एटाःबाला जी क्रिकेट एकेडमी में यूथ प्रीमियर लीग का ट्रायल, 110 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
रिपोर्ट – नन्द कुमार
एटा। एटा जिले के अलीगंज रोड स्थित बाला जी क्रिकेट एकेडमी में युवा क्रिकेट प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का शानदार अवसर मिला। यहां वृंदावन क्रिकेट एकेडमी की ओर से यूथ प्रीमियर लीग (YPL) के लिए खिलाड़ियों का ट्रायल आयोजित किया गया। ट्रायल में अलग-अलग उम्र के करीब 110 युवा क्रिकेटरों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अपना कौशल दिखाया। ट्रायल के आधार पर करीब 60 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया जाना है।
चयनित खिलाड़ियों को आगामी दिनों में वृंदावन में आयोजित होने वाली डे-नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में खेलने का अवसर मिलेगा। आयोजकों के अनुसार चयनित खिलाड़ियों की सूची ट्रायल के करीब दो दिन बाद जारी की जाएगी। इसके बाद चयनित खिलाड़ी प्रतियोगिता की तैयारियों में जुटेंगे।
बल्लेबाजी और गेंदबाजी का हुआ ट्रायल
बाला जी क्रिकेट एकेडमी में आयोजित ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों की बल्लेबाजी और गेंदबाजी क्षमता को परखा गया। वृंदावन क्रिकेट एकेडमी के कोच लोकेश तोमर और बाला जी क्रिकेट एकेडमी के कोच रवि यादव ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का बारीकी से मूल्यांकन किया।
ट्रायल में पहुंचे खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। किसी खिलाड़ी ने बल्लेबाजी में अपने शॉट्स से प्रभावित किया तो किसी ने गेंदबाजी में अपनी लाइन और लेंथ से कोचों का ध्यान खींचा। चयन प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे खिलाड़ियों को सामने लाना है, जिन्हें बड़े स्तर पर खेलने का अवसर मिल सके।
आयोजकों ने बताया कि ट्रायल के बाद लगभग 60 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इन खिलाड़ियों को वृंदावन में होने वाली यूथ प्रीमियर लीग में शामिल किया जाएगा। इस तरह एटा और आसपास के क्षेत्रों में क्रिकेट का अभ्यास कर रहे युवाओं को प्रतिस्पर्धी मंच मिलने की उम्मीद है।
टी-20 के दौर में 50 ओवर के क्रिकेट पर जोर
यूथ प्रीमियर लीग की खास बात यह है कि इसमें खिलाड़ियों को 50-50 ओवर के क्रिकेट मैचों का अनुभव मिलेगा। मौजूदा समय में युवा क्रिकेटरों का रुझान टी-20 क्रिकेट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में आयोजकों का मानना है कि 50 ओवर का प्रारूप खिलाड़ियों को लंबे समय तक मैदान पर टिककर खेलने और खेल की परिस्थितियों को समझने का अवसर देता है।
इस मौके पर हिमांशु सिंह ने बताया कि वृंदावन क्रिकेट एकेडमी की ओर से यूथ प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एटा में ट्रायल आयोजित कराने का उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को भी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में अधिकतर बच्चे टी-20 क्रिकेट की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जबकि क्रिकेट में लंबे प्रारूप का अनुभव भी बेहद जरूरी है। 50 ओवर के मैचों में खिलाड़ियों को धैर्य, रणनीति और लगातार प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित करने का मौका मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि लैदर बॉल क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में बाला जी क्रिकेट एकेडमी का प्रयास महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक रवि यादव के प्रयासों से क्षेत्र में लैदर बॉल क्रिकेट को नई ऊर्जा मिली है और पुराने क्रिकेटरों के साथ-साथ युवा खिलाड़ी भी इससे जुड़ रहे हैं।
यूथ प्रीमियर लीग का दूसरा संस्करण
वृंदावन क्रिकेट एकेडमी के कोच लोकेश तोमर ने बताया कि यूथ प्रीमियर लीग का यह दूसरा संस्करण है। प्रतियोगिता का आयोजन वृंदावन में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस लीग में करीब 14, 16 और 19 वर्ष तक की आयु के खिलाड़ी प्रतिभाग कर सकेंगे।
आयोजकों का लक्ष्य अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक प्रतियोगिता के मैच आयोजित कराने का है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर ट्रायल कराकर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को टीमों में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
लोकेश तोमर ने कहा कि एटा में बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी क्रिकेट खेलने के लिए आगे आ रहे हैं। यहां प्रतिभा की कमी नहीं है। इसलिए एटा में ट्रायल रखा गया, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को भी बड़े मंच पर खेलने का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि छोटे शहरों और कस्बों में कई ऐसे खिलाड़ी होते हैं, जिन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे में इस प्रकार की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। उन्हें बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलने, कोचिंग लेने और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का अनुभव प्राप्त करने का मौका मिलता है।
डे-नाइट क्रिकेट में दिखेगा खिलाड़ियों का हुनर
ट्रायल में चयनित होने वाले खिलाड़ियों को वृंदावन में आयोजित डे-नाइट क्रिकेट मुकाबलों में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। यहां 50-50 ओवर के मैच खेले जाएंगे। इससे युवा क्रिकेटरों को लंबे प्रारूप में अपनी क्षमता साबित करने का मंच मिलेगा।
खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव इसलिए भी अहम है क्योंकि क्लब और एकेडमी स्तर पर होने वाले ऐसे मुकाबले उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करते हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों को मैच की परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी और गेंदबाजी की रणनीति बनाने का भी अनुभव प्राप्त होता है।
आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल मैच कराना नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों को व्यवस्थित तरीके से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का अनुभव देना है। इसके माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, जो आने वाले समय में जिला, मंडल और उससे आगे के स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
एटा के खिलाड़ियों के लिए बढ़ा अवसर
एटा में यूथ प्रीमियर लीग के ट्रायल का आयोजन स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में बड़ी संख्या में बच्चे और युवा क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्हें अक्सर बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में सीधे खेलने का अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे में स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले ट्रायल और प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का रास्ता प्रदान करती हैं।
वहीं, बाला जी क्रिकेट एकेडमी द्वारा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। कोच रवि यादव के मार्गदर्शन में युवा खिलाड़ी नियमित रूप से क्रिकेट की बारीकियां सीख रहे हैं।
इस आयोजन से स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में भी उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों के अभिभावक और क्रिकेट से जुड़े लोग भी ट्रायल को लेकर उत्साहित नजर आए। सभी को उम्मीद है कि एटा से चयनित होने वाले खिलाड़ी वृंदावन में अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
कई पदाधिकारी और क्रिकेट से जुड़े लोग रहे मौजूद
यूथ प्रीमियर लीग के ट्रायल के दौरान क्रिकेट से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। इनमें हिमांशु अमित, लोकेश तोमर, रवि यादव, सौरभ कुमार और सुधीर यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया

