई जा रही हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, जल निकासी और राहत व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों, पुरानी दीवारों और जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी जरूरी है।
किसानों के लिए बारिश का मिला-जुला असर
मानसूनी बारिश का असर खेती पर भी पड़ रहा है। पर्याप्त बारिश से फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन लगातार और तेज बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने की समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।
विशेष रूप से जिन क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, वहां फसलों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। कृषि विभाग की स्थानीय सलाह के अनुसार कदम उठाने से किसानों को नुकसान कम करने में मदद मिल सकती है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
बारिश के बीच प्रशासन की ओर से लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं, बच्चों और बुजुर्गों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
इसके साथ ही बिजली के खंभों, खुले तारों और पुराने भवनों के आसपास जाने से बचना चाहिए। यदि किसी इलाके में पानी तेजी से बढ़ रहा हो तो स्थानीय प्रशासन की सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर होगा।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण कई जिलों में बारिश का दौर बना हुआ है। राजधानी लखनऊ में जलभराव से लेकर बिजनौर में स्टेट हाईवे पर पानी और पीलीभीत में दीवार गिरने की घटना ने प्रशासन के सामने चुनौतियां बढ़ा दी हैं। वहीं, 58 जिलों में अलर्ट के बाद लोगों को भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए जल निकासी, यातायात और राहत-बचाव व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

