अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी के बाद भी चंपत राय की दखलंदाजी बरकरार, 34 CCTV लगाने के निर्देश

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Digital UP News Desk

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी चोरी की घटना के करीब ढाई महीने बाद पूर्व महासचिव चंपत राय रविवार को एक बार फिर मंदिर परिसर पहुंचे। ट्रस्ट में नई टीम के गठन और पद से विदाई के बाद मंदिर परिसर में उनकी सक्रिय मौजूदगी पहली बार सामने आई है। चंपत राय ने ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के साथ यात्री सेवा केंद्र पहुंचकर वहां तैनात 12 से अधिक कर्मचारियों के साथ करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की।

इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा, निगरानी और श्रद्धालुओं की आवाजाही से संबंधित व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद यात्री सेवा केंद्र, दर्शन मार्ग और निकास मार्ग के आसपास निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए 34 सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।

दरअसल, राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी चोरी की घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने का फैसला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पद से विदाई के बाद पहली बार दिखी सक्रियता

चंपत राय लंबे समय तक राम मंदिर से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों को संभालते रहे हैं। ट्रस्ट की नई टीम के गठन और नई नियुक्तियों के बाद उनकी औपचारिक भूमिका समाप्त हो गई है। हालांकि, रविवार को जिस तरह उन्होंने मंदिर परिसर में पहुंचकर कर्मचारियों के साथ लंबी बैठक की, उससे यह संकेत जरूर मिला कि मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनका अनुभव अब भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यात्री सेवा केंद्र में हुई बैठक करीब तीन घंटे चली। इस दौरान कर्मचारियों से व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली गई। साथ ही सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

हालांकि, चंपत राय की इस मौजूदगी को लेकर अलग-अलग चर्चाएं भी सामने आई हैं। एक कर्मचारी के मुताबिक, चंपत राय के कुछ मेहमान दक्षिण भारत से अयोध्या आए थे और वह उनसे मिलने के लिए यात्री सेवा केंद्र पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत भी की।

34 CCTV कैमरों से बढ़ेगी निगरानी

राम मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना बेहद महत्वपूर्ण है। मंदिर परिसर में अलग-अलग स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था पहले से मौजूद है। अब यात्री सेवा केंद्र, दर्शन मार्ग और निकास मार्ग के आसपास 34 अतिरिक्त कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ-साथ महत्वपूर्ण स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यवस्था से जुड़ी समस्या की स्थिति में सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए उपयोगी हो सकता है।

विशेष रूप से चढ़ावे की रकम से जुड़ी चोरी की घटना के बाद निगरानी व्यवस्था को लेकर अधिक सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे में कैमरों की संख्या बढ़ाने को सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

कैमरों की खरीद को लेकर भी दिए गए निर्देश

बैठक के दौरान सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर भी विशेष निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, कर्मचारियों से कहा गया कि सभी कैमरे किसी एक स्थान से न खरीदे जाएं। अलग-अलग स्थानों से कैमरों की खरीद किए जाने को लेकर भी चर्चा हुई।

इस निर्देश के पीछे उद्देश्य कैमरों की गुणवत्ता और कीमत की तुलना करना माना जा रहा है। हालांकि, कैमरों की खरीद से संबंधित अंतिम प्रक्रिया और इसके लिए अपनाई जाने वाली व्यवस्था के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मंदिर परिसर में सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही प्रवेश, दर्शन और निकास मार्गों पर निगरानी भी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने जताई अनभिज्ञता

चंपत राय के यात्री सेवा केंद्र पहुंचने और कर्मचारियों के साथ बैठक करने को लेकर राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

उनके बयान के बाद चंपत राय की रविवार की गतिविधि को लेकर चर्चाएं और बढ़ गई हैं। एक तरफ जहां कर्मचारियों के साथ उनकी करीब तीन घंटे की बैठक हुई, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट के एक प्रमुख सदस्य ने इसकी जानकारी होने से इनकार किया है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक का स्वरूप औपचारिक था या अनौपचारिक। इसी वजह से चंपत राय की इस यात्रा को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

नई टीम के बाद औपचारिक वापसी की संभावना कम

राम मंदिर ट्रस्ट में नई नियुक्तियों के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की औपचारिक वापसी की संभावनाएं लगभग समाप्त मानी जा रही हैं। इसके बावजूद मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों में चंपत राय की सक्रियता को उनके लंबे अनुभव से जोड़कर देखा जा रहा है।

राम मंदिर निर्माण से लेकर मंदिर की व्यवस्थाओं और विभिन्न चरणों में होने वाले कार्यों तक चंपत राय लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका में रहे हैं। इसलिए पद से अलग होने के बाद भी यदि किसी व्यवस्था को लेकर उनसे सलाह ली जाती है, तो इसे उनके अनुभव के इस्तेमाल के तौर पर देखा जा सकता है।

हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि उनकी रविवार की मौजूदगी किसी औपचारिक जिम्मेदारी या नई भूमिका का संकेत है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में ऐसी किसी नई नियुक्ति या औपचारिक जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं हुई है।

चोरी की घटना के बाद सुरक्षा पर बढ़ा जोर

राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी चोरी की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं, कर्मचारियों और अन्य लोगों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल लगातार बढ़ाया जा रहा है।

सीसीटीवी कैमरे इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए दर्शन और निकास मार्गों के आसपास अतिरिक्त कैमरे लगाए जाने का फैसला सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

इसके साथ ही कैमरों की खरीद को लेकर दिए गए निर्देश भी चर्चा में हैं। यदि अलग-अलग स्थानों से उपकरण खरीदने की व्यवस्था लागू होती है, तो इससे गुणवत्ता और लागत की तुलना करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

चंपत राय की मौजूदगी से उठे सवाल

पद से विदाई के बाद चंपत राय का मंदिर परिसर पहुंचना और कर्मचारियों के साथ लंबी चर्चा करना इसलिए चर्चा में है क्योंकि ट्रस्ट में अब नई टीम काम कर रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उनकी मौजूदगी केवल व्यक्तिगत कारणों से थी या मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर भी उनसे सलाह ली जा रही है।

एक कर्मचारी के अनुसार, चंपत राय अपने दक्षिण भारत से आए मेहमानों से मिलने के लिए यात्री सेवा केंद्र पहुंचे थे। वहीं, इसी दौरान उन्होंने कर्मचारियों से व्यवस्थाओं पर चर्चा की और सीसीटीवी कैमरों को लेकर निर्देश दिए।

फिलहाल ट्रस्ट की ओर से उनकी इस यात्रा को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इस घटनाक्रम को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना उचित होगा।

कुल मिलाकर, राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी चोरी की घटना के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद जारी है। 34 नए सीसीटीवी कैमरों के निर्देश इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। वहीं, नई टीम के गठन के बाद चंपत राय की मंदिर परिसर में सक्रिय मौजूदगी ने इस घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में ट्रस्ट की ओर से यदि इस बैठक और नई निगरानी व्यवस्था को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने आती है, तो तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।