सपा विधायक अतुल प्रधान हाउस अरेस्ट, सहारनपुर जाते समय पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
Digital UP News Desk
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इसी बीच सहारनपुर जाने की कोशिश कर रहे समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान को मेरठ पुलिस ने उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद विधायक के समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
जानकारी के मुताबिक, अतुल प्रधान सहारनपुर जाने की तैयारी में थे। वह अपने आवास से कार में सवार होकर निकलने वाले थे। इसी दौरान पुलिस ने उनके घर के बाहर अपनी जीप खड़ी कर दी और उन्हें आगे जाने से रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विधायक और उनके समर्थकों ने विरोध जताया।
सहारनपुर जाने से पुलिस ने रोका
सपा विधायक अतुल प्रधान ने सहारनपुर पहुंचकर वहां की स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित लोगों से मिलने की बात कही थी। हालांकि, उनके सहारनपुर जाने से पहले ही मेरठ पुलिस सक्रिय हो गई। विधायक जैसे ही अपने घर से कार लेकर निकलने लगे, पुलिस ने रास्ते में वाहन खड़ा कर दिया।
इसके बाद विधायक और पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत हुई। पुलिस की ओर से उन्हें आगे नहीं जाने के लिए कहा गया। वहीं, अतुल प्रधान ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से क्यों रोका जा रहा है।
इसी दौरान मौके पर मौजूद समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच भी बहस हो गई। वीडियो में समर्थकों की पुलिसकर्मियों से बातचीत और विरोध के दृश्य सामने आने की बात कही जा रही है। एक समर्थक ने दरोगा से यह तक कह दिया कि वह उन्हें घूर क्यों रहे हैं। हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस और सपा की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं।
मस्जिद ढहाए जाने के बाद बढ़ी सियासी हलचल
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने की घटना के बाद राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं। इसी क्रम में अतुल प्रधान भी सहारनपुर जाने की कोशिश कर रहे थे।
विधायक का कहना है कि किसी भी विवादित या संवेदनशील मामले में प्रशासन को पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। उनका उद्देश्य मौके पर जाकर स्थिति को समझना और संबंधित लोगों से बातचीत करना बताया गया है।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का प्रयास संवेदनशील परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का है। ऐसे में पुलिस ने अतुल प्रधान को सहारनपुर जाने से पहले ही रोक दिया।
हाउस अरेस्ट के बाद समर्थकों में नाराजगी
अतुल प्रधान को हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई। समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। विधायक के आवास के बाहर कुछ समय तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
विधायक के समर्थकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि को किसी घटना की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मौके पर जाने से रोकना उचित नहीं है। वहीं, प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही जा रही है।
दरअसल, किसी भी संवेदनशील मामले के बाद राजनीतिक नेताओं के घटनास्थल पर पहुंचने से कई बार राजनीतिक गतिविधियां तेज हो जाती हैं। ऐसे में प्रशासन पहले से ही एहतियाती कदम उठाता है। सहारनपुर के मौजूदा मामले में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है।
पुलिस से हुई नोकझोंक
अतुल प्रधान को रोकने के दौरान पुलिस और उनके समर्थकों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी। विधायक के घर से बाहर निकलने के प्रयास के दौरान पुलिस वाहन को रास्ते में खड़ा किया गया था। इसके बाद दोनों पक्षों में बहस हुई।
मौके पर मौजूद एक समर्थक और दरोगा के बीच बातचीत भी चर्चा में रही। समर्थक ने दरोगा से कहा कि वह उसे घूर क्यों रहे हैं। इसके बाद माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अतुल प्रधान का सहारनपुर जाना संभव नहीं हो सका। उन्हें उनके आवास पर ही रोक दिया गया।
विपक्ष के लिए बना राजनीतिक मुद्दा
सहारनपुर की घटना अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, सत्तापक्ष और प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
अतुल प्रधान का हाउस अरेस्ट भी इसी राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा माना जा रहा है। सपा विधायक पहले भी कई स्थानीय और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। ऐसे में सहारनपुर जाने से रोकने की कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
हालांकि, पूरे मामले में अंतिम स्थिति प्रशासन और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के चलते अतुल प्रधान सहारनपुर नहीं पहुंच सके हैं।
आगे क्या होगा?
सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने की घटना के बाद अब सभी की नजर प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों पर है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
वहीं, अतुल प्रधान के हाउस अरेस्ट के बाद सपा की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी। यदि विपक्षी नेताओं की सहारनपुर जाने की कोशिशें जारी रहती हैं, तो प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ राजनीतिक गतिविधियों को संभालने की चुनौती भी होगी।
फिलहाल मेरठ में अतुल प्रधान को उनके आवास पर रोके जाने और सहारनपुर जाने से रोकने की कार्रवाई ने प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर बयानबाजी और राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

