मुंबई में APNIC 62: AI, साइबर सुरक्षा और भविष्य के इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर पर वैश्विक विशेषज्ञों का मंथन

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Digital UP News Desk

मुंबई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार के बीच सुरक्षित, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत लगातार बढ़ रही है। इसी महत्वपूर्ण विषय को लेकर मुंबई में APNIC 62 का आयोजन किया जा रहा है। इस वैश्विक सम्मेलन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र समेत दुनिया भर के 600 से अधिक इंटरनेट विशेषज्ञ, नीति निर्माता, नेटवर्क ऑपरेटर और तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

APNIC 62 का आयोजन नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISPAI) की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। वहीं, सम्मेलन का आयोजन एशिया पैसिफिक नेटवर्क इंफॉर्मेशन सेंटर (APNIC) द्वारा किया गया है।

AI और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते दबाव पर चर्चा

आज इंटरनेट केवल वेबसाइट खोलने या वीडियो देखने तक सीमित नहीं है। AI आधारित सेवाएं, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बढ़ता दबाव डाल रहे हैं। ऐसे में नेटवर्क की क्षमता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।

APNIC 62 में इन्हीं चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। सम्मेलन के दौरान AI-संचालित सेवाओं के लिए नेटवर्क की तैयारी, नेटवर्क संचालन, साइबर सुरक्षा, रूटिंग सुरक्षा और इंटरनेट से जुड़े तकनीकी ढांचे जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

इसके अलावा, विशेषज्ञ इस बात पर भी विचार करेंगे कि आने वाले वर्षों में इंटरनेट को अधिक सुरक्षित, लचीला और स्केलेबल कैसे बनाया जा सकता है। इसके लिए तकनीकी सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत के डिजिटल विस्तार को मिला वैश्विक मंच

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुशील पाल ने कहा कि भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के लगातार विस्तार के साथ सुरक्षित, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि APNIC 62 भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के तकनीकी समुदाय के साथ जुड़ने और अपने अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर देता है। साथ ही, सम्मेलन के माध्यम से एक खुले, समावेशी और भरोसेमंद इंटरनेट के लिए सहयोग को मजबूत किया जा सकता है।

कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन और महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है।

सुरक्षित और स्केलेबल इंटरनेट पर जोर

APNIC के महानिदेशक जिया रोंग लो ने कहा कि AI और अन्य तकनीकी एवं सामाजिक बदलाव उन नेटवर्क पर अभूतपूर्व दबाव डाल रहे हैं, जो आधुनिक अर्थव्यवस्था और समाज के लिए आधारभूत भूमिका निभाते हैं।

उनके अनुसार, APNIC 62 एशिया-प्रशांत क्षेत्र के इंटरनेट समुदाय को एक मंच पर लाकर साझा विशेषज्ञता को अधिक सुरक्षित, लचीले और स्केलेबल इंटरनेट के लिए व्यावहारिक कदमों में बदलने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने इंटरनेट प्रोटोकॉल वर्जन 6 यानी IPv6 को अपनाने में भारत की प्रगति को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, तकनीकी क्षमता, निवेश और सहयोग के बेहतर तालमेल से इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

NIXI ने बताई सम्मेलन की अहमियत

NIXI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देवेश त्यागी ने कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में मुंबई में APNIC 62 की मेजबानी करना NIXI के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन भारत के अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ साझा करने, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विशेषज्ञों से सीखने और सुरक्षित, मजबूत तथा समावेशी इंटरनेट के लिए आवश्यक सहयोग को बढ़ाने का मंच उपलब्ध कराता है।

वहीं, ISPAI के अध्यक्ष राजेश छारिया ने कहा कि विश्वसनीय, सुरक्षित और उच्च प्रदर्शन वाली कनेक्टिविटी की बढ़ती मांग को पूरा करने में भारत के इंटरनेट सेवा प्रदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उनके अनुसार, APNIC 62 के माध्यम से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के नेटवर्क ऑपरेटर अपने व्यावहारिक अनुभव साझा कर सकते हैं और तकनीकी सहयोग को और मजबूत कर सकते हैं। इससे भविष्य की डिजिटल जरूरतों के अनुरूप नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी।

AI नेटवर्क संचालन और साइबर सुरक्षा पर मुख्य भाषण

APNIC 62 के उद्घाटन समारोह में तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञ भी अपने विचार रखेंगे। लाइटस्टॉर्म ग्रुप के CEO और प्रबंध निदेशक अमाजित गुप्ता AI-संचालित नेटवर्क संचालन पर मुख्य भाषण देंगे।

इसके अलावा, JPCERT/CC की युकाको उचिडा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विश्वास और सहयोग की भूमिका पर अपना संबोधन देंगी। ऐसे समय में जब डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है, साइबर सुरक्षा को मजबूत करना इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर की अहम जरूरत बन गया है।

IPv6 और रूटिंग सुरक्षा को लेकर अहम समझौता

APNIC 62 के दौरान 8 सितंबर को NIXI और APNIC के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह समझौता इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर की दो महत्वपूर्ण तकनीकों—IPv6 और रूटिंग सुरक्षा—की तैनाती को बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

यह पहल भारत के इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और लचीलेपन को मजबूत करने के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक विकास में भी योगदान दे सकती है। इसके अलावा, IPv6 और रूटिंग सुरक्षा जैसी तकनीकों को बढ़ावा मिलने से इंटरनेट नेटवर्क को भविष्य की बढ़ती डिजिटल जरूरतों के लिए तैयार करने में सहायता मिलेगी।

4 से 10 सितंबर तक मुंबई में आयोजन

APNIC 62 का आयोजन 4 से 10 सितंबर 2026 तक मुंबई में किया जा रहा है। इस दौरान तकनीकी कार्यशालाएं, सम्मेलन सत्र, नीतिगत बैठकें और विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अधिक सुरक्षित और मजबूत इंटरनेट व्यवस्था के लिए तकनीकी सहयोग बढ़ाना है। साथ ही, इंटरनेट के विकास से जुड़े विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाकर भविष्य की चुनौतियों पर सामूहिक रूप से विचार करना भी सम्मेलन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

क्या है APNIC?

APNIC यानी Asia Pacific Network Information Centre एशिया-प्रशांत क्षेत्र में इंटरनेट नंबर संसाधनों के प्रबंधन से जुड़ा प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन है। यह क्षेत्र की 56 अर्थव्यवस्थाओं में इंटरनेट पते और नेटवर्क पहचानकर्ताओं जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों के प्रबंधन में भूमिका निभाता है।

सरल शब्दों में समझें तो इंटरनेट पर जब कोई वेबसाइट खोली जाती है, वीडियो स्ट्रीम किया जाता है या AI आधारित सेवा का इस्तेमाल किया जाता है, तो उसके पीछे कई तकनीकी संसाधन और नेटवर्क सिस्टम काम करते हैं। इन्हीं नेटवर्कों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और पहचान बनाए रखने में APNIC की महत्वपूर्ण भूमिका है।

APNIC छोटे सामुदायिक नेटवर्क से लेकर बड़े वैश्विक नेटवर्क प्रदाताओं तक हजारों संगठनों के साथ काम करता है। इसका उद्देश्य इंटरनेट को सुरक्षित, विश्वसनीय और लगातार विकसित होने वाली अंतरसंचालनीय प्रणाली के रूप में बनाए रखने में तकनीकी सहयोग करना है।

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