एटा में बैंक कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल, 5 दिवसीय कार्य प्रणाली लागू करने की मांग
रिपोर्ट- नन्द कुमार
एटा। जिले में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य प्रणाली लागू करने की मांग को लेकर एक दिवसीय हड़ताल की। बैंक कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से कचहरी के समीप केनरा बैंक के पास एकत्र होकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान विभिन्न सरकारी बैंकों से जुड़े दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने को लेकर सरकार और बैंकिंग संगठनों के बीच हुई वार्ता में अपेक्षित समाधान नहीं निकल सका, जिसके बाद बैंक कर्मचारियों ने देशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया।
बैंक कर्मचारियों ने यह प्रदर्शन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने सहित अपनी अन्य मांगों को प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान कार्य प्रणाली में उन्हें सप्ताह में अतिरिक्त कार्यदिवसों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लंबे समय से पांच दिन काम और दो दिन अवकाश की व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है।
वार्ता विफल होने के बाद हड़ताल का फैसला
बैंक कर्मचारियों के संगठन के जिला सचिव प्रशांत कुमार ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू कराने की मांग को लेकर लंबे समय से बैंक कर्मचारी और उनके संगठन प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और बैंकिंग संगठनों के बीच इस मुद्दे पर पहले भी बातचीत हुई थी। हालांकि, कर्मचारियों के अनुसार बातचीत के बावजूद मांग पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
प्रशांत कुमार के मुताबिक, 8 मार्च 2024 को बैंक रिवीजन के दौरान सरकार और बैंकिंग यूनियनों के बीच द्विपक्षीय समझौता हुआ था। उस समय कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि आगामी छह महीने के भीतर पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, संगठन का कहना है कि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
इसी मुद्दे को लेकर बैंक कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है। इसके बाद सितंबर में भी सरकार और बैंकिंग संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। कर्मचारियों के अनुसार 9 सितंबर को हुई बैठक में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA), श्रम विभाग से जुड़े अधिकारी, श्रम आयुक्त तथा यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संगठन का दावा है कि इस बैठक में भी कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद बैंक कर्मचारियों ने देशव्यापी प्रदर्शन और हड़ताल का रास्ता अपनाया।
पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली की मांग
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि बैंकों में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग कार्य और दो दिन अवकाश की व्यवस्था लागू होती है तो कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सकता है। साथ ही, कर्मचारियों के अनुसार इससे बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को अपने पारिवारिक और व्यक्तिगत दायित्वों के लिए भी पर्याप्त समय मिल सकेगा।
हालांकि, बैंकिंग सेवाएं आवश्यक सेवाओं से जुड़ी होने के कारण कर्मचारियों की कार्य प्रणाली का सीधा असर ग्राहकों पर भी पड़ता है। ऐसे में किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार, बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति जरूरी मानी जाती है।
पीएलआई व्यवस्था पर भी कर्मचारियों ने जताई नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने कथित तौर पर बैंकों में लागू की गई भेदभावपूर्ण पीएलआई (Performance Linked Incentive) व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन और प्रोत्साहन से संबंधित व्यवस्थाओं में समानता और पारदर्शिता होनी चाहिए।
संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियां तैयार की जानी चाहिए। उनका कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार किया जाना आवश्यक है, ताकि बैंकिंग व्यवस्था के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों का भी संतुलन बना रहे।
कई सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल
एटा में हुए प्रदर्शन के दौरान विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़े कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। इनमें यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), ग्रामीण बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक सहित अन्य बैंक कर्मचारियों के शामिल होने की जानकारी दी गई।
कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान एकजुटता का संदेश देते हुए अपनी मांगों को दोहराया। उनका कहना था कि पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली केवल एक बैंक या किसी एक कर्मचारी संगठन की मांग नहीं है, बल्कि इसे लेकर बैंकिंग क्षेत्र के विभिन्न कर्मचारी संगठन लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं।
कचहरी के पास किया प्रदर्शन
एटा में बैंक कर्मचारियों ने कचहरी के समीप केनरा बैंक के पास एकत्र होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक संगठन स्तर पर आंदोलन जारी रखने के संबंध में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
एक दिवसीय हड़ताल के कारण संबंधित बैंकों की शाखाओं में नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना रही। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य ऑनलाइन सेवाओं पर इसका प्रभाव अलग-अलग सेवाओं और संबंधित बैंक की व्यवस्था पर निर्भर करता है।
बैंक कर्मचारियों ने सरकार से समाधान की मांग की
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार और बैंकिंग संगठनों के समक्ष पहले भी अपना पक्ष रख चुके हैं। इसके बावजूद जब वार्ता से कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका तो कर्मचारियों को हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा।
वहीं, कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के मुद्दे पर जल्द निर्णय लिया जाए। इसके अलावा पीएलआई से जुड़े कर्मचारियों के मुद्दों पर भी विचार किया जाए। संगठन का कहना है कि बैंक कर्मचारियों और बैंक प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय से ही बैंकिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रदर्शन के दौरान हेमंत कुमार, राहुल चौहान, अवधेश कुमार, एसके वर्मा, अभिषेक शाक्य, उमेश यादव, अंकित यादव और विकास शंखधर सहित दर्जनों बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।

