लखीमपुर खीरी में अवैध शराब के खिलाफ 10 दिन का विशेष अभियान, सात संयुक्त टीमें करेंगी कार्रवाई
रिपोर्ट- शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन ने विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू करने की तैयारी की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 8 से 17 सितंबर 2026 तक 10 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जिले की सातों तहसीलों में प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त प्रवर्तन टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, तस्करी और भंडारण के साथ-साथ शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग और स्टॉक से जुड़ी अनियमितताओं की भी जांच करेंगी।
प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध शराब के अड्डों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि पूरे जिले में शराब के अवैध कारोबार की संभावित गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी स्थापित करना भी है। इसके लिए तहसील स्तर पर अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। साथ ही, संदिग्ध स्थानों और वाहनों की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सातों तहसीलों में गठित की गईं संयुक्त टीमें
विशेष अभियान के लिए जिले की सभी सात तहसीलों में अलग-अलग संयुक्त प्रवर्तन टीमें बनाई गई हैं। सदर तहसील में उप जिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी सदर और आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 को जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार मोहम्मदी तहसील में एसडीएम मोहम्मदी, सीओ मोहम्मदी और आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 मोहम्मदी-खीरी की टीम कार्रवाई करेगी।
निघासन में एसडीएम निघासन, सीओ निघासन और आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3 निघासन को अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। पलिया तहसील में एसडीएम पलिया, सीओ पलिया और आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-4 पलिया-खीरी संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे।
इसके अलावा गोला तहसील में एसडीएम गोला, सीओ गोला और आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-5 गोला-खीरी की टीम गठित की गई है। मितौली में एसडीएम मितौली, सीओ मितौली और आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-6 मितौली-खीरी अभियान संभालेंगे। वहीं धौरहरा तहसील में एसडीएम धौरहरा, सीओ धौरहरा और आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-7 धौरहरा-खीरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस व्यवस्था के जरिए प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा।
अवैध शराब के पुराने मामलों में शामिल लोगों पर रहेगी नजर
अभियान के दौरान उन लोगों की भी सूची तैयार कर जांच की जाएगी, जो पहले से अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त रहे हैं। प्रशासन ऐसे संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने की तैयारी में है।
यदि जांच में किसी व्यक्ति की अवैध शराब के कारोबार में संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता के अनुसार संबंधित आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।
इससे पहले अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मामलों में शामिल लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी, ताकि अभियान के दौरान कार्रवाई अधिक प्रभावी तरीके से की जा सके।
जंगल और सुनसान इलाकों में भी होगी निगरानी
अवैध शराब के निर्माण और भंडारण की आशंका वाले स्थानों को भी अभियान के दौरान जांच के दायरे में रखा जाएगा। इसके लिए जंगल, नदी किनारे, निर्जन स्थान और दूरस्थ इलाकों में स्थित संभावित ठिकानों की निगरानी की जाएगी।
प्रशासन की ओर से जरूरत पड़ने पर तकनीक का इस्तेमाल करने की भी तैयारी है। संदिग्ध स्थानों की निगरानी और जांच के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा ऐसे इलाकों में अचानक निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
वहीं, अवैध शराब की आवाजाही रोकने के लिए संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग की जाएगी। हाईवे और राज्य मार्गों के किनारे स्थित ढाबों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इन स्थानों पर अवैध शराब की बिक्री या परिवहन से जुड़ी गतिविधियों की संभावना को देखते हुए जांच जरूरी है।
शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग की भी जांच
विशेष प्रवर्तन अभियान केवल अवैध शराब के निर्माण और तस्करी तक सीमित नहीं रहेगा। जिले की लाइसेंसी शराब की दुकानों, मॉडल शॉप और कैंटीनों की भी जांच की जाएगी।
यदि किसी दुकान से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने की शिकायत मिलती है, तो संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करेगी। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता और अनुज्ञापन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा शराब की बिक्री में निर्धारित नियमों के पालन की भी जांच होगी। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि उपभोक्ताओं को निर्धारित दर पर ही शराब उपलब्ध हो और लाइसेंसी दुकानों पर तय नियमों के अनुसार बिक्री की जाए।
स्टॉक, बार कोड और क्यूआर कोड की होगी जांच
अभियान के दौरान शराब की दुकानों के स्टॉक का भी मिलान किया जाएगा। अधिकारियों की टीमें उपलब्ध स्टॉक और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेंगी। साथ ही बोतलों पर मौजूद बार कोड और क्यूआर कोड की भी सघनता से जांच की जाएगी।
इसके साथ ही दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और उनकी रियल टाइम मॉनिटरिंग को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य दुकानों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी को मजबूत करना है।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि लाइसेंसी दुकानों पर नियमों का पालन हो और किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
मुखबिर तंत्र को किया जाएगा सक्रिय
अवैध शराब के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के लिए अभियान के दौरान मुखबिर तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एकत्र करने और संबंधित विभागों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
इसके अलावा प्रशासन की ओर से लोगों से भी अपील की जाएगी कि वे अवैध शराब के निर्माण, बिक्री या भंडारण से जुड़ी जानकारी संबंधित विभाग को दें। इसके लिए शासन स्तर पर जारी टोल फ्री नंबर 14405 और व्हाट्सऐप नंबर 9454466019 का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

