बांदा में पूर्व विधायक राजकरन कबीर ने सीएम योगी से मांगा न्याय, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
रिपोर्ट- दीपक पाण्डेय
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बीती रात हुए विवाद का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। नरैनी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता राजकरन कबीर ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग की है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद प्रशासन की ओर से मामले को लेकर लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है और उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला बांदा शहर के कालूकुआं रोड से जुड़ा है। बीती रात लखनऊ से लौट रहे पूर्व विधायक राजकरन कबीर, उनकी पत्नी और ब्लॉक प्रमुख के साथ कुछ युवकों से साइड मांगने को लेकर विवाद हो गया था। इसी दौरान पूर्व विधायक की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज किए जाने की बात सामने आई है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
साइड मांगने को लेकर हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक राजकरन कबीर अपनी पत्नी और ब्लॉक प्रमुख के साथ लखनऊ से वापस अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान कालूकुआं रोड पर कुछ युवकों के साथ वाहन को साइड देने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और पूर्व विधायक की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
सुरक्षा कर्मी ने शहर कोतवाली में दी तहरीर
घटना के बाद पूर्व विधायक के सुरक्षा कर्मी की ओर से रात में ही बांदा की शहर कोतवाली में तहरीर दिए जाने की बात सामने आई है। तहरीर में घटना से संबंधित आरोपों का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं, मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक की ओर से भी कार्रवाई किए जाने का बयान जारी किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।
ऐसे में अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। क्योंकि मामला एक पूर्व विधायक की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी से जुड़े विवाद का है, इसलिए प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
पूर्व विधायक ने सोशल मीडिया पर उठाई आवाज
घटना के बाद भाजपा के पूर्व विधायक राजकरन कबीर ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग की। उन्होंने अपने संदेश में घटना को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मामले को दबाने अथवा समझौते की दिशा में ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व विधायक का कहना है कि घटना के बाद उन पर दबाव बनाकर समझौता करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।
राजकरन कबीर की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से लगाए गए सभी आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
संयम से टली बड़ी स्थिति
घटना को लेकर पूर्व विधायक पक्ष की ओर से यह भी कहा गया है कि उन्होंने और उनके सुरक्षा कर्मी ने संयम से काम लिया। उनका दावा है कि यदि उस समय स्थिति को संभालने में संयम नहीं बरता जाता तो विवाद और अधिक बढ़ सकता था।
हालांकि, पूरे मामले में वास्तविक स्थिति क्या थी और विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए किसी भी पक्ष के आरोपों को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय जांच के परिणाम का इंतजार करना जरूरी है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा
घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का ध्यान इस मामले की ओर गया। वीडियो में विवाद की स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
फिर भी, सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो की सत्यता और उसके पूरे संदर्भ की पुष्टि जांच के बिना नहीं की जा सकती। इसलिए पुलिस द्वारा उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तहरीर में लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच किए जाने की संभावना है।
पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजर
इस मामले में पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करने की है। तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस को घटना से जुड़े तथ्यों, वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करनी होगी।
अपर पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक की ओर से कार्रवाई का बयान जारी किए जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। वहीं, पूर्व विधायक द्वारा मुख्यमंत्री से सीधे न्याय की मांग किए जाने के बाद प्रशासन पर भी निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ गया है।
पूर्व विधायक के आरोपों से गरमाया मामला
राजकरन कबीर का यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह नरैनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और भाजपा से जुड़े प्रमुख स्थानीय राजनीतिक चेहरों में शामिल रहे हैं। घटना में उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी के साथ विवाद होने के कारण मामला सामान्य विवाद से अलग महत्व रखता है।
पूर्व विधायक ने प्रशासन पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही, उन्होंने समझौते के लिए दबाव बनाए जाने की बात भी कही है। अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

